पशु चिकित्सकों द्वारा स्कूली विद्यार्थियों को कुत्ते के काटने, रेबीज बीमारी एवं पॉलीथीन प्रदूषण के प्रति किया गया जागरूक
रेबीज रोग पर विस्तृत जानकारी पशु शल्य चिकित्सक डॉ. ढालेश्वरी ने बच्चों को रेबीज रोग के बारे में मानव एवं पशु दोनों संदर्भों में गहराई से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेबीज एक जानलेवा वायरस जनित रोग है जो संक्रमित कुत्ते, बिल्ली या जंगली जानवर के काटने से फैलता है।बच्चों को यह भी बताया गया कि यदि किसी को कुत्ता काट ले तो घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोकर, बिना देरी के पास के स्वास्थ्य केंद्र में जाकर एंटी-रेबीज टीका लगवाना चाहिए। साथ ही पालतू कुत्तों का समय-समय पर टीकाकरण कराना अत्यंत आवश्यक है।
पॉलीथीन प्रदूषण पर जागरूकतादृ प्रभारी, मोबाइल वेटरिनरी यूनिट डॉ. दीपिका सिदार ने विद्यार्थियों को बताया कि पॉलीथीन पशुओं के लिए मृत्युतुल्य खतरा बन चुका है। मवेशी कचरे में फेंके गए पॉलीथीन को खा जाते हैं, जिससे उनकी आंतों में रुकावट, अपच, संक्रमण एवं मृत्यु तक की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। उन्होंने बच्चों को अपने परिवेश को पॉलीथीन मुक्त रखने और इसके जैविक विकल्प अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कैरियर मार्गदर्शन वेटरिनरी असिस्टेंट सर्जन, प्रभारी पशु चिकित्सालय मर्दापाल डॉ. कोर्राम ने विद्यार्थियों को पशु चिकित्सा विज्ञान में कैरियर के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पशुपालन, डेयरी, वेटरिनरी साइंस, फिशरीज आदि क्षेत्र ग्रामीण युवाओं के लिए रोज़गार एवं स्वरोजगार के व्यापक अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने पशुपालन को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सशक्त साधन बताया।
पशु चिकित्सा सेवाए उपसंचालक डॉ. एमबी सिंह ने बताया कि 28 सितम्बर, विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर कोण्डागांव ज़िले में निःशुल्क कुत्तों में एंटी रेबीज टीकाकरण अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सभी पालतू एवं आवारा कुत्तों को वैक्सीन लगाई जाएगी ताकि ज़िले को रेबीज मुक्त बनाया जा सके।
कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य, शिक्षकगण, छात्र-छात्राएँ एवं विभागीय टीम के सदस्य - डॉ. चंदना (पशु चिकित्सक, एमवीयू) एवं खेमराज (एवीएफओ, एमवीयू) भी उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य उत्तम टोप्पो ने इस आयोजन की सराहना की और इस प्रकार की गतिविधियों को बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक और जीवनोपयोगी बताया।
यह जागरूकता कार्यक्रम न केवल पशुओं के स्वास्थ्य और कल्याण को लेकर था, बल्कि यह जनस्वास्थ्य, स्वच्छता और पर्यावरणीय चेतना से भी जुड़ा महत्वपूर्ण कदम था।
पशुपालन विभाग द्वारा सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि 28 सितम्बर को निकटतम पशु चिकित्सालय में जाकर अपने पालतू कुत्तों को निःशुल्क रेबीज टीका अवश्य लगवाएँ और इस अभियान को सफल बनाने में सहयोग करें।
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