गलती करे विभाग और सजा भुगते कर्मचारी? वेतन वृद्धि रोकना कर्मचारियों के साथ अन्याय है - कांग्रेस
गलती करे विभाग और सजा भुगते कर्मचारी? वेतन वृद्धि रोकना कर्मचारियों के साथ अन्याय है - कांग्रेस
सिर्फ याचिकाकर्ताओं को ही नहीं, राज्य के हर प्रभावित कर्मचारी को एरियर्स का पाई-पाई तुरंत दे सरकार
रायपुर/08 अक्टूबर 2026। स्वास्थ्य विभाग के सहायक ग्रेड -3 कर्मचारियों के वेतनवृद्धि रोकने के खिलाफ उच्च न्यायालय बिलासपुर के फैसले का स्वागत करते हुए प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि सरकार के प्रशासनिक अक्षमता का खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है। विभाग की गलती से टंकण परीक्षा न कराने की सजा कर्मचारियों को वेतन वृद्धि रोककर दी गई, जिसे हाईकोर्ट को रद्द करना पड़ा। स्वास्थ्य विभाग ने कर्मचारियों की समय पर टंकण कौशल परीक्षा आयोजित नहीं की। जब प्रशासनिक तंत्र अपनी जिम्मेदारी निभाने में नाकाम रहा, तो अपनी नाकामी छिपाने के लिए कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई। यह भाजपा सरकार की प्रशासनिक अराजकता और कर्मचारी विरोधी चरित्र को उजागर करता है। महंगाई के इस दौर में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों का आर्थिक शोषण हुआ है। हक का वेतन रुकने से उनके परिवारों को मानसिक और आर्थिक तनाव झेलना पड़ा, साथ ही, न्याय पाने के लिए उन्हें कोर्ट के चक्कर काटने पड़े। कांग्रेस पार्टी यह मांग करती है कि हाईकोर्ट के फटकार के बाद अब बहानेबाजी बंद कर सिर्फ याचिकाकर्ताओं को ही नहीं, बल्कि राज्य के हर प्रभावित कर्मचारी को नियुक्ति दिनांक से वेतन वृद्धि की गणना कर एरियर्स का पाई-पाई तुरंत दे सरकार।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार का प्रशासनिक तंत्र पूरी तरह ठप और संवेदनहीन हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग अपनी नाकामी छिपाने के लिए कर्मचारियों का आर्थिक शोषण कर रहा था। टंकण परीक्षा न करा पाने की अपनी गलती का ठीकरा कर्मचारियों पर फोड़ते हुए उनकी वेतनवृद्धि रोक दी गई। माननीय उच्च न्यायालय के निर्णय ने यह साबित कर दिया है कि यह सरकार अन्यायी और कर्मचारी विरोधी है। कांग्रेस मांग करती है कि सरकार केवल कोर्ट जाने वाले कर्मचारियों को ही नहीं, बल्कि सभी प्रभावित कर्मचारियों को नियुक्ति तिथि से रुकी हुई वेतन वृद्धि और एरियर्स का पाई-पाई भुगतान तत्काल करे।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा सरकार खुद को कर्मचारियों की हितैषी और “सुशासन” का मॉडल बताती है, लेकिन धरातल पर कर्मचारी विरोधी षड्यंत्र करती है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान सदैव कर्मचारियों के हितों की रक्षा की गई, चाहे वह ओल्ड पेंशन स्कीम को लागू करना हो या कर्मचारियों की मांगों पर त्वरित निर्णय लेना। भाजपा सरकार आते ही कर्मचारियों का उत्पीड़न और उनका हक छीनने का काम शुरू हो गया है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि भाजपा का सुशासन असल में कर्मचारियों का शोषण है। गलती करे विभाग, सजा पाए कर्मचारी? हाईकोर्ट के फैसले ने भाजपा सरकार के कर्मचारी विरोधी चेहरे से नकाब हटा दिया है। छत्तीसगढ़ के उन हजारों स्वास्थ्य कर्मियों का अपमान हुआ है जिन्होंने अपनी निष्ठा से जनता की सेवा की। भाजपा सरकार उन्हें न्याय देने के बजाय कोर्ट के चक्कर काटने पर मजबूर कर रही है। प्रक्रिया पूरी करना सरकार का काम था या कर्मचारियों का? जब परीक्षा आपने नहीं ली, तो उनका वेतन रोकने का हक आपको किसने दिया?
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र वर्मा ने कहा है कि क्या सरकार अपनी प्रशासनिक नाकामी को छिपाने के लिए कर्मचारियों की जेब पर डाका डाल रही थी? हाईकोर्ट के चाबुक के बाद ही सरकार को न्याय क्यों याद आता है? क्या बिना कोर्ट जाए कर्मचारियों को उनका हक नहीं मिलेगा? जो कर्मचारी कोर्ट नहीं पहुँच सके, क्या सरकार उन्हें उनके हक के वेतन वृद्धि और एरियर्स से वंचित रखेगी? अपनी नाकामी के कारण कर्मचारियों को आर्थिक व मानसिक पीड़ा देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर मुख्यमंत्री जी क्या कार्रवाई करेंगे?


