मुख्यमंत्री का सिंगापुर दौरा फिजूलखर्ची - कांग्रेस
पिछले विदेश दौरों पर कितना निवेश आया सरकार सार्वजनिक करे
रायपुर/02 अक्टूबर 2026। मुख्यमंत्री के सिंगापुर दौरे को कांग्रेस ने फिजुल खर्ची बताया है। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सिंगापुर दौरे के संदर्भ में राज्य सरकार को प्रदेश की जनता के सामने यह स्पष्ट करना चाहिए कि पिछले पौने तीन वर्षों में विदेश और देश के भीतर किए गए निवेश प्रयासों से वास्तव में छत्तीसगढ़ में कितना निवेश आया, कितनी परियोजनाएं जमीन पर उतरीं और कितने रोजगार सृजित हुए।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के जापान और दक्षिण कोरिया दौरे पर गये थे। मुख्यमंत्री ने कौन-कौन सी कंपनियों से एमओयू हुआ था, सार्वजनिक करे सरकार? छत्तीसगढ़ की जनता की गाढ़ी कमाई से मुख्यमंत्री और उनके अधिकारी जापान, साउथ अफ्रीका के दौरे पर गए थे, वहां से कितना निवेश आया सरकार को इसकी जानाकरी सार्वजनिक करनी चाहिए? इसके पहले भी वित्त मंत्री ओपी चौधरी अमेरिका दौरे पर गए थे, उप मुख्यमंत्री अरुण साव अमेरिका दौरे पर गए थे लेकिन नहीं बता पाए कि उनके दौरे से राज्य को क्या फायदा हुआ है?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि सरकार लगातार निवेश प्रस्तावों और एमओयू के बड़े-बड़े आंकड़े प्रस्तुत कर रही है। अगस्त 2025 में सरकार की ओर से बताया गया था कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच 84 कंपनियों से 6.65 लाख करोड़ रू. के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। मार्च 2026 में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष ने राज्य में 8 लाख करोड़ रू. से अधिक के एमओयू होने की जानकारी दी। लेकिन सवाल यह है कि एमओयू और प्रस्ताव कितने हुए, यह नहीं-उनमें से वास्तविक निवेश कितना हुआ?
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि विदेशों से नए निवेशकों को आकर्षित करना, ठोस विदेश नीति, उद्योग नीति, श्रम कानून, वास्तविक राहत और रियायत देने वाली पॉलिसी के बिना संभव नहीं है। उद्योगों के अनुकूल वातावरण बनाने में भाजपा की सरकारें पूरी तरह नाकाम रही है। भाजपा के लिए उद्योगों के विकास का मतलब ही केवल अडानी का एकाधिकार है। छत्तीसगढ़ में कोल माइनिंग, आयरनओर और बॉक्साइड के बाद अब सीमेंट उद्योगों पर मोदी के मित्र अडानी की बुरी नजर है। कोल इंडिया लिमिटेड और एसईसीएल की खदानों में खनन का काम दबावपूर्वक अडानी को सौप दिया गया है। छत्तीसगढ़ की समृद्धि और संसाधन केवल अडानी पर लुटा रही है। भाजपा के लिए उद्योग का मतलब ही अडानी है।


