शासकीय दृष्टि, श्रवण बाधितार्थ विद्यालय में मनाया गया सेवा पखवाड़ा दिवस योग आयोग के अध्यक्ष श्री सिन्हा हुए शामिल
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के स्व-सहायता समूह की महिलाएं गेंदा फूल की खेती कर आजीविका संवर्धन कर आय अर्जन कर रही हैं। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देशानुसार एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी हरेश मण्डावी के मार्गदर्शन में जिले के महिला स्व-सहायता समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत बैंक लिंकेज कर लोन के रूप में राशि प्राप्त कर गेंदा फूल की खेती करने का कार्य प्रारंभ किया है। इस संबंध में बताया गया कि उन्नत खेती करने हेतु माह मई-जून में उद्यानिकी विभाग से समन्वय कर 50 से 55 महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदाय किया।
कांकेर विकासखंड के ग्राम पीढ़ापाल से रामरहीम स्व-सहायता समूह, भीरावाही से जय अम्बे , ग्राम कोकपुर से मां दंतेश्वरी समूह, मुरडोगरी से पूजा समूह, किरगोली से सरस्वती समूह एवं बारदेवरी से जय अम्बे स्व-सहायता समूह की महिलाएं बाड़ी में 10-20 डिसमिल करके कुल 01 एकड़ में 17600 पौधे लगाए गए हैं। वहीं अब 2700 पौधा 50 डिसमिल में अतिरिक्त पौधे रोपित किए गए हैं।
मुरडोगरी से पूजा स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती जगबती ने बताया कि 20 से 30 डिसमिल में गेंदा फूल की खेती प्रारंभ की है, जिसमें फूल की 69 किलो उपज प्राप्त हुई, जिसे 60-70 रूपये प्रति किलो विक्रय कर अनुमानित 4000-5000 रूपये विक्रय कर महिलाओं ने आय अर्जित की। इस तरह आजीविका गतिविधि प्रारंभ कर वे स्वयं से आर्थिक मजबूत बन रही हैं और अन्य महिलाओं को रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बना रहीं हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के स्व-सहायता समूह की महिलाओं की यह पहल अन्य ग्रामीण महिलाओं के लिए एक मिसाल बनकर उभर रही है। वे गृह कार्य के साथ-साथ रोजगार उन्मूलन कर परिवार को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही हैं।
जिला सीईओ श्री मंडावी ने बताया कि 18 सितम्बर से 35 महिलाओं को गेंदा फूल की खेती करने का आरसेटी में प्रशिक्षण दिया जाएगा जिससे वे नयी तकनीकी को अपनाकर उन्नत खेती कर सकेंगी और भविष्य में अन्य जिलों में विक्रय करने उत्पादन को बढ़ाने प्रयास किए जाएंगे।
जिला खेल अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार काव्य-पाठ काव्य-पाठ प्रतियोगिता में सम्मिलित होने के लिए प्रतिभागियों को निर्धारित गुगल फार्म में पंजीयन किया जाना अनिवार्य होगा। प्रतिभागियों की आयु 15 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए तथा प्रस्तुति का समय अधिकतम 05 मिनट का होगा। प्रत्येक प्रतिभागी को केवल 01 कविता प्रस्तुत करने की अनुमति होगी। कविता हिन्दी अथवा छत्तीसगढ़ी भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा। कविता हिंसात्मक, अपराधिक, आपत्तिजनक तथा जाति, धर्म नस्ल, रंग आदि का भेदभाव न हो। कविता मौलिक अथवा किसी प्रसिद्ध कवि की रचना हो सकती है, लेकिन पूर्व प्रकाशित प्रसिद्ध कविता प्रस्तुत करने पर कवि का नाम अवश्य लेना होगा। मौलिक रचना प्रस्तुत करने वालों को प्राथमिकता दिया जाएगा। उच्चारण, भाव-भंगिता, शुद्धता, प्रस्तुति कला, भावनुकूलता एवं विषय की प्रासंगिकता के आधार पर प्रतिभागियों को अंक प्रदाय किया जाएगा।
जिला खेल अधिकारी ने बताया कि अधिक संख्या में प्रतिभागी रजिस्टर्ड होने की स्थिति में जिला स्तर पर ऑनलाईन पंजीकृत प्रतिभागियों के मध्य काव्य-पाठ प्रतियोगिता आयोजित कर अच्छे प्रतिभागियों का चयन किया जा सकता है। चयनित प्रतिभागियों को जगदलपुर में निर्धारित तिथि एवं समय पर संभाग स्तरीय आयोजन में भाग लेने भेजना सुनिश्चित करेंगे।
उक्त संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में प्रथम स्थान आने वाले को प्रतिभागी 15 हजार रूपए, द्वितीय को 10 हजार रूपए एवं तृतीय को 05 हजार रूपए नगद पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। तीनों विजेताओं को रायपुर में 04 अक्टूबर 2025 को राज्य स्तरीय कवि सम्मेलन में भाग लेने का अवसर प्राप्त होगा। संभाग स्तरीय आयोजन में भाग लेने वाले प्रतिभागियों के आने-जाने का व्यय स्वयं संबंधित जिला द्वारा किया जाएगा।
क्रमांक-975/सिन्हा
जिले के समस्त औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थाओं में सत्र अगस्त 2025-26 (एक वर्षीय) एवं 2025-27 (द्विवर्षीय) व्यवसायों में प्रवेश हेतु संचालनालय रोजगार एवं प्रशिक्षण के विभागीय वेबसाइट cgiti.admissions.nic.in के ऑनलाईन एप्लिकेशन 2025 पर क्लिक कर अपना पंजीयन एवं प्रवेश हेतु व्यवसाय का चयन कर सकते हैं। आवेदकों के पंजीयन के लिये वेबसाइट पर यूजर मैन्यूअल दिया गया है, जिसका अवलोकन किया जा सकता है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की तिथि 21 सितम्बर तक निर्धारित है।
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