बस्तर बाढ़ से तबाह, सरकारी मदद केवल खानापूर्ति - दीपक बैज
बस्तर बाढ़ से तबाह, सरकारी मदद केवल खानापूर्ति - दीपक बैज
मुख्यमंत्री के दौरे ने निराश किया
रायपुर/02 अक्टूबर 2026। लगभग पूरा बस्तर संभाग लगातार दूसरे वर्ष भी भीषण बाढ़ की चपेट में आया है। इस वर्ष भी बाढ़ ने आम आदमी को बर्बाद कर दिया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि लोगों के मकान, सामान, पशुधन, फसल सब बर्बाद हो गये। अनेकों मार्ग का संपर्क टूट गया, पुल-पुलिये, सड़क सभी कुछ टूट कर बर्बाद हो गया है। जन-जीवन ढप्प हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि दुर्भाग्यजनक है कि मुख्यमंत्री बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने बस्तर आये लेकिन वे केवल औपचारिकता निभाकर पुल पर खड़े होकर फोटो खिंचवाकर, रील बनवाकर चले गये। मुख्यमंत्री का दौरा बेहद ही संवेदनहीन रहा। मुख्यमंत्री ने बाढ़ से हुए नुकसान और परेशानी को गंभीरता से नहीं लिया। ऐसा लगा कि मुख्यमंत्री नहीं कोई पर्यटक आया था जो फोटो खिचवाया और चला गया। यहां से जाने के बाद उन्हें सिंगापुर जाने की जल्दी थी। वे इन्वेस्टर कनेक्ट के बहाने सिंगापुर घूमने की तैयारी करने चले गये। बस्तर का आम आदमी परेशान है, न मुख्यमंत्री को फ्रिक है और न ही मंत्रियों को। बाढ़ से आठ लोगों की मौत हुई, उनके लिए भी मुख्यमंत्री ने कोई विशेष सहायता की घोषणा नहीं किया। उड़ीसा के द्वारा बांध से पानी छोड़ने से बाढ़ के हालात बिगड़े, मुख्यमंत्री दिल्ली में उड़ीसा के मुख्यमंत्री के साथ बैठक किये, इस पर आपत्ति क्यों नहीं व्यक्त किये।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि बाढ़ से हजारों घर प्रभावित हुए। हजारों मकान गिर गये। बड़ी संख्यों में लोग बेघर हो गये। लोगों के सामान बारिश में बर्बाद हो गया है। लाखों एकड़ तैयार फसल बर्बाद हो गयी। अनेकों सड़क, पुल-पुलिया टूट गये, बह गये। हजारों पालतू पशु गाय, बैल, मुर्गी, बकरी, बकरा सब बह गये। दो माह का राशन एक साथ मिला था पूरा राशन खराब हो गया। घर में पहले से रखी सामग्री और अन्य जरूरी सामान खराब हो गया। सरकार के द्वारा चलाया गया राहत कार्य केवल खानापूर्ति वाला था। अब तो राहत शिविर भी बंद हो गया है। सरकार ने मदद के नाम पर केवल जले पर नमक छिड़का, सरकारी सहायता अपर्याप्त थी। राहत शिविर बंद होने के बाद जो वापस घर गये है उनके घरों में खाना बनाने के राशन, गैस, लकड़ी कुछ नहीं है। लोग शिविर से वापस आने के बाद भूखे थे, सामाजिक संगठन के लोग और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनके लिए भोजन की व्यवस्था किया।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि सरकार मकानों की पूर्तिक्षति में 1.20 लाख दे रही, आंशिक क्षति में 4000 दे रही जो अपर्याप्त है। अतः सभी की हानि का मूल्यांकन कर घर बनाने के लिए कम से कम पूर्ण क्षति पर 5 लाख आंशिक क्षति पर 1 लाख दे। फसल के लिए सरकार 1 हेक्टेयर में 8000 का मुआवजा दे रही है जबकि सरकार 1 एकड़ में 21 क्विंटल धान खरीदती है तो नुकसान का मुआवजा 3100ग21 क्विंटल के हिसाब से 65,100 प्रति एकड़ के हिसाब से दिया जाये। प्रभावित क्षेत्रों के किसानों का पूरा कर्जा माफ किया जाये। पशुओं की हानि का आंकलन कर बाजार रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाये। घर में रखे सामान टी.वी. फ्रिज, बेड आदि का आंकलन कर मुआवजा दिया जाये। दो माह के राशन एकमुश्त फिर से दिया जाये। बच्चे के कापी-किताब, स्कूल बैग मुफ्त दिया जाये। प्रभावित क्षेत्र के लोगों के आवश्यक दस्तावेज बनाने के लिए शिविर लगाया जाये। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बाढ़ जनित संक्रमण रोकने विशेषज्ञ डॉक्टरों के शिविर लगाया जाये। पूरे बस्तर संभाग के पुल-पुलियों और इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा किया जाये।


