भाजपा का सवाल : बघेल और बैज पहले यह बताएँ कि कांग्रेस शासनकाल में कितने नक्सलियों को ढेर किया गया और कितने नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया?

भाजपा का सवाल : बघेल और बैज पहले यह बताएँ कि कांग्रेस शासनकाल में कितने नक्सलियों को ढेर किया गया और कितने नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया?

भाजपा का सवाल : बघेल और बैज पहले यह बताएँ कि कांग्रेस शासनकाल में कितने नक्सलियों को ढेर किया गया और कितने नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया?

प्रदेश प्रवक्ता ठाकुर ने याद दिलाया : नक्सलियों की धमकी से दुबकी बैठी भूपेश बघेल की सरकार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार तक उनके गांवों में नहीं करा पाई थी

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता देवलाल ठाकुर ने कहा है कि नक्सलियों के खात्मे का भाजपा सरकार का संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में नक्सली या तो ढेर किए जा रहे हैं या फिर वे अब हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करते हुए मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार की नक्सली पुनर्वास नीति के प्रति नक्सलियों को इस विश्वास को कांग्रेस के नेता हजम नहीं कर पा रहे हैं और अनर्गल बयानबाजी करके फिजूल के सवाल खड़ा कर रहे हैं।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार की दृढ़ राजनीतिक इच्छाशक्ति का ही यह सुपरिणाम है कि प्रदेश में अब तक 2,300 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। हाल ही में 3 एके-47, दो इंसास, चार एसएलआर और छह थी नाट थ्री हथियारों के साथ 21 माओवादियों में चार डीवीसीएम (डिवीजनल कमेटी मेंबर), नौ एसीएम (एरिया कमेटी मेंबर) और आठ पार्टी सदस्यों ने आत्मसमर्पण किया है। इससे पहले इसी महीने केंद्रीय समिति सदस्य रूपेश समेत 210 माओवादियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण किया था। इन नक्सलियों ने 19 एके-47, 17 एसएलआर, 23 इंसास, एक इंसास एलएमजी, 36 श्री नाट श्री राइफलें, चार कार्बाइन और 11 बैरल ग्रेनेड लांचर भी सरकार को सौंपे। कांकेर में कुछ दिनों पूर्व कामटेडा कैंप में 50 माओवादियों ने समर्पण किया था। श्री ठाकुर ने कहा कि भाजपा ने मार्च 2026 तक नक्सली सफाए का जो संकल्प व्यक्त किया है, वह निश्चित रूप से  पूरा होकर रहेगा।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठाकुर ने कहा कि नक्सली आत्मसमर्पण का झूठा श्रेय लेने वाले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नक्सल नीति व नक्सलियों के अत्मसमर्पण पर सवाल उठाने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री साय के नक्सल विरोधी ऑपरेशन पर कोई भी सवाल खड़ा करने से पहले प्रदेश को यह बताएँ कि कांग्रेस के पिछले शासनकाल में कितने नक्सलियों को ढेर किया गया और कितने नक्सलियों ने आत्मसर्पण किया? श्री ठाकुर ने कहा कि सत्ता में रहते हुए कांग्रेस ने नक्सलियों से सिर्फ भाईचारा ही निभाया। कांग्रेस के शासनकाल में नक्सली चुन-चुनकर टारगेट किलिंग कर रहे थे, कांग्रेस विधायक की मौजूदगी में सभा के मंच से नक्सली अपने विरोधियों को काटकर मार देने की धमकी दे रहे थे, लेकिन तत्कालीन भूपेश सरकार ने नक्सलियों को सत्तावादी संरक्षण देने में मशगूल थी। नक्सलवाद के नासूर को कांग्रेसी कुशासन का कलंकित अध्याय बताते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि काँग्रेस शासन में नक्सलवादी खून की नदियाँ बहा रहे थे। नक्सलियों की धमकी से दुबकी बैठी भूपेश बघेल की सरकार शहीद जवानों का अंतिम संस्कार तक उनके गांवों में नहीं करा पा रही थी। इससे अधिक शर्मनाक और क्या हो सकता है?