धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाई जाए - दीपक बैज
रायपुर/29 जनवरी 2026। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित किया है। अभी तक 3 लाख से अधिक किसान धान नहीं बेच पाये है। लगभग 4.7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि धान खरीदी की तिथि 1 माह बढ़ाई जाये। आनलाइन टोकन काटने की बंद प्रक्रिया फिर शुरू की जाये तथा सभी सोसायटियो में आफलाइन टोकन देना भी शुरू किया जाये। सुनिश्चित करें कि प्रदेश के हर किसान का दाना-दाना धान सरकार 3100 रू. क्विंटल की मूल्य पर खरीदी की जायेगी। किसानों को धान बेचने से रोकने बिना सहमति जबरिया रकबा सरेंडर करवा दिया गया। पूर्व से जारी टोकन को निरस्त करवाया गया। हजारो किसान सरकार के इस षडयंत्र का शिकार हुये।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि अभी तक जिस प्रकार से धान खरीदी की गई है इससे स्पष्ट है कि तय तारीख में प्रदेश के 27 लाख से अधिक समस्त किसान धान नहीं बेच पाएंगे। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा किसान कर्ज में आ जाएंगे और भाजपा की सरकार किसानों को आर्थिक रूप से तंगहाल करना चाहती है भाजपा सरकार चाहती है की किसान हताश और परेशान होकर अपनी उपज को औने पौने दाम पर बिचौलिया के पास बेच दे ताकि भाजपा सरकार किसानों को 3100 रु क्विंटल की दर से भुगतान करने से बचे।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि धान बेचने किसानों को एग्री स्टेक पोर्टल की खामियों के चलते टोकन नहीं मिला, रकबा कम होने, धान खरीदी केंद्रों में खरीदी लिमिट नही बढ़ाये जाने एवं खरीदी केंद्रों से धान का उठाव नही होने से बेहद परेशान है, धान खरीद केंद्रों में जाम की स्थिति है, खरीदी बाधित हो रही है। किसान आक्रोशित है, आंदोलन कर रहे है लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। कांकेर जिले के ग्राम बारकोट के किसान 150 किलोमीटर चल कर कलेक्टर से मिले लेकिन उनकी समस्या का कोई संतोषजनक हल नहीं हुआ। लगभग हर गांव में यही समस्या है। ये भाजपा सरकार के द्वारा जानबूझकर रचा गया षड्यंत्र है ताकि किसान धान बेचने से वंचित रहे और सरकार धान बेचने से वंचित किसानों को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी जिम्मेदारी से बच सके।
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