छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और नुवामा वेल्थ कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में "भारत की विकास गाथा एवं इक्विटी– एक उभरता हुआ एसेट क्लास" कार्यक्रम का सफल आयोजन

छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और नुवामा वेल्थ कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में "भारत की विकास गाथा एवं इक्विटी– एक उभरता हुआ एसेट क्लास" कार्यक्रम का सफल आयोजन

 

आज दिनांक 29 अगस्त 2025 को  चेम्बर भवन, बॉम्बे मार्केट, रायपुर में छत्तीसगढ़ चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और नुवामा वेल्थ कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में "भारत की विकास गाथा एवं इक्विटी– एक उभरता हुआ एसेट क्लास" नामक एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नुवामा वेल्थ कंपनी से अरुण जैन, संदीप रैना एवं अभिषेक अग्रवाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे । कार्यक्रम में व्यापारियों और निवेशकों को भारतीय अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति और इक्विटी में निवेश के अवसरों के बारे में जानकारी दी गई।

 

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता  श्री अरुण जैन जी ने भारत की आर्थिक विकास यात्रा (India Growth Story), इक्विटी को एक दीर्घकालिक निवेश विकल्प (Asset Class) के रूप में समझने, जोखिम प्रबंधन और स्मार्ट पोर्टफोलियो बनाने की रणनीतियों और निवेशकों के लिए मौजूद अवसरों पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि भारत की आर्थिक विकास गाथा को समझना एक ऐतिहासिक यात्रा है, पिछले कुछ दशकों में, देश ने एक उल्लेखनीय परिवर्तन देखा है और आज यह दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है।

 

उन्होंने आगे बताया कि इक्विटी (शेयर) को एक दीर्घकालिक निवेश विकल्प (Asset Class) के रूप में देखा जा सकता है क्योंकि इसमें समय के साथ-साथ उच्च रिटर्न मिलने की संभावना होती है। कंपनियां जब विकास करती हैं, तो उनके शेयरों का मूल्य बढ़ता है, जिससे निवेशकों को पूंजीगत लाभ (Capital Gains) मिलता है। इसके अतिरिक्त, कई कंपनियां अपने मुनाफे का एक हिस्सा लाभांश (Dividends) के रूप में शेयरधारकों को देती हैं, जो आय का एक नियमित स्रोत बन सकता है।

 

निफ्टी और ब्रॉडर मार्केट के बीच के महत्वपूर्ण अंतर और दोनों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई  अक्सर निवेशक केवल निफ्टी 50 या सेंसेक्स जैसे प्रमुख सूचकांकों पर ही ध्यान केंद्रित करते हैं, लेकिन भारतीय शेयर बाजार में इससे कहीं अधिक गहराई है।

 

निफ्टी से परे, ब्रॉडर मार्केट, जिसमें मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां शामिल हैं, निवेशकों के लिए असीमित अवसर प्रदान करता है। ये कंपनियां अक्सर विकास के शुरुआती चरणों में होती हैं, और सही समय पर इनमें निवेश करने से असाधारण रिटर्न मिल सकता है। जबकि निफ्टी 50 में शामिल कंपनियां परिपक्व हो चुकी हैं, मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में उच्च वृद्धि की संभावना अधिक होती है।

 

निफ्टी और ब्रॉडर मार्केट के अलावा, मैं आप सभी का ध्यान लार्ज-कैप कंपनियों के महत्व पर केंद्रित करना चाहूँगा। शेयर बाजार में, लार्ज-कैप उन कंपनियों को कहा जाता है जिनका बाजार पूंजीकरण (Market Capitalization) बहुत बड़ा होता है। ये कंपनियाँ आमतौर पर अपने-अपने सेक्टर की दिग्गज और स्थापित कंपनियाँ होती हैं।

 

जोखिम प्रबंधन एवं निवेशकों के लिए अवसर और संभावनाओं को लेकर अरुण जैन ने जानकारी दी कि इक्विटी निवेश में जोखिम होता है, लेकिन इसे सही रणनीतियों से कम किया जा सकता है जैसे:-

 * विविधीकरण (Diversification): यह सबसे महत्वपूर्ण रणनीति है। अपने पूरे पैसे को एक ही शेयर या सेक्टर में न लगाएं। विभिन्न सेक्टर्स (जैसे टेक्नोलॉजी, बैंकिंग, फार्मा) और विभिन्न कंपनियों के शेयरों में निवेश करें। इससे अगर एक सेक्टर में गिरावट आती है, तो दूसरे सेक्टर के शेयर आपके पोर्टफोलियो को संभाल सकते हैं।

 * एसआईपी (SIP) का उपयोग: इससे आपको बाजार के औसत मूल्य का लाभ मिलता है (Rupee Cost Averaging) और एक बार में बड़ी राशि लगाने का जोखिम कम होता है।

 * अनुसंधान और विश्लेषण: किसी भी शेयर में निवेश करने से पहले उस कंपनी के वित्तीय स्वास्थ्य, प्रबंधन और भविष्य की संभावनाओं का गहन विश्लेषण करें।

* जोखिम सहिष्णुता का मूल्यांकन: अपनी व्यक्तिगत जोखिम लेने की क्षमता (Risk Tolerance) को समझें। ।

 

भारतीय अर्थव्यवस्था में लगातार वृद्धि हो रही है, जिससे निवेशकों के लिए कई अवसर पैदा हो रहे हैं:-

 * घरेलू खपत में वृद्धि: भारत की बढ़ती आबादी और प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि से घरेलू खपत बढ़ रही है, जिससे उपभोक्ता वस्तुओं और सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को लाभ हो रहा है।

 * डिजिटल इंडिया: प्रौद्योगिकी और डिजिटलीकरण के विस्तार से टेक, फिनटेक और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं।

 * बुनियादी ढांचा विकास: सरकार का ध्यान सड़क, रेलवे और ऊर्जा जैसे बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर है, जिससे इस सेक्टर की कंपनियों में निवेश के अवसर बढ़ रहे हैं।

 * सरकारी नीतियां: "मेक इन इंडिया" जैसी सरकार की नीतियां घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा दे रही हैं, जो भारतीय कंपनियों के लिए एक बड़ा अवसर है।

 

संदीप रैना ने नुवामा वेल्थ कंपनी के बारे में विस्तृत जानकारी दी एवं इक्विटी, कैश फ्लो, बाजार में पैसा बनाने एवं तोड़ने आदि विषय पर विश्लेषणात्मक तथ्य रखे जो निवेश के प्रति व्यापारियों के लिए मददगार साबित होगी । इस कार्यक्रम के सहसंयोजक चेंबर उपाध्यक्ष दिलीप इसरानी कार्यक्रम का सञ्चालन चेम्बर उपाध्यक्ष जितेन्द्र शादिजा ने किया

 

इस अवसर पर चेंबर सलाहकार लखमशी पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकिशन सुंदरानी, राजेश वासवानी, जसप्रीत सिंह सलूजा, उपाध्यक्ष वासुदेव जोतवानी, नरेन्द्र हरचंदानी, योगेश होतवानी, राजेश पोपटानी, जवाहर थारानी, विकास पंजवानी, राजेश गुरनानी, मनीष प्रजापति, दीलिप इसरानी, मनोज पंजवानी, जितेन्द्र शादिजा, सुदेश मध्यान, राजेश गिदवानी, कौशल कुमार तारवानी, मंत्री भरत पमनानी, आलोक शर्मा, अमर बरलोटा, प्रशांत गुप्ता,  पंकज जैन, भगवान दास साधवानी, सतीश बागड़ी, किशोर कुमार नारवानी, मनीष कुमार दरिरा, विनोद पाहवा, धनेश मटलानी, रितेश वाधवा, शंकर पिंजानी, मनीष कुमार गुप्ता, सांस्कृतिक प्रभारी अनिल जोतसिंघानी, कांकेर इकाई अध्यक्ष अनूप शर्मा, महामंत्री दिनेश रजक, राजा देवनानी, ट्रांसपोर्ट चेंबर अध्यक्ष हरचरण सिंह साहनी, महिला चेंबर अध्यक्ष डॉ. ईला गुप्ता, कोषाध्यक्ष नम्रता अग्रवाल, महामंत्री मनीषा तारवानी, रायपुर फाइनेंस एडवाइजरी एसोसिएशन सचिव राजेश वाधवानी, चेंबर सदस्य सुनील अग्रवाल, राजेंद्र डडसेना, प्रकाश, आदित्य, लालचंद बिसेन, राहुल पारिक, सोहराब विर्दी, शैलेन्द्र, राजनगिर सिंह, सौरव सिंघल सहित बड़ी संख्या में व्यपरिगण उपस्थित रहे।