प्रदेश की PDS व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित - कन्हैया 

प्रदेश की PDS व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित - कन्हैया 

प्रदेश की PDS व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त, घोषणाएं केवल कागजों तक सीमित - कन्हैया 
​-गुढ़ियारी, मंदिर हसौद और बिरगांव जैसे मुख्य भंडारण केंद्रों में चावल का स्टॉक 'शून्य'
- 20 तारीख बीतने के बाद भी राशन दुकानों से चावल, शक्कर और नमक नदारद; उपभोक्ता और दुकानदार आमने-सामने
​रायपुर |  छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने रायपुर सहित पूरे प्रदेश में चरमराई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सरकार की प्रशासनिक विफलता पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब प्रदेश के मुख्य भंडारण केंद्रों (FCI/NAN) में ही राशन उपलब्ध नहीं है, जिससे हजारों गरीब परिवार दाने-दाने को मोहताज हो रहे हैं। ​खोखली साबित हुई 3 महीने के राशन की घोषणा ।
      ​कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि सरकार ने वाहवाही लूटने के लिए तीन महीने का राशन एक साथ देने की बड़ी-बड़ी घोषणाएं तो कर दीं, लेकिन धरातल पर स्थिति इसके उलट है। उन्होंने कहा ​"शासन और प्रशासन की घोर लापरवाही के कारण आज रायपुर की राशन दुकानों से चावल, शक्कर, नमक और मिट्टी तेल गायब है। एक तरफ सरकार राशन उपलब्ध नहीं करा पा रही है, तो दूसरी तरफ दुकानदारों पर रोज नए फरमान थोपे जा रहे हैं।"
​      ​श्री अग्रवाल ने चौंकाने वाले तथ्य उजागर करते हुए बताया कि गुढ़ियारी, मंदिर हसौद और बिरगांव जैसे राजधानी के बड़े भंडारण केंद्रों में चावल का स्टॉक नहीं है। स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि:
​महीने की 20 तारीख बीत जाने के बाद भी अधिकांश हितग्राही खाली हाथ हैं।
​जिन केंद्रों में सीमित मात्रा में राशन उपलब्ध है, वहां परिवहन (Transporting) के लिए गाड़ियां उपलब्ध नहीं हैं।
​आपूर्ति बाधित होने के कारण उचित मूल्य की दुकानों में उपभोक्ताओं और दुकानदारों के बीच आए दिन विवाद और तनाव की स्थिति निर्मित हो रही है।
​48 घंटे का अल्टीमेटम: उग्र आंदोलन की चेतावनी
​सरकार के 'उत्सवी स्वरूप' पर कटाक्ष करते हुए प्रदेश महामंत्री ने कहा कि जब गरीब की बुनियादी जरूरतें (चावल, नमक, शक्कर) ही उपलब्ध नहीं हैं, तो सरकार किस बात का जश्न मना रही है? उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है:
​"यदि आगामी 48 घंटों के भीतर सभी भंडारण केंद्रों और उचित मूल्य की दुकानों में राशन की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित नहीं की गई, तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी आंदोलन के लिए बाध्य होगी। गरीबों के हक पर डाका डालने वाली इस अव्यवस्था को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"