बिना सत्यापन झूठी व आपराधिक प्रकृति की खबरें प्रकाशित करने पर मीडिया संस्थानों को लीगल नोटिस

बिना सत्यापन झूठी व आपराधिक प्रकृति की खबरें प्रकाशित करने पर मीडिया संस्थानों को लीगल नोटिस

रायपुर।

रायपुर निवासी व्यक्ति की छवि को जानबूझकर धूमिल करने, सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने तथा उन्हें मानसिक, सामाजिक व आर्थिक रूप से क्षति पहुँचाने के उद्देश्य से कुछ मीडिया संस्थानों एवं व्यक्तियों द्वारा गंभीर आपराधिक कृत्य किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में संबंधित व्यक्ति की ओर से अधिवक्ता विनोद प्रधान (LAWCorp CG) के माध्यम से संबंधित मीडिया संस्थानों व व्यक्तियों को कड़ा कानूनी नोटिस जारी किया गया है।

लीगल नोटिस में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि दिनांक 20.12.2025 को थाना सिविल लाइन में सामान्य प्रक्रिया के तहत संबंधित व्यक्ति को बुलाया गया था, तथा बाद में धारा 151 में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया गया था किंतु उक्त तथ्य को तोड़-मरोड़ कर आर खुलासा डॉट कॉम, दैनिक हमर छत्तीसगढ़ खुलासा, एवं अमन प्रकाश न्यूज़ द्वारा इस प्रकार प्रस्तुत किया गया मानो कोई संगीन आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति हो।

नोटिस के अनुसार आर खुलासा डॉट कॉम, दैनिक हमर छत्तीसगढ़ खुलासा (संपादक – श्रीमती सानिया रसेल), अमन प्रकाश न्यूज़ तथा संबंधित व्यक्तियों द्वारा बिना किसी पुलिस रिकॉर्ड, प्राथमिकी या न्यायिक आदेश के महिलाओं के शोषण, अश्लील संदेश भेजने, ब्लैकमेलिंग, छेड़छाड़ एवं आपराधिक कृत्यों जैसे अत्यंत गंभीर, झूठे और मानहानिकारक आरोप लगाए गए।

इतना ही नहीं, समाचार प्रकाशन के दौरान फोटो एवं विडियो प्रकाशित कर उन्हें “हिस्ट्रीशीटर” एवं “अपराधी प्रवृत्ति” का व्यक्ति दर्शाया गया, जबकि सच्चाई यह है कि देश के किसी भी थाने में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है।

लीगल नोटिस में यह भी उल्लेख है कि संबंधित वेब न्यूज़ पोर्टल्स द्वारा बिना वजह नाम व फोटो और वीडियो का दुरुपयोग कर आपत्तिजनक एवं अशोभनीय वीडियो सामग्री तैयार कर वायरल की गई, जो भारतीय दंड संहिता, आईटी एक्ट तथा प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है।

इन झूठी व दुर्भावनापूर्ण खबरों के कारण अधिवक्ता के मुवक्किल को

सामाजिक अपमान, मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा है।

लीगल नोटिस के माध्यम से संबंधित मीडिया संस्थानों एवं व्यक्तियों को निर्देशित किया गया है कि वे प्रकाशित एवं प्रसारित सभी झूठी खबरों का स्पष्ट खंडन प्रमुखता से प्रकाशित करें, संबंधित चैनलों/पोर्टलों पर वीडियो क्लिपिंग के माध्यम से सार्वजनिक माफी मांगें तथा संपादक स्तर से लिखित क्षमा याचना प्रस्तुत करें।

अन्यथा उन पर सक्षम न्यायालय में मानहानि का दावा, संबंधित थाने में एफआईआर, एवं मीडिया संस्थानों के पंजीयन निरस्तीकरण हेतु सक्षम विभागों में शिकायत दायर की जाएगी, जिसकी संपूर्ण कानूनी जिम्मेदारी संबंधित समाचार पत्र, न्यूज़ पोर्टल एवं उनके संपादकों/संचालकों की होगी।