शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अमृतसर ने स्कूल फीस के जमा करवाए 23 लाख रुपए
सिक्ख समाज द्वारा बच्चों की शिक्षा को सर्वोपरि मानते हुए जरूरतमंद परिवारों की स्कूल फीस SGPC द्वारा वहन
रायपुर/अमृतसर। शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी पूंजी मानते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC), श्री अमृतसर द्वारा जरूरतमंद सिकलीगर सिख परिवारों के बच्चों की पढ़ाई में लगातार सहयोग किया जा रहा है। इसी सेवा भावना के तहत हर वर्ष स्कूल एवं कॉलेज में अध्ययनरत बच्चों की फीस सीधे संबंधित संस्थानों में जमा कराई जाती है, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा न बने।

इसी क्रम में दिनांक 24 अप्रैल 2026 को गुरुद्वारा देवपुरी स्थित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी कार्यालय में 151 सिकलीगर सिख बच्चों की स्कूल एवं कॉलेज फीस हेतु कुल ₹22,35,247 की राशि के चेक संबंधित स्कूल प्रबंधन को प्रदान किए गए। यह पहल समाज के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हुई है।
यह कार्य शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सरदार हरजिंदर सिंह जी धामी एवं सचिव सरदार बलविंदर सिंह जी कालवा के निर्देशन में संपन्न हुआ। SGPC लंबे समय से सिकलीगर सिख परिवारों के बच्चों को शिक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से यह सेवा निरंतर कर रही है। SGPC ने पहले भी विभिन्न राज्यों—विशेषकर छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और अन्य क्षेत्रों—में सिकलीगर सिख बच्चों की फीस सीधे स्कूलों और कॉलेजों में जमा कराई है, ताकि सहायता का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।
कार्यक्रम के दौरान सदस्य सरदार अजीब सिंह जी अंभ्यासी, इंचार्ज सरदार बलदेव सिंह जी, इंचार्ज सरदार अजीत सिंह जी (गुरुद्वारा रावाभाटा), सरदार चंचलदीप सिंह (गुरुद्वारा इंस्पेक्टर, अमृतसर) सहित अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

समाज के वरिष्ठजनों ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जिससे समाज का भविष्य सुरक्षित और सशक्त बनता है। सिकलीगर सिख परिवारों के कई बच्चे आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई छोड़ने की स्थिति में पहुंच जाते हैं, ऐसे समय में SGPC द्वारा दी जाने वाली यह सहायता उनके लिए नई आशा लेकर आती है।
समाज के प्रतिनिधियों ने बताया कि बच्चों की वार्षिक फीस एकमुश्त जमा करने से अभिभावकों पर आर्थिक दबाव कम होता है और विद्यार्थी बिना किसी चिंता के अपनी पढ़ाई जारी रख पाते हैं। इस पहल का उद्देश्य केवल फीस जमा करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को आत्मनिर्भर, शिक्षित और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनाना है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने SGPC के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह सेवा वास्तव में “सरबत दा भला” की भावना को साकार करती है। जरूरतमंद परिवारों के चेहरों पर आई मुस्कान इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा में किया गया सहयोग सबसे बड़ा सामाजिक निवेश है।
छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा,
समाज के अन्य प्रमुख सदस्यों नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, चरणपाल सिंह बाजवा, गुरुद्वारा बाबा बुड्ढा जी साहिब गुरुद्वारा के प्रधान हरकिशन सिंह राजपूत, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा, अतर सिंह एवं मानवेंद्र सिंह डडियाला ने बताया कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा इस तरह के और भी अनेकों कार्य समाज हित में किए जाते हैं|
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