डेटा सुरक्षा और जासूसी के खतरे को देखते हुए 1 अप्रैल से CC TV कैमरों पर नए नियम लागू
सीसीटीवी कैमरों पर सख्त नियम लागू
1 अप्रैल 2026 से केंद्र सरकार ने सीसीटीवी कैमरों पर सख्त नियम लागूकिए हैं, जो मुख्य रूप से डेटा सुरक्षा और जासूसी के खतरे को देखते हुए लिया गया है। सरकार ने केवल उन्हीं कैमरों की अनुमति दी है जो कड़े सुरक्षा मानकों और सर्टिफिकेशन पर खरे उतरेंगे
*नए नियमों के अनुसार:*
- सभी सीसीटीवी कैमरों को भारत सरकार द्वारा मान्यताप्राप्त लैब्स में टेस्टिंग करानी होगी।
- कैमरों में तमपर-प्रूफ एनक्लोजर, मजबूत मैलवेयर डिटेक्शन और एनक्रिप्शन होना आवश्यक है।
- कैमरों के हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर की डिटेल सरकार को देनी होगी।
- चीनी कंपनियों जैसे Hikvision, Dahua और TP-Link पर प्रतिबंध लग सकता है ² ³ ⁴।
*पुराने कैमरों का क्या होगा?*
- पुराने कैमरों का सुरक्षा ऑडिट करना जरूरी होगा।
- यदि वे नए मानकों को पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें बदलना होगा।
- सरकार ने अभी तक पुराने कैमरों के लिए कोई विशेष योजना नहीं बनाई है ¹ ²।
*चीनी कैमरे की पहचान कैसे होगी?*
- चीनी कैमरों की पहचान करने के लिए सरकार ने कुछ विशेषताएं बताई हैं:
- अधिकांश चीनी कैमरों में चीनी चिपसेट का उपयोग होता है।
- चीनी कंपनियों के कैमरों में अक्सर डेटा को चीन में ट्रांसफर करने की सुविधा होती है।
- सरकार ने चीनी कंपनियों के कैमरों पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है
भारत में सीसीटीवी कैमरे की कीमतें 950 रुपये से लेकर 20,000 रुपये तक हो सकती हैं, जो कैमरे की गुणवत्ता, रेजोल्यूशन, और फीचर्स पर निर्भर करती हैं। कुछ लोकप्रिय सीसीटीवी कैमरे ब्रांड्स में Hikvision, Dahua, और CP PLUS शामिल हैं
*सीसीटीवी कैमरे के प्रकार:*
- *आईपी कैमरे*: ये कैमरे इंटरनेट पर काम करते हैं और आपको अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से निगरानी करने की अनुमति देते हैं।
- *डोम कैमरे*: ये कैमरे घर के अंदर और बाहर दोनों जगहों पर उपयोग किए जा सकते हैं।
- *बुलेट कैमरे*: ये कैमरे आमतौर पर बाहर के क्षेत्रों में उपयोग किए जाते हैं और इनमें नाइट विजन की सुविधा होती है
*चीनी कैमरे की पहचान कैसे करें:*
- चीनी कैमरों में अक्सर चीनी चिपसेट का उपयोग होता है।
- चीनी कंपनियों के कैमरों में डेटा को चीन में ट्रांसफर करने की सुविधा हो सकती है।
- सरकार ने चीनी कंपनियों के कैमरों पर प्रतिबंध लगाने की योजना बनाई है
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