श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय दीक्षारम्भ 2025-26 का शुभारंभ..

श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में तीन दिवसीय दीक्षारम्भ  2025-26 का शुभारंभ..

कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिबद्धता का परिणाम है ज्ञान प्राप्त कर विवेकवान बनना... प्रो. चितरंजन कर

सुनने की कला विकसित होना का संकेत है, शिक्षक को सुन्नेंगे तो ज्ञानी हो जायेंगे... श्री रामेश्वर वैष्णव

जिसने जीवन को विवेकपूर्ण जीना सिखा दिया उसका नाम शिक्षा है... कुलसचिव डॉ.सौरभ शर्मा

रायपुर।। श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में 5 अगस्त 2025 (मंगलवार) को दीक्षारम्भ 2025 -26 का उद्घाटन सत्र आयोजित किया गया। दीक्षारम्भ के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि पं.रविशंकर शुक्ल यूनिवर्सिटी रायपुर के सेवानिवृत्त प्रोफेसर एवं डीन प्रो. चितरंजन कर एवं विशिष्ट अतिथि रायपुर के वरिष्ठ साहित्यकार, श्री रामेश्वर वैष्णव ने विद्यार्थियों के समक्ष अपने विचार व्यक्त किये।

दीक्षारम्भ की शुरुआत दीप प्रज्वलन और राज्यगीत के साथ की गई। समारोह के  स्वागत उद्बोधन में यूनिवर्सिटी के प्रति कुलाधिपति श्री एस.एस. बजाज और कुलपति (प्रभारी) प्रो.आर.आर.एल बिराली ने सभी अतिथियों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि यहाँ उपस्थित अतिथियों , प्राध्यापकों और नव प्रवेशित विद्यार्थियों का अध्यात्म, शिक्षा एवं सेवा के त्रिवेणी संगम के परिसर में स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। उन्होंने नए विद्यार्थियों से कहा कि आज का दिन उन नव प्रवेशित विद्यार्थियों के लिए दीक्षारम्भ का दिवस है जिन्होंने अपने भविष्य के लिए सपने सजाए हुए हमारी यूनिवर्सिटी का चयन किया हैं।

विशिष्ट अतिथि श्री रामेश्वर वैष्णव ने दीक्षा प्राप्त करने का आरम्भ दीक्षारम्भ मतलब सुनने  कि कला को दर्शाता है, क्योंकि जीवन में सुनने की कला विकसित होना का संकेत है, शिक्षक को सुनेंगे तो ज्ञानी हो जायेंगे, नेताओं को सुन्नेगे तो मतदाता हो जायेंगे।श्री रामेश्वर जी ने कवि के रूप में सभी विद्यार्थियों से अपने अनुभव साझा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय स्तर का राष्ट्रिय गीत सुनाया, "जन्हाँ परिश्रम ही पूजा है धर्म जन्हाँ इमान है दुनिया भर में वहाँ वहाँ पर मेरा हिन्दुस्तान है",जिसने सभी विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रसन्न कर दिया।   

सभी नवीनतम विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्य अतिथि प्रो. चितरंजन कर ने कहा कि, जिन्होंने इस प्रतिष्ठित संस्थान में अपना स्थान अर्जित किया है। किसी प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में प्रवेश कोई छोटी उपलब्धि नहीं है; यह आपकी कड़ी मेहनत, लगन और प्रतिबद्धता का परिणाम है। यह आपके जीवन में एक नए अध्याय की शुरुआत है—जो आपके भविष्य को उन तरीकों से आकार देगा जिनकी आपने अभी तक कल्पना भी नहीं की होगी।

प्रो. चितरंजन ने कहा कि यूनिवर्सिटी का जीवन केवल पढ़ाई के बारे में नहीं है; यह परिवर्तन के बारे में है। आप एक ऐसे वातावरण में कदम रख रहे हैं जो आपको चुनौती देगा, आपके दृष्टिकोण को व्यापक बनाएगा और आपको न केवल सफल पेशेवर, बल्कि ज़िम्मेदार और विचारशील व्यक्ति बनने के साधन भी प्रदान करेगा।

यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डॉ. सौरभ कुमार शर्मा ने नवीन विद्यार्थियों से अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि, ज्ञान प्राप्त करते समय को विवेक में परिवर्तित करते हुए जीने का नाम शिक्षा है, जिसको यूनिवर्सिटी से प्राप्त कर लेके आप जायेंगे। आज के समय में ज्ञान सभी जगह से प्रपात हो सकता है लेकिन महाभारत के अर्जुन के जैसी  शिक्षा यूनिवर्सिटी एवं शिक्षा संस्थानों से ही प्राप्त हो सकती है। जो विद्यार्थी शिक्षा से ज्ञान प्राप्त कर विवेक को जियेगा वही समाज एवम राष्ट्र के लिए सर्व प्रथम अच्छा नागरिक बनके उभरेगा। डॉ. शर्मा ने कहा कि सभी नवीन विद्यार्थी जिस संकल्प के साथ श्री रावतपुरा सरकार यूनिवर्सिटी में प्रवेष लिया है उस संकल्प को  पूर्ण करने में हमारा और हमारे शिक्षकों का पूर्ण योगदान होगा।

इस भव्य दीक्षारम्भ समारोह में विद्यार्थियों द्वरा डांस परफॉरमेंस, गीत, संगीत और ग्रुप सोंग भी प्रस्तुत किये गए। सभी नवीन विद्यार्थियों के साथ उनके अभिवावकों ने भी इस भव्य समारोह कि प्रसंसा की। कार्यक्रम का समन्वय डी.एस.डब्लू डॉ. कप्तान सिंह द्वारा किया गया