हैदराबाद गुरुद्वारा भूमि मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय ; छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने किया स्वागत

हैदराबाद गुरुद्वारा भूमि मामले में तेलंगाना हाई कोर्ट का ऐतिहासिक निर्णय ; छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने किया स्वागत

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने हैदराबाद गुरुद्वारा भूमि मामले में के ऐतिहासिक निर्णय का किया स्वागत

तेलंगाना हाई कोर्ट ने अपने आदेश में लगभग 6000 वर्ग गज भूमि गुरुद्वारा प्रबंधन को पुनः सौंपने के दिए निर्देश

रायपुर,

  19 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने हैदराबाद स्थित गुरुद्वारा बरमबाला भूमि विवाद मामले में माननीय हाई कोर्ट द्वारा दिए गए ऐतिहासिक एवं न्यायोचित निर्णय का हृदय से स्वागत किया है। यह फैसला न केवल सिक्ख समुदाय बल्कि देशभर के सभी धार्मिक संस्थानों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल है।

माननीय हाई कोर्ट ने अपने विस्तृत आदेश में स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि पर गुरुद्वारा साहिब का कब्जा वर्ष 1832 से निरंतर बना हुआ है, जो एक मजबूत कानूनी अधिकार स्थापित करता है। न्यायालय ने यह भी माना कि प्रशासन द्वारा बिना उचित नोटिस एवं विधिसम्मत प्रक्रिया अपनाए हस्तक्षेप किया जाना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है।

कोर्ट ने अपने आदेश में लगभग 6000 वर्ग गज भूमि गुरुद्वारा प्रबंधन को पुनः सौंपने के निर्देश दिए हैं तथा भविष्य में किसी भी प्रकार के अवैध हस्तक्षेप पर रोक लगाई है। साथ ही, यह भी स्पष्ट किया गया कि धार्मिक संस्थानों की संपत्ति एक “सार्वजनिक धार्मिक ट्रस्ट” के रूप में संरक्षित होती है, जिसे मनमाने ढंग से छीना नहीं जा सकता।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज का मानना है कि यह निर्णय देश के संविधान द्वारा प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता एवं अल्पसंख्यक अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह फैसला उन ऐतिहासिक गुरुद्वारों के संरक्षण के लिए भी प्रेरणादायक है, जिनका देश की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत में महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, हरकिशन सिंह राजपूत, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, स्वर्ण सिंह चावला, कुलवंत सिंह खालसा, मनजीत सिंह भाटिया, स्वर्णपाल सिंह चावला, जागीर सिंह बावा, देवेंद्र सिंह चावला, रणजीत सिंह खनूजा, अमृत सिंह सूर, जसप्रीत सिंह चावला, इंदर पाल सिंह गांधी, गुरमीत सिंह छाबड़ा एवं मानवेंद्र सिंह डडियाला, रायगढ़ जिला अध्यक्ष प्रीतपाल सिंह टुटेजा, बिलासपुर जिला अध्यक्ष गुरमीत सिंह अरोरा, बेमेतरा जिला अध्यक्ष हरदीप सिंह राजा छाबड़ा ने केंद्र एवं राज्य सरकारों से मांग की है कि वे इस निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए गुरुद्वारा भूमि को शीघ्रतापूर्वक वापस दिलाने की कार्यवाही सुनिश्चित करें तथा भविष्य में धार्मिक स्थलों की संपत्तियों की सुरक्षा के लिए ठोस नीतियां बनाएं।

 छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज ने देशभर के सिक्ख समाज के प्रमुखों,संगठनों एवं न्यायपालिका के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके प्रयासों से यह ऐतिहासिक न्याय संभव हो पाया।

सुखबीर सिंह सिंघोत्रा 

मो. 9301094242