मनरेगा से जिले में 49,126 ग्रामीण मजदूरों को मिल रहा रोजगार
मनरेगा से जिले में 49,126 ग्रामीण मजदूरों को मिल रहा रोजगार
- 300 में से 294 ग्राम पंचायतों में चल रहे हैं मनरेगा के कार्य
जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत व्यापक स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान में जिले की 300 ग्राम पंचायतों में से 294 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के विभिन्न प्रकार के कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनसे 49,126 ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिल रहा है। इन कार्यों के लिए कुल 1,642 मस्टर रोल जारी किए गए हैं।
धमधा क्षेत्र में सर्वाधिक रोजगार
जिले के धमधा जनपद पंचायत क्षेत्र में मनरेगा के तहत सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। यहाँ 25,298 मजदूरों को रोजगार मिला है तथा 586 मस्टर रोल जारी किए गए हैं। धमधा क्षेत्र की 119 ग्राम पंचायतों में से 115 ग्राम पंचायतों में वर्तमान में कार्य चल रहे हैं।
दूसरे स्थान पर जनपद पंचायत पाटन है, जहाँ 108 ग्राम पंचायतों में 14,997 मजदूरों को रोजगार प्रदान किया जा रहा है और 564 मस्टर रोल जारी किए गए हैं। वहीं, जनपद पंचायत दुर्ग की 71 ग्राम पंचायतों में 8,831 मजदूरों को रोजगार मिला है, जिसके लिए 709 मस्टर रोल जारी किए गए हैं।
गत वर्ष की तुलना में तीन गुना रोजगार
जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि मजदूरों की मांग के आधार पर गत वर्ष की तुलना में लगभग तीन गुना अधिक मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। जन-जागरूकता अभियान चलाकर मजदूरों को निरंतर रोजगार से जोड़ा जा रहा है।
विभिन्न रोजगार मूलक कार्य संचालित
मनरेगा के अंतर्गत जिले में आजीविका डबरी निर्माण, तालाब गहरीकरण, नाली निर्माण, वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण, अमृत सरोवर, सोख पिट, रिचार्ज पिट एवं चेक डेम जैसे विभिन्न रोजगारमूलक निर्माण कार्य संचालित किए जा रहे हैं।
ग्रामीण मजदूरों के लिए मनरेगा एक बड़ा सहारा सिद्ध हो रहा है। खरीफ फसल की खेती-किसानी का कार्य पूर्ण होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक मिट्टी के कार्य प्रारंभ किए जाने की मांग भी लगातार सामने आ रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा सके।
भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में संपन्न कराये जा रहे निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता तिथि 01 जनवरी 2026 के परिपेक्ष्य में 23 दिसम्बर 2025 को राज्य अंतर्गत मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन किया जाकर, उक्त तिथि से दावा-आपत्ति प्राप्त करने की कार्यवाही प्रारंभ हो गई है, जोकि 22 जनवरी 2026 की अवधि तक की जावेगी। इस अवधि में प्राप्त दावा / आपत्ति का राज्य अंतर्गत जिलों से प्राप्त प्रकरण एवं राज्य के बाहर से प्राप्त प्रकरणों के सत्यापन/निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु राज्य स्तर पर श्री जयशंकर उरांव, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छ.ग. मोबाईल नंबर-98271-16428 को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी कड़ी में कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने जिले के अंतर्गत विधानसभाओं से प्राप्त प्रकरण एवं जिले के बाहर से प्राप्त प्रकरणों के सत्यापन/निराकरण हेतु आवश्यक कार्यवाही किये जाने हेतु जिला स्तर पर अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री वीरेन्द्र सिंह को नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। श्री सिंह का मोबाईल नंबर 94259-21910 है। इसी प्रकार समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी. गौतम मोबाईल नंबर 81097-07870 और ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर श्रीमती श्रुति अग्रवाल मोबाईल नंबर 94255-74461 को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। जिला निर्वाचन अधिकारी का यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।
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कलेक्टर अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त आबकारी सीआर साहू के मार्गदर्शन में विगत 06 जनवरी को ग्राम गस्त के दौरान आबकारी विभाग जिला दुर्ग के द्वारा वृत-दुर्ग आंतरिक दक्षिण में अवैध शराब के विक्रय/धारण की सूचना पर त्वरित एवं विधिवत कार्यवाही कर ग्राम घोराड़ी थाना रानीतराई में आरोपी लोकेश बंजारे पिता दयालु राम निवासी घोराड़ी रानीतराई के कब्जे से 40 पाव प्लेन मदिरा जप्त कर 34 (2) का प्रकरण कायम कर आरोपी को जेल दाखिला कराया गया। उक्त प्रकरण वृत्त प्रभारी अरविन्द साहू के द्वारा विवेचना में लिया गया है। इस प्रकरण में मुख्य आरक्षक संतोष दुबे, ड्राइवर नोहर का विशेष योगदान रहा।
- अब तक 3,49,069.92 मे. टन धान खरीदी गई
- धान खरीदी की व्यवस्था से किसान हुए संतुष्ट
- किसानों को 75,474.69 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान
- उपज का वाजिब दाम मिलने से किसान हुए खुश
- धान बेचने के बाद 35572 किसानों ने किया 813.14 हेक्टेयर रकबा समर्पण
राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। जिसके तहत अब दिन-रात कभी भी मोबाईल एप तुंहर टोकन के माध्यम से किसानों को धान बेचने के लिए टोकन मिलने लगा है। किसानों के लिए यह बड़ी सहुलियत है कि उनके लिए तुंहर टोकन एप अब 24 घंटे उपलब्ध है। अब मोबाईल एप से टोकन काटने के लिए किसी निर्धारित समय की बाध्यता नही है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 82,486.97 लाख रूपए की लागत से 3,49,069.92 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 64437 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। जिससे अब दूसरे किसानों को धान बेचने का अवसर मिला है। उठाव हेतु 1,53,464.52 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,14,452.82 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 35572 कृषकों ने 813.14 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 30,59,928 बारदाने उपलब्ध है।
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