रेनालिक्स ने दुनिया की पहली स्वदेशी एआई आधारित स्मार्ट हीमोडायलिसिस मशीन उतारा

रेनालिक्स ने दुनिया की पहली स्वदेशी एआई आधारित स्मार्ट हीमोडायलिसिस मशीन उतारा

किडनी (रेनल) केयर सेक्टर की देश की अग्रणी प्रौद्योगिकीय नवाचार (टेक्नोलॉजी इनोवेशन) कंपनी रेनालिक्स हेल्थ सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड ने दुनिया की पहली पूरी तरह से स्वदेशी, एआई आधारित और क्लाउड सक्षम हीमोडायलिसिस मशीन रेनालिक्स - आरएक्सटी 21 लॉन्च की है। इस मशीन के जरिए कहीं से रियल टाइम मॉनिटरिंग हो सकती है। इसके साथ ही यह क्लीनिकल कनेक्टिविटी जैसी सुविधाओं से भी लैस है। 6.70 लाख रुपये की शुरुआती कीमत के साथ आयातित मशीनों की तुलना में काफी कम मूल्य पर उपलब्ध रेनालिक्स - आरएक्सटी 21 डायलिसिस सुविधा को बड़ी आबादी के लिए किफायती और सुलभ बनाने के साथ-साथ शहरी, अर्ध-शहरी (सेमी-अर्बन) और ग्रामीण इलाकों में मांग और आपूर्ति के बीच के अंतर को पाट देगी।

पूरी तरह से भारत में डिजाइन की गई और विनिर्मित रेनालिक्स - आरएक्सटी 21 किडनी के मरीजों, एंड-स्टेज रेनल डिजीज (ईएसआरडी) मरीजों और खासकर दिल (हार्ट), फेफड़ों और किडनी में गंभीर चोट से जुड़ी जटिलताओं वाले मरीजों को सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण देखभाल (क्वालिटी केयर) उपलब्ध कराने के लिए क्लाउड-आधारित टेलीनेफ्रोलॉजी प्लेटफॉर्म सहित अन्य नवीनतम प्रौद्योगिकी (लेटेस्ट टेक्नोलॉजीज) का इस्तेमाल करती है।

रेनालिक्स - आरएक्सटी 21 ने रेनालिक्स को यूरोपीय यूनियन (ईयू) सीई सर्टिफिकेशन वाली एडवांस्ड डायलिसिस मशीन बनाने वाली दुनिया की छठी और भारत की पहली कंपनी बना दिया है।
आरएक्सटी 21 के लॉन्च को लेकर रेनालिक्स हेल्थ सिस्टम्स के संस्थापक (फाउंडर) और निदेशक (डायरेक्टर) डॉक्टर श्याम वासुदेव राय ने कहा, हमारी अत्याधुनिक हेमोडायलिसिस मशीन डायलिसिस सुविधा को सस्ती और सुलभ बनाकर किडनी केयर (रेनल केयर) के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इससे देश में किडनी हेल्थकेयर से जुड़ेइन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी।

 डायलिसिस सुविधा को मरीजों के घर के पास लाकर, आरएक्सटी 21 क्रॉनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) और एंड-स्टेज रेनल डिजीज (ईएसआरडी) मरीजों की बढ़ती संख्या से जुड़ी समस्या का समाधान करेंगे। अपने देश में विकसित हमारी हीमोडायलिसिस मशीन डायलिसिस के खर्च कम करने में बड़े बदलाव लाने वाली भूमिका निभाएगी और इसका हेल्थकेयर सेक्टर पर बेहतर असर देखने को मिलेगा। आगे आने वाले समय में हमारी योजना अपनी विनिर्माण क्षमता को बढ़ाने और आयातित मशीनों की तुलना में आरएक्सटी 21 की स्वामित्व की कुल लागत को 40 प्रतिशत तक कम करने की है। हमारी योजना अगले तीन वर्षों में एक घरेलू डायलिसिस मॉडल समेत तकनीकी दृष्टि से उन्नत (एडवांस्ड) मशीनों की एक विस्तृत रेंज विकसित करने की है. सरकार के ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ विजन के अनुरूप हमारा लक्ष्य वैश्विक स्तर पर रेनल केयर इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बड़ा प्रभाव डालने के लिए हमारी मशीनों को विभिन्न देशों में निर्यात करना है. हमारा लक्ष्य अगले पांच साल में दुनिया के अग्रणी उत्पादकों और निर्यातकों में से एक बनना है।

रेनालिक्स ने बड़ी आबादी तक रेनलकेयर की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी), निजी डायलिसिस केंद्रों और अस्पतालों में आरएक्सटी 17 और आरएक्सटी 21 मशीनों को लगाने की योजना बनाई है। कंपनी ने स्मार्ट मशीनों का रोलआउट सुचारू तरीके से सुनिश्चित करने के लिए लोकल सर्विस टीम बनाई है और टेक्नीशियन ट्रेनिंग प्रोग्राम भी तैयार किया है।
 
इसके अतिरिक्त, रेनालिक्स ने अगले तीन साल में 6,000 रेनालिक्स - आरएक्सटी 17 के उत्पादन के लिए भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) को मैन्यूफैक्चरिंग लाइसेंस प्रदान किया है. रेनालिक्स - आरएक्सटी 17, रेनालिक्स द्वारा पूर्व में लॉन्च की गई डायलिसिस मशीन है जो स्टैंडर्ड फीचर्स और फैसिलिटीज के साथ आती है।    

रेनालिक्स - आरएक्सटी 21 और आरएक्सटी 17 के साथ रेनालिक्स की योजना बार-बार उपचार की जरूरत को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में डायलिसिस सेवाओं को किफायती और सुलभ बनाने में अपनी भूमिका निभाने की है। प्रधानमंत्री नेशनल डायलिसिस प्रोग्राम (पीएमएनडीपी) के आंकड़ों के मुताबिक, भारत में हर साल एंड-स्टेज रेनल डिजीज (ईएसआरडी) के करीब 2.2 लाख नए मामले सामने आते हैं जिससे हर साल डायलिसिस के 3.4 करोड़ सत्रों की अतिरिक्त मांग पैदा होती है।