सत्तालोलुप कांग्रेस के भयावह आपातकाल व उसकी तानाशाही सोच से देश को परिचित होना चाहिये - सांसद महेश कश्यप

सत्तालोलुप कांग्रेस के भयावह आपातकाल व उसकी तानाशाही सोच से देश को परिचित होना चाहिये - सांसद महेश कश्यप

सत्तालोलुप कांग्रेस के भयावह आपातकाल व उसकी तानाशाही सोच से देश को परिचित होना चाहिये - सांसद महेश कश्यप

= आपातकाल की 51वीं बरसी पर भाजपा ने आयोजित की संगोष्ठी
= कांग्रेस द्वारा देश में थोपे गये आपातकाल के कठिनतम समय को किया याद, कांग्रेस को लोकतंत्र व संविधान की हत्या का दोषी ठहराया 

जगदलपुर।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज गुरूवार को आपातकाल की 51वीं बरसी पर भाजपा जिला कार्यालय में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें वक्ताओं ने कांग्रेस के द्वारा सिर्फ अपनी सत्ता बचाने की लालच में समूचे देश में जबरदस्ती लगाये गये आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सर्वाधिक काला अध्याय निरूपित किया और लोकतंत्र की रक्षा के लिये सत्ता लोलुप कांग्रेस के आपातकाल व उसकी तानाशाही सोच को देशवासियों को जानने की बात कही।

आपातकाल पर संगोष्ठी को संबोधित करते हुये मुख्य वक्ता बस्तर सांसद महेश कश्यप ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को कांग्रेस की तात्कालिक प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी ने आतंरिक अशांति का बहाना बना कर भारत पर आपातकाल थोप दिया था।यह निर्णय किसी युद्ध या विद्रोह के कारण नहीं, बल्कि अपने चुनाव को रद्द किये जाने और अपनी सत्ता को बचाने की हताशा में लिया गया था। कांग्रेस पार्टी ने इस काले अध्याय में न केवल लोकतांत्रिक संस्थाओं को रौंदा, बल्कि प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिकों के मौलिक अधिकारों को कुचलकर यह स्पष्ट कर दिया कि जब जब कांग्रेस की सत्ता संकट में होती है, वो संविधान और देश की आत्मा को ताक में रखने में कभी पीछे नहीं हटते। आज 51 वर्ष गुजरने के बाद भी कांग्रेस उसी मानसिकता के साथ ही चल रही है,आज भी सिर्फ कांग्रेस में तरीकों का बदलाव हुआ है लेकिन कांग्रेस पार्टी की नीयत वैसी ही तानाशाही शासक वाली है।

संगोष्ठी में पूर्व विधायक डा.सुभाऊ कश्यप, प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय, जिला उपाध्यक्ष आर्येंद्र सिंह आर्य ने भी संबोधन दिया। भाजपा नेताओं ने कहा कि कांग्रेस के आपातकाल के कलंक को भारतीय जनता पार्टी काला दिवस कहती है। देश पर शासन व राज करने की कुत्सित मंशा को पूरा करने के लिये कांग्रेस पार्टी ने समूचे देश व देशवासियों को आपातकाल की कैद में डाल दिया था। देश में आपातकाल का वह भयावह दौर व कांग्रेस की ऐसी काली सच्चाई से समूचे देश व देशवासियों को बारंबार परिचित होना चाहिये कि कैसे सत्ता में बने रहने के स्वार्थ में कांग्रेस ने देश को आपातकाल की बेड़ियों में जकड़ दिया था। कांग्रेस का यह कुरूप तानाशाही रूप इतने बरस बीतने के बाद आज भी विद्यमान है। 

संगोष्ठी का संचालन जिला महामंत्री परीस राम बेसरा व आभार प्रदर्शन सफीरा साहू ने किया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिपं अध्यक्ष वेदवती कश्यप, बलदेव मण्डावी, जिला सहकारी बैंक उपाध्यक्ष श्रीनिवास मिश्रा, रामाश्रय सिंह, योगेन्द्र पाण्डेय, रामकुमारी यादव, नरसिंह राव आलोक अवस्थी, रोहित त्रिवेदी, प्रकाश झा, अविनाश श्रीवास्तव, राजेंद्र बाजपेयी, सुरेश गुप्ता, महेन्द्र सेठिया, सुधा मिश्रा, शशिनाथ पाठक, योगेश शुक्ला,किरण सेन, ममता राणा, माहेश्वरी ठाकुर,  संतोष बाजपेयी, दिगम्बर राव, अतुल सिम्हा,आशा साहू, मनोहर तिवारी, अभिलाष यादव, निर्मल पाणिग्रही, राजपाल कसेर, त्रिवेणी रंधारी, दिलीप झा, ब्रिजेश शर्मा, रोशन झा, गीता नाग, पूनम सिन्हा, रेखा सिंह, माधवी मण्डल,किरण दीवान, हरीश पारेख,यशवर्धन राव, रूपेश जैन, परमेश राजा, अभिषेक चौहान, राजेश श्रीवास्तव, राजेश शर्मा, राजेश दास, मनी विक्रम नायडू,प्रेम यादव, रोहन घोष ,वंदना राठौर, डाकेश्वरी पाण्डेय, चमेली जीराम, राधा बघेल, गौरी अचिंत, रुक्मिणी यादव,गुलाम अशरफ कुरैशी, झरना मोहंती,कमल झज्ज, रोहित सिंह बैस,राज पाण्डेय, आत्माराम जोशी, चंद्रभान नागवंशी आदि सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।