जिले के विद्यार्थियों ने जेईई में रचा इतिहास, 25 छात्र जेईई एडवांस के लिए किया क्वालीफाई

जिले के विद्यार्थियों ने जेईई में रचा इतिहास, 25 छात्र जेईई एडवांस के लिए किया क्वालीफाई
बस्तर मुन्ने के तहत ग्राम स्तर पर आयोजित की जाएंगी विभिन्न गतिविधियां
छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को नियद नेल्लानार 2.0 के तहत किया जाएगा लाभान्वित
 छत्तीसगढ़ शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निर्देशानुसार जिले के विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं की अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ‘बस्तर मुन्ने’ (अग्रणी बस्तर) अभियान का चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आगामी 01 मई से जिले की सभी ग्राम में विशेष ’संतृप्तता शिविरों’ का आयोजन किया जाएगा।
कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने उक्त अभियान के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शासन के प्रत्येक स्तर पर पारदर्शिता, जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं समाज के वंचित वर्गों तक उनका समयबद्ध लाभ के लिए बस्तर संभाग के सभी 07 जिलों में ‘बस्तर मुन्ने’ (गोंडी में ‘अग्रणी बस्तर‘) अभियान के अंतर्गत संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का मूल उद्देश्य एनसीएईआर सर्वेक्षण में नियद नेल्लानार अंतर्गत 31 जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित परिवारों को शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित किया जाना है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा वर्तमान अप्रैल माह में ग्राम पंचायत, क्लस्टर एवं विकासखण्ड स्तरीय शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसके पहले चरण में हाट बाजारों एवं ग्राम पंचायतों में मुनादी, दीवार लेखन एवं अन्य माध्यमों से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा तथा प्रत्येक ग्राम पंचायत को योजनाओं की सूची, पात्रता मापदंड एवं आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी साझा की जाएगी। प्रत्येक विभाग द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा कि मैदानी अमलां तक हितग्राहियों की सूची एवं योजना की जानकारी उपलब्ध हो सके। अभियान के दूसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर संतृप्तता शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसके तहत एनसीएईआर सर्वेक्षण, जिला सर्वेक्षण के आधार पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदाय किया जाएगा। साथ ही सर्वे में छूटे परिवारों का पंजीयन किया जाएगा। यह भी बताया गया कि पंचायती राज दिवस 24 अप्रैल से एक सप्ताह तक ग्राम सभाओं का आयोजन एवं तीन प्रमुख सामुदायिक कार्यों का संकलन एवं ग्राम सभा में अनुमोदन किया जाएगा। इसके तीसरे चरण में ग्राम पंचायत स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का क्लस्टर स्तर पर शिविरों का आयोजन कर समीक्षा एवं निराकरण किया जाएगा, जबकि चौथे चरण में क्लस्टर स्तर पर अनिराकृत प्रकरणों का जिला स्तरीय अधिकारियों की उपस्थिति में विकासखण्ड स्तर पर शिविरों का आयोजन कर निराकरण किया जाएगा। इसी तरह अभियान के पांचवें चरण में अंतिम समीक्षा, प्रभाव आंकलन, डेटाबेस, वेब पोर्टल एवं शिविर प्रबंधन संबंधी कार्य किया जाकर शत-प्रतिशत संतृप्ति का लक्ष्य जिला स्तर पर निर्धारण किया जायेगा।
कलेक्टर ने बताया कि व्यक्तिमूलक योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों को लाभ प्रदान किया जाएगा, जिसमें बी-1 खसरा, आय प्रमाण-पत्र, निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण-पत्र, आयुष्मान कार्ड, आभा कार्ड, वय वंदना कार्ड आदि का मौके पर ही तैयार कर वितरण किया जाएगा। प्रत्येक शिविर के प्रतिभागी का पंजीयन करने हेतु प्रतिभागी पंजी संधारित की जायेगी, जिसमें आवश्यक जानकारी एंट्री कर रखा जाएगा।


जिले के विद्यार्थियों ने जेईई में रचा इतिहास, 25 छात्र जेईई एडवांस के लिए किया क्वालीफाई
प्रयास विद्यालय व भीरागांव स्कूल के 5-5 और पीएमश्री स्कूल के 3 छात्रों को मिली सफलता
जिले के विद्यार्थियों ने जेईई (द्वितीय चरण) परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए इतिहास रचा है। घोषित परिणामों के अनुसार कुल 25 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस के लिए क्वॉलीफाई किया है, जो जिले की बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा लगभग 24 छात्र एनआईटी, आईआईटी एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश के लिए पात्र हैं। इस उल्लेखनीय सफलता के पीछे छात्रों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों का मार्गदर्शन और शिक्षा विभाग के ‘हमर लक्ष्य‘ अभियान की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके तहत विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग, विषय विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और नियमित टेस्ट सिरीज की सुविधा प्रदान की गई थी।
कलेक्टर निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह जिले की सुदृढ़ होती शिक्षा व्यवस्था का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। जिला पंचायत के सीईओ  हरेश मंडावी ने भी विद्यार्थियों, शिक्षकां और अभिभावकों को उनके अथक परिश्रम, सही दिशा और आत्मविश्वास से मिली सफलता के लिए बधाई दी है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि जेईई के दूसरे चरण की परीक्षा में जिले के कुल 25 विद्यार्थियों ने क्वालीफाई किया है। इनमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीरागांव और प्रयास आवासीय विद्यालय कांकेर के 5-5 तथा पीएमश्री विद्यालयों के 03 विद्यार्थी शामिल हैं।
सफल विद्यार्थियों में प्रयास विद्यालय कांकेर के सौरभ कुमार मंडावी (82.34 प्रतिशत) ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि हायर सेकण्डरी स्कूल आंवरी के लोचन पटेल ने (81.06 प्रतिशत) द्वितीय एवं मल्लिका मरकाम (78.19 प्रतिशत) के साथ तृतीय स्थान पर रहीं। इसके अलावा प्रयास विद्यालय की वेदिका (77.77) एवं तनूजा नेताम (77.66), उमावि भीरागांव की चंचल (76.84), पीएमश्री दुर्गूकोंदल के भूपेश कुमार (76.45), उमावि भीरागांव के हर्षल कुमार (75.98), भूपेन्द्र माहवे (73.03), पीएमश्री दुर्गूकोंदल के करण (72.62), हायर सेकण्डरी स्कूल लोहत्तर के भावेश कुमार  (71.99), हायर सेकण्डरी स्कूल अमोड़ा की पायल वट्टी (69.71), पीएमश्री अंतागढ़ की बीना उसेण्डी (64.41 प्रतिशत)। इसी प्रकार हायर सेकण्डरी स्कूल भीरागांव की सुषमा कोमरा (62.89), हायर सेकण्डरी स्कूल बोंदानार के अरूण कुमार (62.69), हायर सेकण्डरी स्कूल हाटकोंदल के धर्मेन्द्र कुमार (61.71), हायर सेकण्डरी स्कूल आमाकड़ा के गितेश कुमार (60.24), हायर सेकण्डरी स्कूल बोंदानार की सिमरन मरकाम (58.62), बालक हायर सेकण्डरी स्कूल अंतागढ़ की पार्वती वट्टी (56.96), हायर सेकण्डरी स्कूल बोंदानार कोण्डे के रोशन (56.75), हायर सेकण्डरी स्कूल भीरागांव की प्रतिभा नायक (55.71), हायर सेकण्डरी कन्या स्कूल अभनपुर की प्रेरणा वट्टी (55.52), हायर सेकण्डरी स्कूल लोहत्तर की साक्षी (54.94) तथा हायर सेकण्डरी स्कूल कोण्डे की विद्यार्थी राखी ने (52.94 प्रतिशत) अंक हासिल कर जेईई एडवांस के लिए क्वालीफाई किया है।
यह सफलता जिले में विकसित हो रहे सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण, गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन एवं विद्यार्थियों के बढ़ते आत्मविश्वास का प्रतीक है। कांकेर जिला शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान स्थापित कर रहा है और भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियों की अपेक्षा की जा रही है। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों को काउंसिलिंग एवं सी-सैट काउंसिलिंग पर ध्यान देने तथा मॉडल शिक्षक के माध्यम से बच्चों का काउंसिलिंग कराने के लिए निर्देशित किया गया है। उन्होंने बताया कि यह प्रक्रिया शीघ्र ही शासन द्वारा प्रारंभ की जाएगी। क्वॉलीफाइड एक भी छात्र काउंसिलिंग से वंचित न हों, इस बात का विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।