स्कूलों में शिक्षकों की कमी, रिक्त पदों पर भर्ती हुई नही, फिर पढ़ाई कैसे होगी? - कांग्रेस
रायपुर/06 जून 2026। शिक्षक भर्ती नही होने के लिए भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने का समय आ गया है और अभी तक रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती नहीं करना भाजपा सरकार की शिक्षा विरोधी नीति है। वर्तमान में स्कूलों में 50 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है। ऐसे में शिक्षा व्यवस्था कैसे मजबूत होगी? शिक्षा की गुणवत्ता कैसे सुधरेगी? ये गम्भीर चिंता का विषय है, लेकिन सरकार की हठधर्मिता वित्तीय कंगाली, अनिर्णय की स्थिति का खामियाजा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब बच्चों को उठाना पड़ेगा। सरकार की मंशा गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा के अधिकार से वंचित करना है। सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूलों में अव्यवस्था से नाराज होकर पालक अपने बच्चों के भविष्य संवारने निजी स्कूलों की ओर रुख कर एवं मोटी फीस देकर निजी स्कूलों की कमाई बढ़ाये। ये प्रदेश के आने वाले भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा बीते शिक्षा सत्र में करीब 10,463 स्कूलों को बंद कर 48 हजार शिक्षकों के पद को समाप्त किया गया। बंद किये स्कूलों में सेवा दे रहे शिक्षकों को अन्य स्कूलों में ट्रांसफर कर शिक्षक की कमी दूर करने का प्रयास किया गया लेकिन शिक्षकों की कमी दूर नहीं हो पायी। अब आने वाले सत्र में कितने और स्कूल बंद किये जायेंगे? इस सरकार ने नए सेटअप के नाम पर छत्तीसगढ़ के सभी 56,895 स्कूलों में शिक्षकों के न्यूनतम पदों की संख्या में कटौती करके रिक्त पद घटाए, छात्र-शिक्षक अनुपात बिगाड़ा है, पद कम किए उसके बावजूद सरकारी स्कूलों में कही एक शिक्षक है, कही दो शिक्षक है। ऐसे में सरकार ने शिक्षकों की कमी पूरी करने में रुचि क्यों नहीं दिखायी? आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में 3 हजार से अधिक शिक्षकों की कमी है? फिर भर्ती क्यों नहीं हुई? इसका जवाब जनता जानना चाहती है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने विधानसभा चुनाव में युवाओं से 57 हजार शिक्षकों की भर्ती का वादा किया था, ढाई साल की सरकार में युवाओं, शिक्षक भर्ती का प्रतीक्षा कर रहे है, सरकार सिर्फ घोषणा कर रही है। पहले पूर्व शिक्षा मंत्री ने 33 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की, फिर सदन में वित्त मंत्री ने 20 हजार पदों में भर्ती की घोषणा, उसके बाद मुख्यमंत्री ने 5 हजार शिक्षकों की भर्ती की घोषणा की जो सिर्फ घोषणा है, सरकार अपने स्टैंड में खुद कायम नहीं है, इसका नुकसान यहां के गरीब बच्चों को उठाना पड़ रहा है।
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