यह बजट प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने व विकसित राज्य बनाने का "SANKALP बजट" है — अनुज शर्मा*

यह बजट प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने व विकसित राज्य बनाने का "SANKALP बजट" है — अनुज शर्मा*

छत्तीसगढ़ बजट 2026-27; 1.72 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट;
यह बजट प्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने व विकसित राज्य बनाने का "SANKALP बजट" है — अनुज शर्मा*

 छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य का बजट पेश किया। यह श्री चौधरी का लगातार तीसरा बजट है, जिसका कुल आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। इस बजट में अधोसंरचना, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सुदूर अंचलों के विकास को प्राथमिकता दी गई है। 
इस बजट में पांच मिशन पर फोकस किया गया है जिसमे 
मुख्यमंत्री एआई मिशन,, मुख्यमंत्री खेल उत्कर्ष मिशन,,
मुख्यमंत्री पर्यटन विकास मिशन,, मुख्यमंत्री अधोसंरचना मिशन,,  मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं एनआईपीयूएन मिशन
बजट 2026-27 में प्रमुख रूप से शिक्षा, खेल विकास, स्वास्थ, औद्योगिक विकास, ग्रामीण विकास, मूलभूत सुविधाओं विस्तार पर ज़्यादा फोकस किया गया है । इस बजट के मुख्य बिंदु जैसे 
अबूझमाड़ और जगरगुंडा में दो नई 'एजुकेशन सिटी' की स्थापना करने 200 करोड़ रुपये का प्रावधान है| 
दंतेवाड़ा, मनेंद्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा और कुनकुरी में नए मेडिकल कॉलेज की स्थापना  रायपुर में बनेगा होम्योपैथी कॉलेज, कांकेर, कोरबा, महासमुंद में नर्सिंग कॉलेज, कर्मचारियों के लिए कैशलेस उपचार योजना के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान। 
बिलासपुर में राज्य कैंसर संस्थान।
बस्तर और सरगुजा ओलंपिक के आयोजन के लिए 5-5 करोड़ रुपये प्रावधानित हैं। महिला एवं बाल कल्याण के लिए रानी दुर्गावती योजना के तहत 'मोदी की गारंटी' को पूरा करते हुए बालिकाओं के जन्म पर आर्थिक सुरक्षा हेतु इस नई योजना की शुरुआत की गई है। इसके तहत बेटी के 18 वर्ष पूर्ण होने पर उसे 1.5 लाख रुपये की राशि प्रदान की जाएगी और महतारी वंदन योजना के निरंतर संचालन हेतु 8,200 करोड़ रुपये का विशाल प्रावधान। आंगनबाड़ी के 500 नए भवनों के निर्माण (42 करोड़) और संचालन हेतु 800 करोड़ रुपये आवंटित। बस्तर और सरगुजा का कायाकल्प के लिए बस्तर टूरिज्म पॉलिसी (10 करोड़) और मैनपाट के विकास के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान। बस्तर नेट परियोजना के लिए 5 करोड़ और सुदूर अंचलों में बस संचालन हेतु 10 करोड़ रुपये।
बस्तर-सरगुजा में राइस मिल, पोल्ट्री फार्म और वनोपज प्रसंस्करण जैसे केंद्रों के लिए 100 करोड़ रुपये की योजना। बस्तर एवं सरगुजा विकास प्राधिकरण की राशि बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये कर दी गई है। वही स्वास्थ्य और कृषि के लिए मितानिन कल्याण योजना के तहत मितानिनों के लिए 350 करोड़ रुपये का प्रावधान। खाद्य एवं औषधि परीक्षण क्षमता बढ़ाने हेतु 25 करोड़ रुपये से इंटीग्रेटेड लैब की स्थापना। इंद्रावती नदी पर 68 किलोमीटर लंबी नहर के निर्माण को स्वीकृति प्रदान की गई है।
बजट की सराहना करते हुए विधायक श्री अनुज शर्मा ने इसे छत्तीसगढ़ के चहुंमुखी विकास का रोडमैप बताया। बजट का आकार 1 लाख 72 हजार करोड़ तक पहुंचना प्रदेश की बढ़ती आर्थिक शक्ति का प्रतीक है। 'संकल्प' बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ के हर नागरिक के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का एक ठोस संकल्प है।उन्होंने वित्त मंत्री की सराहना करते हुए कहा कि ओपी चौधरी जी ने अपने लगातार तीसरे बजट

में आधुनिक तकनीक और युवाओं के कौशल विकास को प्राथमिकता दी है, जो राज्य के भविष्य के लिए दूरगामी परिणाम देगा| उन्होंने कहा कि यह बजट "गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण को समर्पित है और राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।यह बजट केवल आंकड़ों का खेल नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ की संस्कृति और कला को संरक्षित करने का "संकल्प" दिखता है। SANKALP' थीम में 'K' (कुशल मानव संसाधन) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य के युवाओं के लिए बजट में किए गए प्रावधान उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे। हमारीं सरकार नें एक संकल्प के साथ SANKALP बजट पेश किया हैं।यह बजट मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय  जी के नेतृत्व में 'विकसित छत्तीसगढ़' के संकल्प की सिद्धि का मार्ग है।  
विश्वास है कि यह बजट प्रदेश के हर नागरिक के जीवन में खुशहाली और समृद्धि का नया सवेरा लाएगा।