रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा और बिलासपुर में 24x7 नाइट लैंडिंग की मांग

रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा और बिलासपुर में 24x7 नाइट लैंडिंग की मांग

रायपुर को अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का दर्जा और बिलासपुर में 24x7 नाइट लैंडिंग की मांग

 बस्तर और सरगुजा (जगदलपुर-अंबिकापुर) से नियमित उड़ानें जल्द बहाल करने पर दिया जोर

 खनिज आधारित भारी उद्योगों और ऊर्जा परियोजनाओं के विस्तार से छत्तीसगढ़ बनेगा आत्मनिर्भर: सांसद बृजमोहन

ऋषिकेश / रायपुर 28 सितंबर
संसदीय प्राक्कलन समिति (एस्टिमेट्स कमेटी) के उत्तराखंड अध्ययन प्रवास के दौरान ऋषिकेश में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में रायपुर सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ के जनहित और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दों को पूरी प्रखरता के साथ रखा। 
समिति के अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल की अध्यक्षता में आयोजित इन बैठकों में नागरिक उड्डयन, भारी उद्योग और विद्युत क्षेत्र से जुड़े अहम विषयों की जमीनी समीक्षा की गई।

छत्तीसगढ़ में हवाई सेवाओं का विस्तार: रायपुर बने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट

नागरिक उड्डयन मंत्रालय और भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में देश भर में एयरपोर्ट विकास और 'उड़ान' (UDAN) योजना की समीक्षा हुई। इस दौरान सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ की जनता की वर्षों पुरानी आकांक्षाओं को रखते हुए कहा कि रायपुर स्थित स्वामी विवेकानंद विमानतल को अविलंब अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का पूर्ण दर्जा दिया जाए।
इसके साथ ही उन्होंने बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग सुविधा को बिना किसी देरी के शुरू कर 24 घंटे कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की मांग की। श्री अग्रवाल ने जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट से बंद पड़ी नियमित उड़ानों को तुरंत बहाल करने पर जोर देते हुए कहा कि बस्तर और सरगुजा जैसे वनांचल क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़े रखने के लिए हवाई कनेक्टिविटी बेहद जरूरी है। बैठक में एलायंस एयर और पवन हंस के अधिकारी भी उपस्थित रहे।

खनिज संपदा का लाभ प्रदेश के युवाओं को मिले: भारी उद्योगों का हो विस्तार

“देश में भारी उपकरणों की उत्पादन क्षमता की समीक्षा” विषय पर आयोजित बैठक में श्री अग्रवाल ने कहा कि भारी उद्योग किसी भी राष्ट्र की आर्थिक रीढ़ होते हैं। मशीनों के निर्माण के साथ देश की आत्मनिर्भरता और युवाओं के रोजगार की राह खुलती है। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ प्रचुर लौह अयस्क और कोयला संपदा से संपन्न है। इस खनिज संपदा का अधिकतम मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) राज्य के भीतर ही होना चाहिए, ताकि यहां आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स लगें और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हों। इस दौरान BHEL के सीएमडी श्री शिव कुमार मूर्ति ने शॉल व पुष्पगुच्छ भेंट कर सांसद बृजमोहन समेत समिति सदस्यों का स्वागत किया। बैठक में भारी उद्योग मंत्रालय, भेल और HEC के प्रतिनिधि भी शामिल थे।

ऊर्जा परियोजनाओं में गति और पर्यावरणीय संतुलन पर बल

“भारत में विद्युत परियोजनाएं – मुद्दे और चुनौतियां” पर आयोजित तीसरी अहम बैठक में सांसद श्री अग्रवाल ने ऊर्जा उत्पादन, हाइड्रो प्रोजेक्ट्स और पारेषण व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देश व प्रदेश की तेजी से बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए परियोजनाओं को तय समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य है, साथ ही विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन साधना भी उतना ही जरूरी है। इस बैठक में केंद्रीय विद्युत मंत्रालय, NTPC, NHPC, THDC, PGCIL, PFC और REC के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने विश्वास जताया कि प्राक्कलन समिति के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष रखे गए छत्तीसगढ़ के इन सभी प्रस्तावों पर संबंधित मंत्रालय शीघ्र ठोस और सकारात्मक निर्णय लेंगे।