रायपुर प्रेस क्लब में सब कुछ बदल गया  : मोहन तिवारी के संगवारी पैनल का दबदबा

रायपुर प्रेस क्लब में सब कुछ बदल गया  : मोहन तिवारी के संगवारी पैनल का दबदबा

रायपुर प्रेस क्लब में सब कुछ बदल गया 

रायपुर 

लोकतंत्र, एकजुटता और पत्रकारिता की नई दिशा तय करते हुए आज रायपुर प्रेस क्लब के बहुप्रतीक्षित चुनाव संपन्न हुए। लंबे समय से चली आ रही खींचतान के बाद हुए इस ऐतिहासिक चुनाव में पत्रकारों ने उत्साह और जिम्मेदारी का परिचय देते हुए रिकॉर्ड मतदान किया। परिणामस्वरूप ‘संगवारी’ पैनल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रेस क्लब की कमान अपने हाथों में ली और परिवर्तन का स्पष्ट संदेश दिया।

अध्यक्ष पद पर मोहन तिवारी तथा महासचिव पद पर गौरव शर्मा की निर्णायक जीत ने यह साबित कर दिया कि पत्रकार अब सशक्त, पारदर्शी और एकजुट नेतृत्व चाहते हैं। संगवारी पैनल के खाते में अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष और एक संयुक्त सचिव सहित प्रमुख पद आए, जिससे पैनल का दबदबा स्पष्ट रूप से नजर आया।

नवनिर्वाचित पदाधिकारी

अध्यक्ष: मोहन तिवारी

महासचिव: गौरव शर्मा

उपाध्यक्ष: दिलीप साहू (संकल्प पैनल)

कोषाध्यक्ष: दिनेश यदु

संयुक्त सचिव: श्रीमती निवेदिता साहू (संगवारी पैनल)

संयुक्त सचिव: भूपेश जांगड़े (परिवर्तन पैनल)

सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चले मतदान में पत्रकारों का जोश देखते ही बनता था। दोपहर में मतदान केंद्र के बाहर लंबी कतारें इस बात की गवाही दे रही थीं कि प्रेस क्लब के भविष्य को लेकर सदस्यों में गहरी जागरूकता और उम्मीद है।

अध्यक्ष पद के मुकाबले में मोहन तिवारी ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रफुल्ल ठाकुर (संकल्प पैनल) को 137 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। मोहन तिवारी को 268 जबकि प्रफुल्ल ठाकुर को 131 मत प्राप्त हुए।

महासचिव पद पर गौरव शर्मा ने संदीप शुक्ला को 41 मतों से हराते हुए जीत दर्ज की। गौरव शर्मा को 192 और संदीप शुक्ला को 151 मत मिले।

उपाध्यक्ष पद पर मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, जहां दिलीप साहू ने 121 मतों के साथ जीत हासिल की, वहीं भोलाराम सिन्हा (118) और राजेश सोनकर (117) बेहद कम अंतर से पीछे रह गए।

तीन पूर्व अध्यक्ष मैदान में, तीनों को मिली हार

इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि अध्यक्ष पद के लिए कुल छह प्रत्याशी मैदान में थे, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। पूर्व अध्यक्ष अनिल पुसदकर, प्रफुल्ल ठाकुर और के.के. शर्मा दोबारा किस्मत आजमाने उतरे, लेकिन मतदाताओं ने नए नेतृत्व को तरजीह देते हुए तीनों को पराजित कर स्पष्ट संदेश दे दिया।

कुल मिलाकर, रायपुर प्रेस क्लब चुनाव ने यह साफ कर दिया कि अब पत्रकारिता सिर्फ खबरों तक सीमित नहीं, बल्कि संगठनात्मक मजबूती, पारदर्शिता और सामूहिक विकास की ओर बढ़ने का संकल्प है। नवनिर्वाचित टीम से पत्रकार समुदाय को नई ऊर्जा, सकारात्मक बदलाव और प्रेस क्लब को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की उम्मीद है।