गुरु बिन ज्ञान न होता, गुरु बिन मिल न पात गुरु है ज्ञान का सागर, गुरु है भव्य विधाता ! Happy Guru Purnima !
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को गुरु पूर्णिमा का त्योहार मनाया जाता है। इस दिन को व्यास पूर्णिमा और व्यास जयंती के नाम से भी जाना जाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन अपने माता-पिता और बड़े बुजुर्गों के साथ ही गुरु का आशीर्वाद लेने का बड़ा महत्व है।
गुरु ही गोविंदा का ज्ञान करते हैं। गुरु ही अंधकार से उजाले की तरफ ले जाते हैं। गुरु सिर्फ शिक्षक नहीं होते, जीवन पद के मार्गदर्शक भी होते हैं। बिना गुरु के कुछ भी संभव नहीं है। यह दिन गुरु के प्रति कृतार्थ व्यक्त करने का है। इस दिन आप बृहस्पति बीज मंत्र 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' का 108 बार जाप करें। साथ ही इस दिन आप अपने गुरु को यथाशक्ति दान-दक्षिणा दें।
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