सड़क के गड्ढे भरने में नाकाम मंत्री अधिकारियों को फटकारते हुए रील बनाने में व्यस्त - कांग्रेस

सड़क के गड्ढे भरने में नाकाम मंत्री अधिकारियों को फटकारते हुए रील बनाने में व्यस्त - कांग्रेस

सड़क के गड्ढे भरने में नाकाम मंत्री अधिकारियों को फटकारते हुए रील बनाने में व्यस्त - कांग्रेस

15 अक्टूबर की डेडलाइन बीती, सड़कें जस की तस, अरुण साव विभाग नहीं संभाल पा रहे तो जिम्मेदारी छोड़ें

रायपुर/23 अक्टूबर 2026। प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर 
ने कहा कि भाजपा सरकार की कार्यशैली अब जनता के लिए परेशानी और तमाशा बन गई है। उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने खराब सड़कों की मरम्मत के लिए 15 अक्टूबर की समय-सीमा तय की थी, लेकिन डेडलाइन बीत जाने के बाद भी सड़कों की दुर्दशा दूर नहीं हुई। सवाल यह है कि जब विभागीय मंत्री की घोषित समय-सीमा पर काम नहीं हो रहा, तो आखिर सरकार चला कौन रहा है? खराब सड़कों और गड्ढों को लेकर मुख्यमंत्री की नाराजगी सामने आती है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव अधिकारियों को फटकार लगाते हुए वीडियो बनवा रहे हैं, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अन्य मंत्री भी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और भाजपा के पूर्व संगठन मंत्री पवन साय भी अपनी नाराजगी व्यक्त कर चुके हैं। लेकिन इन तमाम नाराजगियों और फटकारों के बावजूद जनता को गड्ढों से भरी सड़कों से राहत नहीं मिली। सड़कों की हालत नहीं सुधरी, लेकिन भाजपा के संगठन में जिम्मेदारियां जरूर बदल गईं।
 प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि जनता को अधिकारियों पर भड़कते वीडियो नहीं, बल्कि गड्ढामुक्त और सुरक्षित सड़कें चाहिए। मंत्री का काम केवल अधिकारियों को सार्वजनिक रूप से फटकारना नहीं, बल्कि अपने विभाग से काम करवाना और तय समय-सीमा में परिणाम देना है। यदि अधिकारी विभागीय मंत्री के निर्देशों का पालन नहीं कर रहे हैं, तो यह प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल है। और यदि वीडियो बनाकर नाराजगी जताना ही सरकार की उपलब्धि है, तो यह जनता की समस्याओं के साथ क्रूर मजाक है।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा सरकार के सड़क सुधार के दावे जमीन पर दिखाई नहीं दे रहे हैं। प्रदेश में बड़ी संख्या में सड़कें और पुल-पुलिया खराब हालत में हैं। पिछली बारिश के बाद भी मरम्मत के लिए समय-सीमाएं तय की गई थीं, लेकिन अनेक स्थानों पर समस्या जस की तस बनी रही। गड्ढों में मुरम और मिट्टी डालकर औपचारिकता निभाने तथा कुछ जगहों पर डाली गई डामर की परतें जल्द उखड़ने की शिकायतें सामने आई हैं। यदि मरम्मत के नाम पर सरकारी धन खर्च हो रहा है, तो उसकी गुणवत्ता और जवाबदेही भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि खराब सड़कों के कारण आम नागरिकों, मरीजों, विद्यार्थियों, किसानों और रोजाना आवागमन करने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर जनता को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आंदोलन तक करना पड़ रहा है। इसके बावजूद सरकार सड़क सुधार की ठोस कार्ययोजना, काम पूरा होने की तारीख और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही स्पष्ट नहीं कर रही है।  15 अक्टूबर तक सड़कें सुधारने का वादा पूरा क्यों नहीं हुआ? कितनी सड़कों की मरम्मत पूरी हुई, कितनी अब भी खराब हैं और जिम्मेदार अधिकारियों पर क्या कार्रवाई की गई? उपमुख्यमंत्री अरुण साव को बताना चाहिए कि वे अपने विभाग से सड़कें नहीं सुधरवा पा रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?  तो उन्हें पद पर बने रहने के बजाय अपनी जिम्मेदारी पर जवाब देना चाहिए।