चोर के दाढ़ी में तिनका-दीपक बैज ने जीएसटी रिफॉर्म को बचत उत्सव कहने पर तंज करते हुए कहा

चोर के दाढ़ी में तिनका-दीपक बैज ने जीएसटी रिफॉर्म को बचत उत्सव कहने पर तंज करते हुए कहा
जीएसटी रिफॉर्म को बचत उत्सव कहना चोर के दाढ़ी में तिनका

  • अनियमित जीएसटी के कारण गरीब मध्यमवर्गीय परिवार किसान से 8 साल तक वसूली हुई


 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने जीएसटी रिफॉर्म को बचत उत्सव कहने पर तंज करते हुए कहा कि 8 साल तक अनियमित जीएसटी लगाकर प्रदेश के गरीब मध्यम वर्ग परिवार किसानों से करोड़ों रुपए की वसूली की गई। गब्बर सिंह टैक्स के कारण आम लोगों को आर्थिक चोट पहुंचा। उनकी बचत खत्म हुई कर्जभार बढ़ा इस के लिए मोदी सरकार जिम्मेदार है।उस दौरान कांग्रेस  ने जीएसटी के अनियमित स्लैब  को लेकर बार बार सरकार से बदलाव करने की मांग की।जीएसटी को आम जनता व्यापार उद्योग के लिए आर्थिक विनाशकारी बताया।तब मोदी सरकार तानाशाही करते हुए जीएसटी को दूसरी आजादी बताया था जबकि मनमानी ढंग से लगाई गई जीएसटी के कारण हर वर्ग कर के गुलामी झेला है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि गब्बर सिंह टैक्स के कारण बीते 8 साल में प्रदेश के किसानों से कृषि यंत्रों कीटनाशक,ट्रेक्टर एवं अन्य स्रोतों से  लगभग 4000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त वसूली हुई।गरीब मध्यम वर्गीय परिवार से हर माह लगभग 9 हजार रुपया वसूला गया।जिससे उनकी बचत खत्म हुई।उद्योग व्यापार पर इसका दुष्प्रभाव भयानक पड़ा जिसे व्यवसाय जगत आज भी उबर नही पाया है। जीएसटी विभाग जीएसटी के नाम व्यापारी उद्योगपतियों ठेकेदारों को डरा धमका कर अवैध वसूली करता रहा है। गब्बर सिंह टैक्स कारण जो प्रताड़ित हुए हैं उसके लिए भाजपा की सरकार जिम्मेदार है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि भाजपा सरकार आज भी जीएसटी में दो स्लैब होने का दावा कर जनता को गुमराह कर रही है जबकि सच्चाई यह है आज  भी जीएसटी में 6 प्रकार के स्लैब है।नए प्रावधान में 40 वस्तुओं पर जीएसटी की इस तरह बढ़ाई गई है। 17 वस्तुओं पर जीएसटी की दर 28 परसेंट से बढ़कर 40 फ़ीसदी किया गया है और 19 वस्तुओं को 12 फ़ीसदी से निकालकर 18 प्रतिशत में ला दिया गया है। यही नहीं अब भी 35 से अधिक कृषि उत्पाद जीएसटी के दायरे में हैं। केवल 2 जीएसटी स्लैब होने का दावा झूठा है, सोने चांदी पर 3 जीएसटी दर के साथ 5 प्रतिशत का स्लैब, 18 प्रतिशत और 40 प्रतिशत के साथ ही जीरो और निल रेटेड स्लैब भी होंगे, अर्थात कुल 6 तरह के स्लैब जीएसटी 2.0 में रहेंगे।