डबल इंजन सरकार में जनजातीय संस्कृति को सम्मान और खेल प्रतिभाओं को मिल रहा नया आसमान- अनुज
डबल इंजन सरकार में जनजातीय संस्कृति को सम्मान और खेल प्रतिभाओं को मिल रहा नया आसमान- अनुज
रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में खेलो इंडिया के तहत इस खेल महाकुंभ का शुभारंभ केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के करकमलों से संपन्न हुआ| छत्तीसगढ़ की धरती आज एक ऐतिहासिक गौरव के क्षण की साक्षी बन रही है—देश के प्रथम ‘खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स’ का भव्य शुभारंभ हुआ।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि यह आयोजन केवल खेल नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव, प्रतिभा और नए भारत के आत्मविश्वास का उत्सव है। आज जब मैं आपके चेहरों पर वो चमक और आँखों में वो संकल्प देखता हूँ, तो मुझे नए भारत की एक भव्य तस्वीर दिखाई देती है।अक्सर लोग कहते थे कि "पढ़ोगे-लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे-कूदोगे तो होगे खराब।" लेकिन आज का युवा इस पुरानी कहावत को मिट्टी में मिला चुका है। आज का मंत्र है— "जो खेले, वही खिले| मोदी जी का खेलो इंडिया' संकल्प सिर्फ एक योजना नहीं, एक आंदोलन है। यह आंदोलन है आपकी क्षमता को पहचानने का, आपके पसीने को पदक में बदलने का। पदक सिर्फ फैक्ट्री में नहीं बनते, वे आपकी मेहनत, आपके धैर्य और आपकी रगों में दौड़ने वाले जुनून से बनते हैं। सरकार का काम है आपको सुविधा देना, लेकिन उस सुविधा को 'सफलता' में बदलना सिर्फ आपके हाथ में है। आज देश के छोटे-छोटे गांवों से, गरीब परिवारों से निकलकर बेटियां और बेटे दुनिया के मंच पर तिरंगा फहरा रहे हैं। हमें एक ऐसा भारत बनाना है जहाँ खेल सिर्फ मनोरंजन न हो, बल्कि एक करियर हो, एक जीवनशैली हो। जब आप मैदान में दौड़ते हैं, तो सिर्फ आप नहीं दौड़ते, आपके साथ 140 करोड़ देशवासियों की उम्मीदें दौड़ती हैं। मैदान में उतरा हुआ खिलाड़ी कभी खाली हाथ नहीं लौटता; या तो वह जीत लेकर लौटता है या फिर जीत का हुनर सीखकर लौटता है। युवा शक्ति ही राष्ट्र शक्ति है। वे युवाओं से आह्वान करते हैं कि वे नशों और मोबाइल की वर्चुअल दुनिया से बाहर निकलकर मैदान की मिट्टी से जुड़ें और 'खेलो इंडिया' के माध्यम से तिरंगे का मान बढ़ाएं। खेलो इंडिया' ने गाँवों और छोटे शहरों के उन प्रतिभावान बच्चों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं, जो संसाधनों के अभाव में पीछे रह जाते थे। अब प्रतिभा किसी बड़े शहर या रसूख की मोहताज नहीं है। खेल अब केवल शौक नहीं, बल्कि एक सम्मानजनक कैरियर है। सरकार अब खिलाड़ियों को न केवल मंच दे रही है, बल्कि आर्थिक सहायता और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग भी प्रदान कर रही है। एक विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है जब यहाँ का युवा स्वस्थ और फिट हो। 'खेलो इंडिया' केवल पदक जीतने के लिए नहीं, बल्कि जीवन में अनुशासन और टीम भावना सीखने का माध्यम है। उन्होंने युवाओं कों समझाते हुए कहा कि मैदान में हारने वाला खिलाड़ी फिर से जीत सकता है, लेकिन जो मन से हार कर मैदान छोड़ देता है, वह कभी इतिहास नहीं रचता। उठो, अपने भीतर के खिलाड़ी को जगाओ। मैदान आपका इंतजार कर रहा है। खेलो इंडिया के साथ जुड़ो और दुनिया को दिखा दो कि भारत का युवा किसी से कम नहीं है।
इस दौरान विधायक अनुज शर्मा की "Aarug The Untouched " बैंड की शानदार संस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी हुए|
इस अवसर पर केंद्रीय युवा एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं खेल मंत्री श्री अरुण साव, विधायक अनुज शर्मा सहित सम्माननीय मंत्रीगण, विधायकगण सहित गणमान्य जन उपस्थित रहे।
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