बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए तो भाजपा 50 साल सत्ता से दूर रहेगी, इसलिए ईवीएम और वोट चोरी के बचाव में खड़ी
बैलेट पेपर से चुनाव हो जाए तो भाजपा 50 साल सत्ता से दूर रहेगी, इसलिए ईवीएम और वोट चोरी के बचाव में खड़ी
रायपुर/06 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की चुनावी जीत के पीछे जनता का भरोसा नहीं, बल्कि ईवीएम की गड़बड़ी और वोट चोरी का काला साया है। यदि देश में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से बैलेट पेपर से आम चुनाव करा दिए जाएं तो भाजपा आने वाले 50 वर्षों तक सत्ता से दूर हो जाएगी। यही वजह है कि भाजपा बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग से घबरा रही है और ईवीएम वोट चोरी के समर्थन में पूरी ताकत से खड़ी है। आजादी के बाद लंबे समय तक संघ समर्थित दलों को जनता ने सत्ता से दूर रखा। जनसंघ से जनता पार्टी और फिर भारतीय जनता पार्टी तक का सफर बताता है कि भाजपा को अपना राजनीतिक स्वरूप और नाम बदलने पड़े। आज जनता भाजपा को जुमला पार्टी के नाम से पुकार रही है। भाजपा को डर है कि यदि चुनाव में बैलेट पेपर की पारदर्शी व्यवस्था लागू हुई तो उसके दावों की वास्तविकता जनता के सामने आ जाएगी।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि केंद्र और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार से किसान, युवा, व्यापारी, महिलाएं और आम नागरिक परेशान हैं। वादाखिलाफी, महंगाई, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और जनविरोधी नीतियों से जनता में व्यापक नाराजगी है। यहां तक कि भाजपा से जुड़े लोगों में भी असंतोष है। जब जनता में इतनी नाराजगी है तो भाजपा चुनाव जीत कैसे रही है? यही सवाल जनता के मन में है और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर उठ रहे सवालों का जवाब भाजपा को देना चाहिए। भाजपा यदि वास्तव में अपने जनसमर्थन और चुनावी जीत को लेकर आश्वस्त है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर उसे सामने आकर सहमति देनी चाहिए। भाजपा बैलेट पेपर से क्यों डर रही है? जनता को इसका जवाब चाहिए। दूध का दूध और पानी का पानी करने का सबसे आसान रास्ता निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय चुनाव प्रक्रिया है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा जिस तरह बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर बेचैन हो रही है, उससे सवाल और गहरे होते हैं। दाल में कुछ काला नहीं, बल्कि पूरी दाल काली नजर आ रही है। भाजपा को ईवीएम पर भरोसा है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने में उसे आपत्ति क्यों है? कांग्रेस का स्पष्ट मत है कि चुनाव ऐसी व्यवस्था से होने चाहिए जिस पर हर मतदाता को पूरा भरोसा हो। जनता के मत की पवित्रता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं होना चाहिए। भाजपा को ईवीएम के पीछे छिपने के बजाय जनता के सामने आकर पारदर्शी चुनाव की चुनौती स्वीकार करनी चाहिए। अगर जीत जनता के वोट से है तो बैलेट पेपर से चुनाव कराने से डर कैसा?


