कलेक्टर ने किया नरहरपुर, अमोड़ा व चवांड़ धान खरीदी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण

कलेक्टर ने किया नरहरपुर, अमोड़ा व चवांड़ धान खरीदी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण
शाला त्यागी मुक्त ग्राम अभियान 26 नवम्बर तक, वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने की नई पहल
 जिले में माओवाद प्रभावित आदिवासी बाहुल्य व दुर्गम पहुंचविहीन भौगोलिक परिस्थितियांे को दृष्टिगत रखते हुए जिला प्रशासन एवं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शाला त्यागी विद्यार्थियों को शिक्ष से जोड़ने नई पहल की जा रही है। इसके तहत जिले में अनुरोध कार्यक्रम संचालित किया जा रहा हैै। जिला प्रशासन द्वारा शाला त्यागी व अप्रवेशी बच्चों का चिन्हांकन ग्राम स्तर पर आज से 26 नवम्बर के बीच किया जा रहा है। उक्त अवधि में आयोजित विशेष ग्राम सभा में ऐसे बच्चों का चिन्हांकन करते हुए उन्हें शिक्षा के मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है, जिसे ‘‘अनुरोध कार्यक्रम शाला त्यागी मुक्त ग्राम’’ अभियान नाम दिया गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्तमान में बोर्ड परीक्षा की तैयारी, बच्चों का आपार आईडी, यूडाईस की प्रविष्टि, उपचारात्मक शिक्षण जैसे कार्य स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सम्पादित किये जा रहे हैं। छात्रों की विद्यालयों में नियमित उपस्थिति तथा उनकी विद्यालय में निरंतरता बनाये रखने के लिए सतत् निरीक्षण भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान शासकीय विद्यालयों में प्रति दिवस 5 से 10 प्रतिशत बच्चे नियमित रूप से अनुपस्थित रहते हैं। यह संख्या सेकण्डरी स्तर पर बढ़कर 20 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाता है। यह भी बताया गया कि शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के ड्रॉप बाक्स में अभी भी 5900 से अधिक बच्चे दर्शित हैं, उन बच्चों का परीक्षण कर शिक्षा के मुख्यधारा में जोड़ा जाना है।
कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने पालकगण, सरपंच एवं गणमान्य नागरिकों से शाला त्यागी बच्चों को अनिवार्य रूप से समीप के विद्यालयों में समुचित कक्षा में इंद्राज कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि ऐसी ग्राम पंचायतों को 26 जनवरी 2026 राष्ट्रीय पर्व में प्रशस्ति पत्र प्रदान कर पुरस्कृत एवं सम्मानित किया जाएगा।
क्रमांक/1216/सिन्हा

 
कलेक्टर ने किया नरहरपुर, अमोड़ा व चवांड़ धान खरीदी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण
केन्द्रों में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को दिए निर्देश
 खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले में धान खरीदी का कार्य प्रारंभ हो चुका है। कलेक्टर  निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर ने आज तहसील मुख्यालय नरहरपुर सहित चवांड़ तथा अमोड़ा के धान खरीदी केंद्रों का आकस्मिक निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखते हुए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने खरीदी केंद्रों में जरूरी मूलभूत सुविधाएं, किसानों को टोकन का आबंटन और धान खरीदी के संबंध में जानकारी ली। धान उपार्जन केन्द्र नरहरपुर में उन्होंने किसानों से चर्चा की इस दौरान कृषकों ने बारदाने की कमी की बात कही। इस पर कलेक्टर ने पुराने बारदानों की व्यवस्था तत्काल करने के निर्देश जिला विपणन अधिकारी को दिए। इसी तरह अमोड़ा में धान बेचने आए किसानों के लिए पेय जल की व्यवस्था करने के निर्देश समिति प्रबंधक को देते हुए कहा कि किसानों हितों को सर्वाेपरि रखते हुए केंद्रों में छाया, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें। इसके पश्चात कलेक्टर ने ग्राम चवांड़ के धान खरीदी पहंुचे जहां पर स्थानीय सरपंच द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना की। साथ ही किसानों की मांग पर खरीदे गए धान की समुचित सुरक्षा हेतु तार फेंसिंग कराने के लिए प्रबंधक को निर्देशित किया। इसके अलावा उन्होंने केन्द्र प्रभारी को निर्देशित करते हुए कहा कि धान खरीदी केंद्रों में धान बेचने पहंुचे किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी तैयारियां पूर्ण की जाए।  निरीक्षण के दौरान एसडीएम कांकेर श्री अरुण वर्मा, खाद्य निरीक्षक श्री जे.जे. नायक, जिला विपणन अधिकारी सहित मैदानी अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे।



माचार
बस्तर कमिश्नर ने एसआईआर संबंधी कार्यों का किया निरीक्षण
फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन की प्रगति की समीक्षा की
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के तहत जिले में मतदाता सूची के शुद्धिकरण का कार्य बीएलओ के द्वारा घर-घर जाकर मतदाताओं के सत्यापन का कार्य आगामी 04 दिसम्बर तक किया जाएगा। इसी क्रम में बस्तर संभाग के संभागायुक्त  डोमन सिंह ने आज जिले में एसआईआर के तहत फार्म वितरण एवं डिजिटाइजेशन की प्रगति जानने मतदान केन्द्र नंदनमारा का आकस्मिक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बूथ लेवल अधिकारियों से अब तक किए गए सत्यापन की जानकारी ली तथा इसमें तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। साथ ही संबंधित ईआरओ को निर्धारित समय-सीमा में सम्पूर्ण सत्यापन का कार्य पूरी सावधानी व सर्तकता के साथ करने के निर्देश दिए। इसके पहले उन्होंने इंदिरा गांधी स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय की आंतरिक बैठक में शामिल होकर विभागीय कार्यों की जानकारी ली। इस अवसर पर अपर कलेक्टर  जितेन्द्र कुर्रे, एसडीएम कांकेर  अरूण वर्मा, तहसीलदार पुष्पराज पात्र सहित राजस्व विभाग एवं निर्वाचन से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


 
समाचार
सिविल सेवा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल होने वाले दिव्यांग परीक्षार्थियों को मिलेगी प्रोत्साहन राशि
 समाज कल्याण विभाग द्वारा 40 प्रतिशत या इससे अधिक की दिव्यांगता से ग्रस्त दिव्यागजनों के लिए सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इस योजना के तहत संघ व छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग की प्रतियोगी परीक्षा में सफल होने वाले दिव्यांग परीक्षार्थियों को प्रोत्साहन राशि का लाभ दिया जाएगा। इस संबंध में उप संचालक समाज कल्याण ने बताया कि संघ व छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग में आयोजित प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण होने पर  एकमुश्त राशि 20 हजार रूपए और मुख्य परीक्षा में चयन होने पर एकमुश्त 30 हजार रूपए तथा अंतिम रूप से चयनित होने पर उन्हें 50 हजार रूपए की एकमुश्त राशि का लाभ दिया जाता है। उन्होंने बताया कि इन परीक्षाओं में सफल होने वाले दिव्यांग प्रतिभागी प्रोत्साहन राशि प्राप्ति हेतु कार्यालय उपसंचालक, समाज विभाग कांकेर में आवेदन कर सकते हैं।

 
बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित
 कलेक्टर  निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में बाल विवाह मुक्त अभियान के तहत एक दिवसीय जिला स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन जिला पंचायत के सभाकक्ष में किया गया। कार्यशाला में वित्तीय वर्ष 2028-29 तक सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य को बाल विवाह मुक्त बनाए जाने के लक्ष्य के बारे में जानकारी दी गई।
उक्त कार्यशाला को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर ने कहा कि सभी को सम्मिलित रूप से समन्वित प्रयास करते हुए जिले को बाल विवाह जैसी कुरीतियों से मुक्त करना है। उन्होंने इसके लिए ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार तथा जनजागरुकता अभियान चलाये जाने के लिए निर्देशित किया। जिला कार्यकम अधिकारी  विपिन जैन ने जिले को बाल विवाह मुक्त कराने में सहयोग करने का आव्हान किया। उन्होंने बताया कि कांकेर जिले में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान के तहत् अब तक लगभग 50 ग्राम पंचायतों की बाल विवाह मुक्त घोषित कराये जाने हेतु प्रस्ताव पारित कराया गया है, शेष ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त कराये जाने हेतु विशेष अभियान चलाये जाने की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि बाल विवाह की जानकारी मिलने पर टोल फ्री नम्बर 1098 पर इसकी सूचना दी जा सकती है। बाल विवाह की सूचना प्राप्त होने पर संबंधित ग्राम पंचायत, नगरीय निकाय, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त रुप से कार्यवाही की जाती है। उक्त कार्यशाला में राज्य स्तर से आए रिसोर्स पर्सन  शशांक शर्मा के द्वारा बाल विवाह से संबंधित कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी एवं अवगत कराया कि बाल विवाह करने में सहयोग करने वाले सभी व्यक्तियों को 02 वर्ष के कठोर कारावास तथा 01 लाख रुपये के जुर्माने से दण्डित किये जाने का प्रावधान है। कार्यकम में उपस्थित सभी व्यक्तियों ने कांकेर जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने हेतु शपथ भी ली।