विधानसभा चौक से खरोरा तक 'तिरंगामय' हुआ धरसींवा; विधायक अनुज शर्मा की अगुवाई में 20 गांवों से गुजरी भव्य शौर्य यात्रा
विधानसभा चौक से खरोरा तक 'तिरंगामय' हुआ धरसींवा; विधायक अनुज शर्मा की अगुवाई में 20 गांवों से गुजरी भव्य शौर्य यात्रा
"तिरंगा सिर्फ तीन रंगों का कपड़ा नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का स्वाभिमान और अमर शहीदों का बलिदान है" — विधायक अनुज शर्मा
धरसींवा / खरोरा
धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक अनुज शर्मा के ओजस्वी नेतृत्व में आज क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और भव्य 'तिरंगा यात्रा' का आयोजन किया गया। "एक कदम देश के नाम" के संकल्प के साथ निकाली गई इस विशाल बाइक रैली में कार्यकर्ताओं का अपार उत्साह और देशभक्ति का अनूठा जज्बा देखने को मिला। विधायक अनुज शर्मा ने स्वयं विधानसभा चौक से राष्ट्रीय ध्वज लहराकर इस तिरंगा यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।
खुद बुलेट पर सवार हुए विधायक अनुज शर्मा
पूरी यात्रा के दौरान विधायक अनुज शर्मा खुद बुलेट (बाइक) पर सवार होकर आगे चल रहे थे, जिन्हें देखकर कार्यकर्ताओं का उत्साह दोगुना हो गया। रैली में शामिल सैकड़ों कार्यकर्ताओं के हाथों में लहराता राष्ट्रध्वज और उनके चेहरों पर देशभक्ति का अनूठा प्रेम देखते ही बन रहा था। भारत माता के जयकारों और गगनभेदी राष्ट्रभक्ति के नारों से पूरा धरसींवा क्षेत्र गुंजायमान रहा।
गांव-गांव में पुष्पवर्षा और आतिशबाजी से भव्य स्वागत
विधानसभा चौक से प्रारंभ होकर यह विशाल तिरंगा यात्रा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों से गुजरते हुए राष्ट्रप्रेम का संदेश फैलाती रही। यह यात्रा ग्राम बरोदा, भुरकोनी, मांढ़र, सिलतरा, चरौदा, धरसींवा, कुंरा, देवरी, मनोहरा, कुथरेल, मलौद, कुरुद, सिलयारी, बरतोरी, खौना, कुर्रा, बंगोली, मुरा और मोहरेंगा होते हुए नगर पंचायत खरोरा पहुंची। पूरे मार्ग में हर एक गांव और हर एक गली में स्थानीय नागरिकों एवं ग्रामीणों द्वारा पुष्पवर्षा, आरती और भव्य आतिशबाजी के साथ यात्रा का अभूतपूर्व स्वागत किया गया।
तिरंगा सिर्फ तीन रंगों का कपड़ा नहीं, 140 करोड़ भारतीयों का स्वाभिमान है: अनुज शर्मा
इस अवसर पर जनसैलाब को संबोधित करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने अत्यंत ओजस्वी शब्दों में कहा — "आज हमारी धरसींवा की इस पवित्र धरा पर देशभक्ति का जो जनसैलाब उमड़ा है, उसने यह साबित कर दिया है कि हमारे लिए राष्ट्रप्रेम से बढ़कर कुछ भी नहीं है। विधानसभा चौक से लेकर खरोरा तक, हर एक गांव में जिस तरह आप सभी ने हाथों में तिरंगा थामकर कदम बढ़ाया है, मैं आप सभी के इस असीम जोश और समर्पण को नमन करता हूँ। यह तिरंगा यात्रा केवल एक रैली नहीं, बल्कि हमारे अमर बलिदानियों के प्रति हमारी अटूट निष्ठा और सच्ची श्रद्धांजलि है।"
तिरंगे के रंगों की अनूठी व्याख्या और 'राष्ट्र सर्वोपरि' का संदेश
भाषण के दौरान तिरंगे की महिमा और उसके रंगों की सुंदर व्याख्या करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा — "हमारा यह तिरंगा सिर्फ तीन रंगों का कपड़ा नहीं है, यह हमारे 140 करोड़ भारतीयों का स्वाभिमान है, अमर शहीदों का बलिदान है और एक सशक्त, नए भारत की पहचान है। इसका केसरिया रंग हमें वीरता, सफेद रंग शांति और हरा रंग हमारी खुशहाली को दर्शाता है। वहीं बीच में स्थित अशोक चक्र हमें याद दिलाता है कि भारत न कभी रुका है और न कभी झुका है। आज जब कोई नागरिक हाथ में तिरंगा लेकर सड़क पर निकलता है, तो केवल एक झंडा नहीं, बल्कि पूरे देश का स्वाभिमान और गर्व लहराता है।"
देश को विश्वगुरु बनाने और उन्नति का लिया संकल्प
उन्होंने आगे कहा — "आज हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में भारत जिस तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, वह एक नए युग, नए आत्मविश्वास और अजेय शक्ति का उद्घोष है। भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के लिए आज हमें संकल्प लेना होगा कि हम सभी अपनी-अपनी जगह पर रहकर पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण से देश और प्रदेश की उन्नति में अपना योगदान देंगे।"
एकता, अखंडता की शपथ और स्वतंत्रता पर्व की शुभकामनाएं
जनता और कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए विधायक अनुज शर्मा ने कहा — "आइए, आज इस ऐतिहासिक तिरंगा यात्रा में हम सब मिलकर शपथ लें कि हम देश की एकता और अखंडता की रक्षा करेंगे, 'राष्ट्र सर्वोपरि' के भाव को दिल में जगाए रखेंगे और भारत को विश्वगुरु बनाने के संकल्प को पूरा करने में अपनी जी-जान लगा देंगे।" भाषण के अंत में उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों एवं प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रगान के साथ गरिमामय समापन
यात्रा के ऐतिहासिक और भव्य समापन पर विधायक अनुज शर्मा ने रैली में शामिल सभी देशभक्त कार्यकर्ताओं, मातृशक्ति, युवाओं और क्षेत्र के सम्मानित नागरिकों का हृदय से आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात, पूरी रैली का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक और गरिमामय गायन के साथ हुआ, जिससे पूरा माहौल राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर हो गया।

