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  • पंजाब कांग्रेस चीफ के रूप में सिद्धू की हुई ताजपोशी, कैप्टन बोले- जब सिद्धू पैदा हुए थे तब मैं बॉर्डर पर तैनात था
    चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में जारी कलह के अंत के रूप में नवजोत सिंह सिद्धू की ताजपोशी हो गई है। नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की मौजूदगी में पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। मंच पर जैसे ही उनकी ताजपोशी का ऐलान हुआ, नवजोत सिंह क्रिकेटर की बल्ला घुमाते नजर आए। राज्य कांग्रेस मुख्यालय में कार्यभार संभालने के बाद क्रिकेटर से नेता बने सिद्धू ने कहा कि पार्टी के एक सामान्य कार्यकर्ता और इसकी राज्य इकाई के प्रमुख के बीच कोई अंतर नहीं है। अमृतसर (पूर्व) के विधायक सिद्धू ने कहा कि एक साधारण पार्टी कार्यकर्ता और राज्य इकाई के प्रमुख के बीच कोई अंतर नहीं है। पंजाब में कांग्रेस का हर कार्यकर्ता आज से पार्टी की राज्य इकाई का प्रमुख बन गया है। सिद्धू ने कहा, ‘आज मैं सारे पंजाब के कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रधान बन गया। आज मसला किसानों का है, मसला टीचर्स का है, मसला डॉक्टर्स का है. मसला इन सभी लोगों का है। जबतक इनका मसला हल नहीं हो जाता, जब तक ये औहदा बेकार है. मेरे पिता स्वातंत्रता सेनानी थे. मैं उनके खून का वारिस हूं. मुझे अपने पिता के दर्द का अहसास है. आज लोगों के हक की लड़ाई लड़नी है.’l बता दें, सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच पिछले कुछ समय से टकराव की खबरें आ रही थी. पिछले करीब चार महीनों में पहली बार सिद्धू और सिंह ने आज एक-दूसरे से मुलाकात की. अमृतसर (पूर्व) के विधायक सिद्धू ने पवित्र ग्रंथ की बेअदबी के मामले के लिए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा था. मुख्यमंत्री ने सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का भी विरोध किया था और कहा था कि जब तक सिद्धू उनके खिलाफ अपमानजनक ट्वीट के लिए माफी नहीं मांगेंगे वह उनसे नहीं मिलेंगे। मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने मंच से सिद्धू को पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनने के समारोह में सुनील जाखड़ की तारीफों के पुल बांधे। कैप्टन ने कहा कि जाखड़ ने पंजाब कांग्रेस के बहुत कुछ किया है। उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता। सिद्धू के जन्म के समय मेरा सेना में कमीशन हुआ था। सिद्धू के पिता पटियाला कांग्रेस के प्रधान रहे और वही मुझे राजनीति में लेकर आए थे। सोनिया जी ने मुझसे कहा कि अब नवजोत पंजाब के अध्यक्ष होंगे और आप दोनों को मिलकर काम करना होगा तो मैंने कह दिया था कि आपका जो भी फैसला होगा, वो हमें मंजूर होगा।
  • अजीबोगरीब खबर: कुतिया का बलात्कार, 20 साल के युवक ने किया ये कांड, फिर पुलिस ने आरोपी का किया ये हाल
    मुंबई। एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। एक 20 साल के युवक पर कुतिया से बलात्कार करने का आरोप लगा है। हालांकि पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। एक जानवर के साथ ऐसी गंदी हरकत करने वाले शख्स की पहचान मुनमुन कुमार गोवर्धन कुमार राम के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक मुनमुन कुमार एक फूड आउटलेट में काम करता था। पुलिस ने बीते गुरुवार (22 अगस्त, 2019) को मुनमुन को अदालत में पेश किया जहां अदालत ने उसे 26 अगस्त तक रिमांड पर भेज दिया। इस मामले को लेकर जो शिकायत दर्ज कराई गई है उसके मुताबिक यह घटना 15 अगस्त की है। इस दिन कुछ छात्र खारघर सेक्टर-4 इलाके से होकर गुजर रहे थे तब ही उन्होंने मुनमुन को गली में घूम रही एक कुतिया के साथ गंदी हरकत करते हुए देखा। इन छात्रों ने उसी वक्त इस शख्स का एक वीडियो बना लिया और फिर इस वीडियो को इंटरनेट पर भी अपलोड कर दिया। अगले ही दिन पशुओं के अधिकारों के लिए काम करने वाले विजय रंगारे की नजर इस वीडियो पर पड़ी। वीडियो को देख विजय रंगारे हैरान रह गए और उन्होंने उसी वक्त पुलिस को इस बारे में सूचना दी। लेकिन रिपोर्ट्स के मुताबिक उस वक्त खारघर पुलिस ने वीडियो के आधार पर इस मामले में केस दर्ज करने से मना कर दिया।
  • कुदरत का करिश्मा: पानी से अचानक उठने लगी जमीन, जानिए इसके पीछे का क्या है राज
    करनाल : सोशल मीडिया इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है . यह वायरल वीडियो हरियाणा के पानीपत का नहीं बल्कि करनाल के कुचपुरा गांव का है और ये वीडियो 14 जुलाई 2021 का है. दरअसल ये घटना कुचपुरा गांव के एक किसान के खेत में घटी. काफी गर्मी और सूखे के बाद धरती के नीचे का तापमान अधिक बढ़ गया था. इसके बाद वहां जब अचानक भारी वर्षा हुई तो धरती के नीचे अधिक तापमान होने की वजह से गड्ढे वाले खेत में जमा पानी अंदर से जलवाष्प/गैस में परिवर्तित हो गया, जिसके कारण वहां भारी दबाव बना और इससे जमीन की ऊपरी परत ऊपर की ओर उठ गई. कैसे पता की सच्चाई चूंकि वायरल हुए इस वीडियो के बारे में सोशल मीडिया में बताया गया कि यह अद्भुत घटना हरियाणा के पानीपत की है इस वीडियो से निकाली गई तस्वीर को रिवर्स सर्च किया तो पता चला कि यह वायरल वीडियो हरियाणा के करनाल के कुचपुरा गांव का है. गांव में इस घटना के बारे में जानकारी ली तो पता चला कि यह घटना 14 जुलाई 2021 की है. हमने खेत के मालिक नफे सिंह ने बताया की फसल कम होने के कारण जमीन की मिट्टी को बदलने का फैसला लिया और कुछ दिन पहले हमने इस खेत की मिट्टी को खुदवा कर बेची थी जिस वजह से वहां काफी गड्ढा हो गया था फिर उस गड्ढे को भरने के लिए हमने इसमें राइस मिल की राख और मिटटी डाली थी लेकिन इसी बीच तेज बारिश की वजह से खेत के गड्ढे में पानी लग गया और एक दिन उसमें से एक हिस्से की जमीन फटकर ऊपर आ गई. इस घटना को कुछ लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल कर दिया.” हालांकि इस घटना के बाद खेत में एक सीमा से अधिक खुदाई करने के कारण किसान के ऊपर माइनिंग विभाग के द्वारा एक मामला भी दर्ज किया गया है.
  • खौफनाक मंजर : मां ने चलती ट्रेन से मासूम को फेंका, फिर पिता ने ऐसे बचाई जान, जानिए फिर क्या हुआ…
    प्रयागराज। एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। महिला ने अपने दुधमुंहे बच्चे को चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया। यह देख बेटे को बचाने के लिए पिता भी ट्रेने से नीचे कूद गया और फिर मासूम की जान बच सकी। जानकारी पर जीआरपी व आरपीएफ के जवान भी मौके पर पहुंचे। लेकिन पति ने किसी तरह की शिकायत नहीं की। गनीमत रही कि मासूम को हल्की चोट ही आईं और वह सुरक्षित है। ये पूरा मामला छिंवकी स्टेशन का है।मिर्जापुर के पड़री थाना निवासी शिवम सिंह बृहस्पतिवार को अपनी पत्नी अंशू देवी व एक साल के बेटे अभिनव सिंह के साथ जनता एक्सप्रेस से मुुंबई जा रहा था। वह ट्रेन के बी-2 कोच में सफर कर रहा था। ट्रेन करीब पौने आठ बजे छिंवकी स्टेशन पर पहुंची, तभी किसी बात को लेकर पति-पत्नी में विवाद हो गया।इसके बाद जैसे ही ट्रेन चली, वैसे ही अंशू ने बेटे को प्लेटफार्म के दूसरी साइड में फेंक दिया। यह देखकर कोच में बैठे यात्री स्तब्ध रह गए। उधर बेटे को बचाने के लिए शिवम ने चलती ट्रेन से छलांग लगा दी और ट्रैक से मासूम को उठाकर गले लगा लिया।तब तक ट्रेन काफी आगे निकल चुकी थी। जानकारी पर आरपीएफ व जीआरपी मौके पर पहुंची और कंट्रोल रूम में सूचना दी। जिसके बाद अंशू को सतना स्टेशन पर ट्रेन से नीचे उतार लिया गया। गनीमत रही कि जिस वक्त घटना हुई, रेलवे ट्रैक पर कोई दूसरी ट्रेन नहीं आ रही थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
  • वर्दी पर लगे सितारो को देखकर पहचाने कौन से रैंक का है अधिकारी, जानिए किसकी वर्दी पर कितने सितारे…
    पुलिस में भर्ती होना युवाओं का का सपना होता है। युवा दिन-रात मेहनत करके प्रशासनिक सेवा की तैयारी करते हैं। पुलिस का काम गावं, शहर, राज्य और देश में कानून व्यवस्था को बनाए रखना होता है इसके साथ ही पुलिस सुरक्षा का कार्य भी करती है। भारत में कई राज्यों और संघ शासित प्रदेशों के पास अपनी पुलिस फोर्स है जिसमें लाखों ऑफिसर और जवान शामिल हैं। किसी भी फोर्स में अलग-अलग पद पर अधिकारियों की नियुक्ति होती है। इन अधिकारियों को रैंक के अनुसार वर्दी मिलती है। पुलिस में भी वर्दी का अपना एक अलग महत्व है। अगर आपको किसी अधिकारी की रैंक के बारे में जानना हो तो आप उसकी वर्दी को देखकर आसानी से पहचान कर सकते हैं कि वह किस रैंक का अधिकारी या पुलिसवाला है। जानते हैं कैसे कांस्टेबल (हवलदार) पुलिस विभाग में सबसे शुरुआती पोस्ट कांस्टेबल की होती है। इनकी वर्दी पर किसी तरह का कोई बैज या फिर स्टार नहीं लगा होता है लेकिन इनकी ड्यूटी बहुत महत्वपूर्ण होती है। किसी भी इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखना और अपराधिक गतिविधियों को रोकने में इनकी बहुत ही अहम भूमिका होती है। अन्य उच्च पद पर आसीन अधिकारियों की तरह इनकी ड्यूटी भी काफी कठिन होती है। हेड कांस्टेबल हेड कांस्टेबल से कांस्टेबल से एक रैंक ऊपर होता है। इनकी वर्दी पर काले रंग की एक पट्टी के ऊपर दो पीले रंग कि पट्टी लगी होती हैं लेकिन जरुरी नहीं है कि हर राज्य में हेड कांस्टेबल की वर्दी या उसपर लगी पट्टी एक जैसी हो, इनका रंग अलग भी हो सकता है। कई जगहो पर लाल रंग की चौड़ी पट्टी पर तीन काले रंग की पट्टियां भी लगी होती हैं। सीनियर पुलिस कांस्टेबल सीनियर पुलिस कांस्टेबल का पद हेड कॉन्स्टेबल से भी एक रैंक ऊपर का होता है। इनकी वर्दी में बैज की जगह पर काले रंग की पट्टी लगी होती है और उसके ऊपर पीले रंग की पट्टी भी लगी रहती है लेकिन कुछ राज्यों में बैज पर लाल रंग की पट्टी भी लगी होती है। असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर हैड कांस्टेबल से ऊपर की पोस्ट असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर की होती है। इनकी वर्दी पर एक लाल और नीले रंग की पट्टी लगी होती है इसी के साथ पट्टी के थोड़ा सा ऊपर एक स्टार भी लगा रहता है। सब इंस्पेक्टर सब इंस्पेक्टर ASI के ऊपर की रैंक होती है। इस रैंक को अधिकारी रैंक माना जाता है। इनकी वर्दी में लाल और नीले रंग की पट्टी लगी होती है इसकी के साथ दो स्टार भी लगे होते हैं। जिस तरह सेना में सूबेदार का पद होता है उसी तरह पुलिस में सब इंस्पेक्टर का पद माना जाता है। इंस्पेक्टर किसी भी थाने में ये सबसे ऊपर की पोस्ट होती है। इंस्पेक्टर रैंक का पुलिस अधिकारी किसी भी थाने का पूरा कार्यभार संभालता है, जिसे थाना इंचार्ज कहते हैं। इनकी वर्दी पर एक लाल और नीली पट्टी लगी होती है और इसके साथ ही इन्हें तीन स्टार प्राप्त होते हैं। (DSP) डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस पुलिस बल में किसी भी राज्य के प्रतिनिधि के तौर पर डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस की नियुक्ति होती है। ज्यादातर आम लोग इन्हें DSP के नाम से ही जानते हैं। इनकी वर्दी पर एक लाल और खाकी रंग का बैज लगा होता है इसके साथ ही बैज पर तीन स्टार लगे रहते हैं। असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस ASP असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट टेंट ऑफ पुलिस या एडिशनल डिप्टी कमिश्नर का पद डीएसपी से एक रैंक ऊपर होता है। आमतौर पर इन्हें इनके पद की शॉर्ट फॉर्म यानी ASP के नाम से जाना जाता है। इनकी वर्दी पर अशोक स्तंभ बने होने के साथ ही IPS का लोगो लगा होता है क्योंकि IPS की परीक्षा पास करने के बाद ये अधिकारी पद की पहली रैंक होती है। सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट टेंट ऑफ पुलिस से एक रैंक ऊपर सुपरिंडेंटेंट ऑफ पुलिस होता है। जिन्हें (SP) एसपी या डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (डीसीपी) के तौर पर जाना जाता है। इनकी वर्दी पर अशोक स्तंभ का चिन्ह्, एक स्टार और IPS का लोगो बना होता है। (SSP) सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस एसपी से एक रैंक ऊपर सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस यानी SSP की पोस्ट होती है। इनकी तैनाती बड़े शहरो में होती है। हिंदी में इन्हें वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम से जाना जाता है। इनकी वर्दी पर अशोक का स्तम्भ लगे होने के साथ 2 स्टार भी लगे होते हैं। (DIG) डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस एसएसपी से एक रैंक ऊपर डीआईजी की पोस्ट होती है। इनकी वर्दी पर अशोक के स्तम्भ के साथ तीन स्टार होते हैं। इसीके साथ इनके बैज पर IPS का लोगो भी लगा होता है। इन्हें हिंदी में पुलिस उपमहानिरक्षक कहा जाता है। (IG) इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस डीआईजी से एक रैंक ऊपर इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस की पोस्ट होती है।इनकी वर्दी पर तलवार का चिन्ह और एक स्टार लगा होता है, इसी के साथ IPS भी लिखा होता है। इन्हें हिंदी में पुलिस महानिरक्षक भी कहा जाता है।
  • Jammu and Kashmir: सुरक्षाबलों ने नाकाम की बड़ी साजिश, मार गिराए गए ड्रोन से 5 किलो IED बरामद
    नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों के हाथ बड़ी कामयाबी लगी है। अखनूर में पुलिस ने एक ड्रोन को मार गिराया है। बताया जा रहा है कि इस मार गिराए गए ड्रोन से पुलिस को IED भी बरामद हुआ है। बता दें, बीते 1 महीने से। जम्मू-कश्मीर में ड्रोन से जुड़ी गतिविधियां तेज हुई हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने ड्रोन से 5 किलोग्राम आईईडी बरामद किया है। अभी इसे असेंबल किया जाना था। बताया जा रहा है आतंकियों द्वारा इसे इस्तेमाल किया जाता। सेना द्वारा गिराया गया ये ड्रोन अंतरराष्ट्रीय सीमा से 8 किमी अंदर हरामद हुआ है। सोपोर में दो आतंकी ढेर सोपोर में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ भी देखने को मिली है। इस मुठभेड़ में लश्कर के कमांडर समेत दो आतंकियों को मार गिराया गया है। मारे गए आतंकियों में से एक आतंकी फयाज, नागरिकों और सुरक्षाबलों पर कई हमलों और हत्याओं में शामिल था। जानकारी मिल रही है कि सुरक्षाबलों का ऑपरेशन पूरा हो चुका है। जिसकी शुरूआत गुरुवार शाम को हुई थी। एक्शन में सुरक्षाबल 27 जून को ड्रोन द्वारा IAF स्टेशन पर हुए हमले में दो लोगों को हल्की चोटें आईं थीं। हाई सिक्योरिटी जोन में घटी इस घटना के बाद से ही एजेंसियां एक्टिव मोड में आ गई थीं। ड्रोन पर उभरते खतरे को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने एक उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई थी। जांच में यह बात सामने आई थी कि यह हमला पाकिस्तान या उसके समर्थकों की ओर से भारत को दहलाने के लिए किया जा रहा है। ड्रोन बनता जा रहा खतरा सुरक्षाबलों की माने तो ड्रोन का इस्तेमाल पहले सीमा पार से भारतीय क्षेत्र के अंदर मुद्रा, हथियार और गोला-बारूद गिराने के लिए इस्तेमाल किया जाता था लेकिन अब आतंकी गतिविधियों में मानव रहित हवाई वाहनों के लिए इसका इस्तेमाल किया जाने लगा है।
  • गोवंडी इलाके में इमारत गिरने से 3 की मौत हो, 7 लोग घायल
    नई दिल्ली। मुंबई में एक इमारत गिरने का मामला सामने आया है। यहां गोवंडी इलाके में इमारत गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई साथ ही 7 लोगों के घायल होने की खबर सामने आ रही है। फिलहाल राहत और बचाव कार्य चल रहा है।
  • महाराष्ट्र विधानसभा से 1 साल के लिए निलंबित 12 भाजपा विधायकों ने खटखटाया सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा
    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 12 विधायकों ने महाराष्ट्र विधानसभा से एक साल के लिए निलंबित किए जाने के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। भाजपा के इन विधायकों को कथित तौर पर पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ दुर्व्यवहार के मामले में पांच जुलाई को राज्य विधानसभा से एक साल के लिए निलंबित किया गया था। 5 जुलाई को पीठासीन अधिकारी भास्कर जाधव के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने के मामले में भाजपा के जिन विधायकों को विधानसभा से एक साल के लिए निलंबित किया गया है, उनमें गिरीश महाजन, जयकुमार रावल, आशीष शेलार, अतुल भटकलकर, योगेश सागर, पराग अलवानी, राम सतपुते, संजय कुटे, अभिमन्यु पवार, नारायण कुचे, शिरीष पिंपल और कीर्ति कुमार बगड़िया शामिल हैं। इन विधायकों को निलंबित करने का प्रस्ताव राज्य के संसदीय कार्य मंत्री अनिल परब ने पेश किया, जिसे ध्वनि मत से पारित कर दिया गया। निलंबन की कार्रवाई को प्रेरित और दुर्भावनापूर्ण बताते हुए, याचिका में तर्क दिया गया कि सभी 12 अलग-अलग जगहों पर थे और उनमें से कुछ तो कक्ष में भी नहीं थे। याचिका में कहा गया है कि उनमें से कुछ सदन के वेल में नहीं थे और वे केवल दर्शक के तौर पर थे। विधायकों ने यह भी तर्क दिया कि सत्ताधारी दल और विपक्ष के बीच गरमागरम आदान-प्रदान लोकतंत्र का सार है। विधायकों ने तर्क दिया है कि पीठासीन अधिकारी को उन्हें अपना स्पष्टीकरण देने का अवसर देना चाहिए था और एक साल के लिए निलंबन अत्यधिक अनुपातहीन है। विधानसभा में अराजकता तब शुरू हुई, जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के वरिष्ठ मंत्री छगन भुजबुल राज्य में स्थानीय निकायों में समुदाय को राजनीतिक आरक्षण प्रदान करने के लिए केंद्र द्वारा अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) पर अनुभवजन्य डेटा जारी करने के लिए विधानसभा में एक प्रस्ताव पेश करने के लिए खड़े हुए। एक साल के लिए निलंबित किए गए विधायकों में कम से कम तीन पूर्व मंत्री शामिल हैं। निलंबन के बाद, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया। फडणवीस ने आपत्ति जताते हुए कहा कि सरकार ने 15 महीने तक सुप्रीम कोर्ट के निदेशरें का पालन नहीं किया, जिसके कारण ओबीसी के लिए राजनीतिक आरक्षण खत्म हो गया।
  • कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना, कहा- सच लिखना एक कमज़ोर सरकार को डराने के लिए काफ़ी
    नई दिल्ली: मीडिया हाउसों के ठिकानों पर छापे को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. राहुल गांधी ने कहा कि एक कमज़ोर सरकार को डराने के लिए एक सच ही काफी है. राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा है कि ​“काग़ज़ पर स्याही से सच लिखना, एक कमज़ोर सरकार को डराने के लिए काफ़ी हैगौरतलब है कि कर चोरी के आरोपों को लेकर आज इनकम टैक्स के अधिकारियों ने दैनिक भास्कर के विभिन्न दफ्तरों में छापा मारा है. आईटी की टीम भोपाल, जयपुर, अहमदाबाद और कुछ अन्य स्थानों पर जांच कर रही है. विभाग या उसके नीति निर्माण निकाय से किसी तरह की आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है लेकिन आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई विभिन्न राज्यों में संचालित हिंदी मीडिया समूह के प्रवर्तकों के खिलाफ भी है.राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने गुरुवार को मीडिया समूह दैनिक भास्कर के खिलाफ आयकर विभाग की छापेमारी की आलोचना की और कहा कि लोगों को यह जानने की जरूरत है कि क्या यह “अघोषित आपातकाल” नहीं है. राकांपा ने यह भी कहा कि इस मीडिया घराने ने ‘‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विफलताओं की निडरता से खबर दी थी. सरकार ने दिया ये जवाब विपक्षी दलों के आरोपों के बीच सरकार ने गुरुवार को कहा कि एजेंसियां अपना काम करती हैं और ‘‘इनमें हमारा कोई हस्तक्षेप नहीं होता.’’ सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने इस बारे में संवाददाताओं के सवालों के जवाब में यह बात कही. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पूरी जानकारी जरूर लेनी चाहिए. कई बार जानकारी के अभाव में भी बहुत सारे विषय ऐसे आते हैं जो सत्य से परे होते हैं.
  • 23 जुलाई 2021 का राशिफल: कन्या राशि वालों का बिजनेस प्लान सफल होगा, लेकिन वाणी पर संयम रखें
    Horoscope Today: 12 राशियों में से हर व्यक्ति की अलग राशि होती है, जिसकी मदद से व्यक्ति यह जान सकता है कि उसका आज का दिन कैसा होगा? ज्योतिष में ग्रहों की चाल से शुभ और अशुभ घड़ियां बनती हैं, जो हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। अगर आपकी राशि के बारे में आज का दिन अच्छा है, तो आप उसे सेलिब्रेट कर सकते हैं, वहीं अगर आज का दिन आपके लिए खराब है तो आप पंडित जी के दिए गए सुझावों को अपनाकर कुछ अच्छा कर सकते हैं। आज का पंचांग दिन: शुक्रवार, आषाढ़ मास, शुक्ल पक्ष, चतुर्दशी का राशिफल। आज का राहुकाल: प्रात: 10:30 बजे से 12:00 बजे तक। आज का दिशाशूल: पश्चिम। आज का पर्व एवं त्योहार: व्रत की पूर्णिमा। आज की भद्रा: प्रात: 10:44 बजे से रात्रि के 09:26 बजे तक। राशिफल मेष: विष योग के कारण वाणी पर संयम रखें। महिला अधिकारी से पीड़ा मिल सकती है। सम्मानपूर्वक वार्ता करें, वही आपके लिए हितकर होगा। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। वृष: शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी, लेकिन भाई-बहन से वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। संयम बतरें। रचनात्मक कार्यों में मन लगाएं। मिथुन: स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। वाणी पर संयम न रखने से रिश्तों में तनाव और टूटन की स्थिति आ सकती है। आर्थिक मामलों में प्रगति होगी। कर्क: दांपत्य जीवन में विषयोग गलतफहमी दे सकता है। सावधानी बरतनी होगी। बुद्धि कौशल से किए गए कार्य से समस्या का निदान होगा। जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। सिंह: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। विरोधी या स्वास्थ्य तनाव का कारण हो सकता है। राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति होगी। दांपत्य जीवन सुखमय होगा। रिश्तों में मधुरता आएगी। कन्या: व्यावसायिक योजना फलीभूत होगी। आर्थिक मामलों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी। वाणी पर संयम न रखने से तनाव बढ़ सकता है। तुला: गृह कार्य में व्यस्त होंगे। धार्मिक या सांस्कृतिक कार्य में हिस्सेदारी रहेगी। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होगा। सम्मान में वृद्धि होगी। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। वृश्चिक: किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। महत्वाकांक्षी होना बुरी बात नहीं है, लेकिन उसे व्यावसायिक रूप देना आवश्यक है। रचनात्मक कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी। धनु: कुटुम्ब से कष्ट मिल सकता है। दांपत्य जीवन सुखमय होगा। पारिवारिक कार्य में व्यस्त हो सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। आर्थिक प्रगति होगी। मकर: पारिवारिक दायित्व की पूर्ति होगी, लेकिन वाणी पर संयम रखें। भावुकता रिश्तों में चोट कर सकती है, जबकि जीवनसाथी का सहयोग रहेगा। पुरुषार्थ सार्थक होगा। कुंभ: व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में जोखिम न उठाएं। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। राजनीतिक महत्वाकांक्षा की पूर्ति होगी। दांपत्य जीवन सुखमय होगा। मीन: अधीनस्थ कर्मचारी, निकट के व्यक्ति से तनाव मिल सकता है। स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की आवश्यकता है। संयम से काम लें।
  • Aaj Ka Panchang: पंचांग 23 जुलाई 2021, जानें शुभ मुहूर्त, राहु काल और ग्रह-नक्षत्र की चाल
    पंचांग 23 जुलाई 2021 ,शुक्रवार विक्रम संवत - 2078, आनन्द शक सम्वत - 1943, प्लव पूर्णिमांत - आषाढ़ अमांत - आषाढ़ हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि दिन है. सूर्य कर्क राशि में और चन्द्रमा जुलाई 23, 07:58 PM तक धनु राशि उपरांत मकर राशि में संचरण करेंगे. आज का पंचांग आषाढ़ शुक्ल पक्ष चतुर्दशी पूर्णिमा व्रत नक्षत्र: पूर्वाषाढ़ा आज का दिशाशूल: पश्चिम दिशा आज का राहुकाल: 10:54 AM – 12:33 PM सूर्य और चंद्रमा का समय सूर्योदय - 5:57 AM सूर्यास्त - 7:09 PM चन्द्रोदय - 23 जुलाई 6:51 PM चन्द्रास्त - 24 जुलाई 5:47 AM शुभ काल अभिजीत मुहूर्त- 12:07 PM – 12:59 PM अमृत काल - 10:01 AM – 11:29 AM ब्रह्म मुहूर्त - 04:21 AM – 05:09 AM योग वैधृति- 22 जुलाई 12:45 PM– 23 जुलाई 09:23 AM विष्कुम्भ- 23 जुलाई 09:23 AM– 24 जुलाई 06:11 AM
  • मुख्यमंत्री ने पद छोड़ने का दिया संकेत, ट्वीट में लिखा – पार्टी को सत्ता में लाना मेरा कर्तव्य, आलाकमान का फैसला सर्वमान्य
    देश के कई राज्यों में आने वाले दो सालों के भीतर चुनाव होना है। साल 2022 में उत्तरप्रदेश, कर्नाटक सहित पांच राज्यों में तो साल 2023 में मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में चुनाव होना है। इससे पहले कई राज्यों में उठापठक का दौर शुरू हो चुका है। फिलहाल ताजा मामला कर्नाटक का है, जहां पर राजनीतिक सरगर्मी इन दिनों काफी बढ़ी हुई है। बेंगलुरु । कर्नाटक (Karnataka) में मुख्यमंत्री को बदले जाने की चर्चा जोरों पर है और बीते हफ्ते सीएम बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) के पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के अलावा अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ दिल्ली में हुई बैठक के बाद अटकलें तेज हो गई थीं। इस बीच मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने खुद पद छोड़ने के संकेत दिए हैं और कहा है कि आलाकमान जो निर्देश देगा उसको मानेंगे। भाजपा को सत्ता में लाना मेरा कर्तव्य सीएम बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने कहा, ‘हमारी सरकार के 2 साल पूरे होने पर 26 जुलाई को एक कार्यक्रम है। इसके बाद पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) जो भी फैसला करेंगे, मैं उसका पालन करूंगा। भाजपा को सत्ता में वापस लाना मेरा कर्तव्य है। मैं पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से सहयोग करने का आग्रह करता हूं।’ ट्वीट कर भी दिए थे इस्तीफे के संकेत इससे पहले बुधवार को बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) ने ट्वीट कर भी इस्तीफे के संकेत दिए थे।उन्होंने लिखा, ‘मुझे गर्व है कि मैं बीजेपी का वफादार कार्यकर्ता हूं। मेरे लिए यह सम्मान की बात है कि मैंने ऊंचे आदर्शों का पालन करते हुए पार्टी की सेवा की है। मैं सभी से आग्रह करता हूं कि पार्टी के संस्कारों के अनुरूप आचरण करें और ऐसा कोई प्रदर्शन या अनुशासनहीनता न करें, जिससे पार्टी को शर्मिंदगी झेलनी पड़े।’ पीएम मोदी के अलावा कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर्नाटक सरकार के 2 साल पूरे होने से पहले बीएस येदियुरप्पा (BS Yediyurappa) पिछले हफ्ते दिल्ली पहुंचे थे और पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) से मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात की थी। इसके बाद येदियुरप्पा के पद से हटाए जाने को लेकर अटकलें लगाई जाने लगी थी, हालांकि दिल्ली से वापस लौटने के बाद उन्होंने अटकलों को खारिज कर दिया था।