रती आबा बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया जिला स्तरीय कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री वर्मा हुए शामिल
उत्तर बस्तर कांकेर, 15 नवम्बर 2025/ केन्द्र सरकार के आव्हान पर धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जयंती के अवसर पर देश भर में आज जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जनजातीय गौरव दिवस के उपलक्ष्य में वर्चुअल संबोधन किया गया। इसी क्रम में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज नरहरदेव पीएम श्री शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के डोम में किया गया, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आमजनता के नाम संदेश का वाचन किया। साथ ही प्रधानमंत्री के वर्चुअल संबोधन के सीधा प्रसारण सामूहिक रूप से सुना गया।
आज दोपहर को आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने संदेश का वाचन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से धरती आबा भगवान बिरसा मुण्डा की 150वीं जन्म जयंती आज देशभर में मनाई जा रही है। जनजातीय गौरव दिवस आदिवासियों की शहादत और संघर्ष की सदैव याद दिलाएगा, जिसे प्रधानमंत्री श्री मोदी ने एक जन आंदोलन का रूप दिया। उन्होंने आगे बताया कि देश की आजादी में आदिवासी महानायकों की बड़ी भूमिका रही है, उनके अतुलनीय योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। केबिनेट मंत्री श्री वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संदेश का वाचन करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ आदिकाल से जनजातीय संस्कृति और परंपराओं का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां हल्बा, मुरिया, भारिया, बिंझवार, गोंड सहित अनेक जनजातियाँ स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी रही हैं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के वीरों का स्मरण करते हुए कहा कि 1857 की क्रांति के महानायक वीर नारायण सिंह, बस्तर के भूमकाल विद्रोह के जननायक गुंडाधूर, शहीद गैंदसिंह, जंगल सत्याग्रही शहीद रामाधीन गोंड इन सभी ने देश की स्वतंत्रता के लिए अद्वितीय योगदान दिया, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। राजस्व मंत्री ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के द्वारा 2047 में देश को विश्व के अग्रणी एवं विकसित बनाने की संकल्पना को पूरा करने की दिशा में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ राज्य लगातार प्रगति की शिखर की ओर बढ़ रहा है तथा आने वाले समय में निश्चित रूप से प्रदेश के साथ-साथ पूरा देश विकसित एवं समृद्ध बनेगा। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर कांकेर विधायक आशाराम नेताम ने अपना उद्बोधन में कहा कि आदिवासी समाज के लिए बड़ी गरिमा का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान पर भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती पर जनजातीय गौरव दिवस मनाया जा रहा है। आदिवासियों ने अपने जल, जंगल, जमीन और देश की आन-बान व शान के लिए संघर्ष किया। उनके योगदान को अविस्मरणीय बनाने की जिम्मेदारी शासन की ही नहीं अपितु प्रत्येक नागरिक की भी है। विधायक श्री नेताम ने मुख्यमंत्री साय के द्वारा आदिवासी कल्याण एवं विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी प्रकाश डाला। कलेक्टर निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने बताया कि धरती आबा अभियान के तहत प्रदेश के सभी जिलों में से कांकेर जिले के सर्वाधिक ग्रामों को सम्मिलित किया गया है। आदि कर्म योगी, पीएम जनमन, धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान जैसी योजनाओं से जिले के आदिवासियों को लाभान्वित करने का सतत् प्रयास जिला प्रशासन द्वारा किया जा रहा है।
इसके पहले राजस्व मंत्री का स्वागत आदिवासी लोक नर्तक दलों के द्वारा किया गया। मंत्री श्री वर्मा ने विद्यालय परिसर में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया गया। साथ ही स्वसहायता समूह की महिलाओं के द्वारा तैयार किए गए विभिन्न व्यंजन चीला, मुठिया, गुलगुला भजिया आदि का स्वाद चखा। इसके अलावा उन्होंने देवगुड़ी में पूजा अर्चना कर जिला एवं प्रदेशवासियों की खुशहाली के लिए आशीर्वाद मांगा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, नगर पालिका परिषद कांकेर के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक, जिला पंचायत की उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर, नागरिक श्री सतीश लाटिया, श्री महेश जैन, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, पार्षदगण सहित जिला पंचायत के सीईओ श्री हरेश मण्डावी, एसडीएम कांकेर श्री अरूण वर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग सुश्री जया मनु के अलावा संबंधित विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि बिरसा मुंडा का जन्म 15 नवंबर 1875 को हुआ था। बहुत कम उम्र में ही उन्होंने अंग्रेजों द्वारा आदिवासियों के पारंपरिक ‘खुंटकट्टी’ (सामुदायिक स्वामित्व) भूमि अधिकारों को छीनने और अत्यधिक लगान थोपने का विरोध प्रारंभ कर दिया था। बिरसा एक महान समाज सुधारक भी थे। उनके प्रयासों से जनजातीय समाज में एकता, स्वाभिमान और आत्म-सम्मान की अद्भुत चेतना जागृत हुई। भारत सरकार ने उनके राष्ट्र एवं समाज को दिए योगदान को सम्मानित करते हुए उनके जन्मदिन 15 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने की घोषणा की है। यह दिन स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समुदायों के अमूल्य बलिदान को स्मरण करने का अवसर है।
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