योग स्वस्थ समाज का आधार है, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं - वनमंत्री श्री केदार कश्यप 

योग स्वस्थ समाज का आधार है, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं - वनमंत्री श्री केदार कश्यप 

योग स्वस्थ समाज का आधार है, इसे जीवन का हिस्सा बनाएं - वनमंत्री श्री केदार कश्यप 

 "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" थीम पर मनाया गया 11वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 

 योग संकल्प का दिलाया शपथ और किया पौधरोपण 

नारायणपुर। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर नारायणपुर जिले में "एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग" थीम के साथ बायोडायवर्सिटी पार्क में भव्य सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में वन, जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, सहकारिता, कौशल विकास और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सुबह 7 से 8 बजे तक आयोजित इस योगाभ्यास सत्र में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों- कर्मचारी, स्कूली बच्चों और नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के शुरुआत में वनमंत्री श्री कश्यप ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का योग दिवस पर आमजन के नाम संदेश का वाचन किया गया। उन्होंने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य देन है जिसे प्रधानमंत्री मोदी के प्रयासों से अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त हुई है। उन्होंने योग को व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक वैज्ञानिक पद्धति बताया। मंत्री श्री कश्यप ने कहा योग स्वस्थ शरीर, शांत मन और संतुलित जीवन का आधार है। यह व्यक्तिगत कल्याण के साथ-साथ समाज को भी सकारात्मक दिशा देता है। उन्होंने लोगों से योग को जीवन का हिस्सा बनाने और स्वस्थ, स्वच्छ व व्यसनमुक्त समाज के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की।
उन्होंने कहा कि भारतीय योग के ज्ञान को विश्व मंच पर सम्मान दिलाने वाले, नई पहचान दिलाने वाले देश के यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रयास फलीभूत हुआ है, भारत ही नहीं पूरे विश्व में हमारे अतीत के अदभुत ज्ञान को सहज रूप से स्वीकार किया जा रहा है, यह हम प्रत्येक भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है, माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के प्रयास से ही योग को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली, उनके इस प्रयास और योगदान के लिये हम सब उनको हृदय से धन्यवाद देते हैं।

मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आप सबकी उपस्थिति आपकी सहभागिता अपनी संस्कृति और अपने भारतीय ज्ञान के प्रति आपका सम्मान की भावना को भी प्रदर्शित कर रहा है, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम को केवल एक कार्यक्रम ना समझा जावे, बल्कि इसे हम एक संकल्प के रूप में ले एक ऐसा संकल्प जिसमें सुखमय स्वस्थ जीवन की कल्पना का भाव समाहित है।

उन्होंने कहा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस वर्ष 2015 से आरंभ हुआ तब से प्रत्येक वर्ष एक विशेष विषय थीम पर यह दिवस हम मनाते हैं इस वर्ष 2025 में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम "योगा फॉर वन अर्थ वन हेल्थ रखी गई है यह थीम समग्र कल्याण और पर्यावरण सद्भाव को बढावा देने में योग की भूमिका को दर्शाता है इस अवसर पर मैं यह कहना चाहता हूं, योग का मूल्य ध्येय स्वस्थ, स्वच्छ और व्यसन मुक्त समाज का निर्माण है। यह उल्लेखनीय है कि योग के माध्यम से हम अपना जीवन बेहतर बना सकते हैं योग का महत्व केवल व्यायाम और आसान तक सीमित नहीं है, इसकी व्यापकता का प्रभाव हमारे जीवन के क्षण-क्षण में व्याप्त है।

वनमंत्री कश्यप ने कहा हम भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है कि भारतीय ज्ञान दर्शन और योग को आज विश्व एक आदर्श के रूप में स्वीकार कर रहा है और भारत के प्रयास से आज योग का परचम पूरे विश्व में चहुँ ओर फैला हुआ है। योग के संदर्भ में मैं यह भी बताना चाहूंगा कि महान ऋषि पतंजलि ने योग को आठ भागों में विभाजित किया जिसे अष्टांग योग का नाम दिया। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि इन सब बातों को
हम भारतवासियों के लिए गर्व का विषय है कि भारतीय ज्ञान दर्शन और योग को आज विश्व एक आदर्श के रूप में स्वीकार कर रहा है और भारत के प्रयास से आज योग का परचम पूरे विश्व में चहुँ ओर फैला हुआ है।

वनमंत्री केदार कश्यप ने कहा महान ऋषि पतंजलि ने योग को आठ भागों में विभाजित किया जिसे अष्टांग योग का नाम दिया। यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि इन सब बातों को आपके समक्ष रखने का मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि हम योग के ज्ञान को उसके पौराणिक महत्व को उसके ऐतिहासिक संदर्भ को सरलता से जान और समझ सके। उन्होंने कहा कि महर्षि पतंजलि ने अपने योग सूत्र में कहा है कि जब चित्त की वृत्तियां का निरोध हो जाता है तब दृष्टा (मनुष्य) की अपने स्वरूप में जो स्थिति हो जाती है वही योग है। श्रीमद् भागवत गीता

में योग को "योग कर्मसु कौशलम" कहां गया है अर्थात जीवन में जो निर्धारित कार्य है उन्हें सही समय में कुशलतापूर्वक पूर्ण करना ही योग है। मंत्री कश्यप ने कहा योग वस्तुत एक साधना है इसका उद्देश्य स्वस्थ मानव समाज की स्थापना है इसलिए देश को स्वस्थ सक्षम और सामर्थ्यवान बनाने के लिए यह आवश्यक है कि योग को हम अपने जीवन में स्थान दें। हम सब आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर यह संकल्प लें की योग को हम अपनाएंगे, अपना जीवन सुखमय बनाएंगे।

योग प्रशिक्षकों द्वारा उपस्थितजनों को ताड़ासन, कटिचक्रासन, सेतुबंधासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन, हलासन, बज्रासन, उष्ट्रासन, तथा कपालभाति, अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम कराए गए। प्रशिक्षकों ने प्रत्येक आसन के लाभों की जानकारी भी दी, जिससे लोगों में योग के प्रति जागरूकता बढ़े।

योग कार्यक्रम के पश्चात वनमंत्री श्री कश्यप ने उपस्थित जन सामान्य को योग संकल्प का शपथ दिलाया और बायोडायवर्सिटी पार्क में कटहल के पौधे का रोपण किया और पार्क की निरंतर देखरेख सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान अन्य जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने भी पौधारोपण किया।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्री इंद्रप्रसाद बघेल, सर्व आदिवासी समाज के संरक्षक श्री रूपसाय सलाम, श्रीमती संध्या पवार, श्री गौतम एस. गोलचा, श्री प्रताप मंडावी, कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाईं, पुलिस अधीक्षक श्री प्रभात कुमार, डीएफओ श्री शशिगानंदन के., सीईओ जिला पंचायत सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, एसडीएम श्री गौतमचंद पाटिल सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, शिक्षक, कर्मचारी, स्कूली बच्चे, नागरिक और पत्रकार उपस्थित रहे।