केंद्रीय जेल बिलासपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन
बंदियों को दी गई कानूनी अधिकारों एवं सहायता से जुड़ी जानकारी
मन्नू मानिकपुरी संवाददाता बिलासपुर - बिलासपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के अध्यक्ष के मार्गदर्शन में 14 सितम्बर 2025 को केंद्रीय जेल बिलासपुर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में बंदियों को विधिक सेवा से संबंधित जानकारी प्रदान की गई और उन्हें कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया गया।
कैदियों को मिला न्याय का मार्गदर्शन
शिविर में उपस्थित विशेषज्ञों ने बंदियों को बताया कि किस प्रकार वे अपनी समस्याओं के समाधान हेतु निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। उन्हें यह भी समझाया गया कि न्याय पाने का अधिकार हर नागरिक का है और इसके लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हमेशा तत्पर रहता है।
अधिकारियों एवं विधिक विशेषज्ञों की रही सक्रिय भागीदारी
शिविर के दौरान विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल के चीफ कुंदन सिंह ठाकुर डिप्टी विनय उपाध्याय, डिप्टी अजित सिंह चौहान असिस्टेंट कृष्ण कुमार पांडेय अनामिका मिश्र आकाश मनप्रीत चौधरी विना शर्मा यश दुबे तथा अधीक्षक खोमन मंडावी उपस्थित रहे।इसके साथ ही जेल के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी भी शिविर में शामिल हुए।
विधिक साक्षरता ही असली सशक्तिकरण
विधिक सेवा प्राधिकरण के पदाधिकारियों ने कहा कि समाज में विधिक साक्षरता ही असली सशक्तिकरण है। जागरूकता के अभाव में कई लोग न्याय और अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। इस तरह के शिविरों का उद्देश्य ही यह है कि बंदियों को भी न्याय के मूलभूत अधिकारों और कानूनी सहायता से जोड़ा जा सके।
जेल प्रशासन ने सराहा पहल
केंद्रीय जेल प्रशासन ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह शिविर कैदियों के मानसिक और सामाजिक पुनर्वास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बंदियों के भीतर न्याय व्यवस्था पर विश्वास और आत्मविश्वास दोनों बढ़ेगा।
भविष्य में भी होंगे ऐसे आयोजन
शिविर के समापन पर अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि भविष्य में भी समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि जेल में रह रहे बंदियों को विधिक जानकारी मिलती रहे और वे समाज में पुनः सम्मानजनक ढंग से जीवन जीने के लिए तैयार हो सकें।

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