CAIT की मांग पर CBDT का महत्वपूर्ण निर्णय - ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 नवंबर की गई

CAIT की मांग पर CBDT का महत्वपूर्ण निर्णय - ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 नवंबर की गई

CAIT की मांग पर CBDT का महत्वपूर्ण निर्णय - ऑडिट मामलों में आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 नवंबर की गई

CAIT छत्तीसगढ़ ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर समय सीमा बढ़ाने की थी मांग

व्यापारियों एवं करदाताओं को बड़ी राहत - निर्णय का स्वागत एवं केंद्रीय वित्त मंत्री एवं CBDT के प्रति आभार: अमर पारवानी

देश के सबसे बड़े व्यापारिक संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के नेशनल वाइस चेयरमेन एवं राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण बोर्ड के सदस्य श्री अमर पारवानी, छत्तीसगढ़ इकाई के चेयरमेन श्री जितेन्द्र दोशी, श्री विक्रम सिंहदेव, प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन, वाइस चेयरमेन श्री सुरिन्दर सिंह, श्री जीवत बजाज, प्रदेश महामंत्री श्री अवनीत सिंह, प्रदेश कोषाध्यक्ष श्री विजय पटेल, कार्यकारी अध्यक्ष श्री राजेन्द्र जग्गी, श्री वासु माखीजा, श्री राम मंधान, श्री भरत जैन, श्री राकेश ओचवानी एवं श्री शंकर बजाज ने संयुक्त रूप से बताया कि Assessment Year  2026-27 के लिए Section 92E के अंतर्गत आने वाले मामलों को छोड़कर, ऑडिट के दायरे में आने वाले व्यापारियों एवं अन्य करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 से बढ़ाकर 21 नवंबर 2026 कर दी है।

साथ ही, ऐसे मामलों में आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की specified date 30 सितंबर 2026 से बढ़ाकर 21 अक्टूबर 2026 कर दी गई है। CBDT  द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार यह विस्तार Section 139 (1) की EÛplanation 2 की Table esa Sl- No. 2 के अंतर्गत आने वाले मामलों के लिए है।  

CAIT छत्तीसगढ़ द्वारा केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण को पत्र लिखकर व्यापारियों एवं करदाताओं के लिए आयकर रिटर्न एवं ऑडिट संबंधी कार्यों को पूरा करने हेतु पर्याप्त समय उपलब्ध कराने तथा निर्धारित अंतिम तिथियों को बढ़ाने की मांग की गई थी।

CAIT  के राष्ट्रीय वाइस चेयरमेन श्री अमर पारवानी ने कहा कि वर्तमान में व्यापारिक प्रतिष्ठानों में ऑडिट, लेखांकन, आवश्यक दस्तावेजों के संकलन तथा आयकर संबंधी अनुपालन की प्रक्रिया चल रही है। ऐसे में समय सीमा में विस्तार से करदाताओं एवं कर पेशेवरों को अपने अनुपालन कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं सावधानीपूर्वक पूरा करने का अवसर मिलेगा।

श्री अमर पारवानी ने केंद्र सरकार द्वारा समय सीमा बढ़ाए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं ब्ठक्ज् के प्रति आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं एवं व्यावहारिक कठिनाइयों को समय-समय पर सरकार के समक्ष रखना CAIT  की प्राथमिकता रही है। आयकर रिटर्न एवं ऑडिट की समयसीमा बढ़ाने की मांग भी इसी क्रम में सरकार के समक्ष रखी गई थी।

श्री पारवानी ने कहा कि CBDT द्वारा समय सीमा में विस्तार किए जाने से व्यापारियों एवं करदाताओं को अपने ऑडिट, लेखांकन एवं आयकर अनुपालन से संबंधित कार्यों को अधिक व्यवस्थित ढंग से पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय प्राप्त होगा।

CAIT  छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष श्री परमानंद जैन ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण एवं CBDT  के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि व्यापारियों एवं करदाताओं की वास्तविक व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए समयसीमा में विस्तार किया जाना स्वागतयोग्य निर्णय है।

उन्होंने कहा कि इस विस्तार से व्यापारियों को आवश्यक दस्तावेजों के संकलन, खातों के अंतिम रूप देने, ऑडिट प्रक्रिया तथा आयकर रिटर्न दाखिल करने के कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर व्यवस्थित रूप से पूरा करने में सुविधा होगी।

CAIT  छत्तीसगढ़ ने प्रदेश के सभी संबंधित व्यापारियों, करदाताओं एवं व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ लेते हुए अपने ऑडिट एवं आयकर रिटर्न से संबंधित सभी आवश्यक कार्य समय रहते पूर्ण करें, ताकि अंतिम समय में किसी प्रकार की तकनीकी अथवा अन्य कठिनाई का सामना न करना पड़े।

CAIT  छत्तीसगढ़ व्यापारियों एवं करदाताओं के हितों से जुड़े विषयों को निरंतर सरकार के समक्ष प्रभावी रूप से उठाता रहेगा।

नोट - कैट द्वारा माननीया श्रीमती सीतारमण जी को भेजे गये पत्र संलग्न है।
धन्यवाद