मुस्लिम समाज ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता  और गंगा जमुनी तहज़ीब की ख़ूबसूरत मिसाल

मुस्लिम समाज ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता  और गंगा जमुनी तहज़ीब की ख़ूबसूरत मिसाल
मुस्लिम समाज ने पेश की हिंदू-मुस्लिम एकता 
और गंगा जमुनी तहज़ीब की ख़ूबसूरत मिसाल


भिलाई। 
भिलाई मुस्लिम एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी (हाउसिंग बोर्ड, भिलाई) द्वारा इस वर्ष भी हिंदू-मुस्लिम एकता और आपसी भाईचारे की मिसाल पेश की गई। मातृ वंदना दुर्गा उत्सव सेवा समिति (सूर्य कुंड, हाउसिंग बोर्ड भिलाई) के विसर्जन जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं के स्वागत और जल वितरण के लिए हाजी ताहिर सिद्दीकी के निवास के बाहर स्टॉल लगाया गया।

हाजी ताहिर सिद्दीकी की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में सोसायटी के पदाधिकारियों ने कहा कि अलग-अलग धर्म होने के बावजूद इंसानियत और भाईचारा सभी को जोड़ता है। एक-दूसरे के त्योहारों का सम्मान करना गंगा-जमुनी तहज़ीब की पहचान है, जिससे समाज में आपसी विश्वास बढ़ता है। 
इस दौरान सभी श्रद्धालुओं का इस्तकबाल किया गया। कार्यक्रम के आयोजन में पार्षद पीयूष मिश्रा, राम तपस्या, हाजी एम. एच. सिद्दीकी, इफ़्तेख़ार सिद्दीकी, शमीम सिद्दीकी, सैयद इरफ़ान रिज़वी, अहमद हुसैन, फ़िरोज़ अहमद, जावेद ख़ान, मेराज ख़ान, नज़ीर ख़ान, मोहम्मद असद, मोहम्मद दिलशाद, मोहम्मद समर, मोहम्मद आमिर, अयान, ज़ैद, फ़ैज़ान और अली सहित अन्य का योगदान रहा। सोसाइटी ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वतन और इंसानियत एक है, इसलिए समाज में शांति, सद्भाव और आपसी सम्मान को बढ़ावा देना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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