राजधानी रायपुर में सैकड़ों अवैध फटाका दुकानों का संचालन किसके संरक्षण में ?

राजधानी रायपुर में सैकड़ों अवैध फटाका दुकानों का संचालन किसके संरक्षण में ?

राजधानी रायपुर में सैकड़ों अवैध फटाका दुकानों का संचालन किसके संरक्षण में ?

प्रशासन किसी गंभीर अनहोनी का इंतजार कर रहा है क्या ?

रायपुर : 

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा ने राजधानी सहित प्रदेश में फ़टाका दुकानों के अवैध संचालन पर शासन प्रशासन से तत्काल कार्रवाई करने का अनुरोध किया है, सुखबीर सिंघोत्रा ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में बताया कि दीपावली पर्व नज़दीक आते ही राजधानी रायपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सैकड़ों पटाखा दुकानों का संचालन जोरों पर है। इनमें से बड़ी संख्या में फटाका दुकानें बिना किसी वैध अनुमति के संचालित हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि शासन-प्रशासन की ओर से न तो इन अवैध दुकानों पर कोई ठोस कार्यवाही की जा रही है और न ही निगरानी समितियों की कोई सक्रियता दिखाई दे रही है। जानकारी के अनुसार शहर में थाना-वार सीमित संख्या में पटाखा बेचने की अनुमति दी गई है, किंतु वर्तमान में शहर के लगभग हर गली, मोहल्ले और मुख्य सड़कों पर फटाका दुकानें संचालित होती देखी जा सकती हैं। इनमें से कई दुकानों ने न तो किसी प्रकार की अनुमति ली है और न ही सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है।

शासन के नियमों के अनुसार, फटाका दुकानों को घनी आबादी से दूर, सुरक्षित स्थान पर स्थापित किया जाना चाहिए तथा प्रत्येक दुकान के लिए अग्नि सुरक्षा उपकरण और आवश्यक सुरक्षा दूरी बनाए रखना अनिवार्य है। इन नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए नगर में निगरानी समितियों का गठन किया गया है, किंतु ये समितियाँ मैदान में कहीं दिखाई नहीं दे रहीं,  यदि इन अवैध दुकानों में किसी प्रकार की दुर्घटना या विस्फोट की घटना होती है, तो बाद में सिर्फ दोषारोपण का दौर चलता है और मामले को रफा-दफा कर दिया जाता है, जबकि दुर्घटना के पीड़ित अपने नुकसान की भरपाई के लिए जीवनभर शासन-प्रशासन के दरवाज़े खटखटाते रहते हैं।

सवाल यह उठता है कि क्या प्रशासन को इन अवैध दुकानों की जानकारी क्यों नहीं है?

निगरानी समितियाँ आखिर क्या कर रही हैं?

थाना प्रभारियों द्वारा वैध दुकानों की जांच और अवैध दुकानों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है?

राजधानी में इस तरह खुलेआम नियमों की अनदेखी और प्रशासन की निष्क्रियता जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।

छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज के प्रदेश अध्यक्ष सुखबीर सिंह सिंघोत्रा, गुरमीत सिंह टोनी, मंजीत सिंह भाटिया, नरेंद्र सिंह हरगोत्रा, जागीर सिंह बावा, स्वर्णपाल सिंह चावला, मानवेंद्र सिंह डडियाला, परमजीत सिंह सलूजा, इंदरपाल सिंह चावला, देवेंद्र सिंह चावला, त्रिलोचन सिंह होरा ने शासन प्रशासन से मांग की है कि दीपावली की रौनक में कहीं कोई दुखद घटना न हो, इसके लिए तत्काल संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।