डी.बी. पावर लिमिटेड बाड़ादरहा के भू-विस्थापित कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का किया ऐलान

डी.बी. पावर लिमिटेड बाड़ादरहा के भू-विस्थापित कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का किया ऐलान

डी.बी. पावर लिमिटेड बाड़ादरहा के भू-विस्थापित कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का किया ऐलान

डी.बी. पावर के भू-विस्थापित कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू, तीन सूत्रीय मांगों पर अड़े
स्थायीकरण और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर भू-विस्थापित कर्मचारियों ने खोला मोर्चा

 बाड़ादरहा में डी.बी. पावर प्रबंधन के खिलाफ कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन, मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी

 भू-विस्थापित कर्मचारियों ने दी चेतावनी, मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा और तेज़


बाड़ादरहा (टुंड्री), 12 जून 2026।
डी.बी. पावर लिमिटेड बाड़ादरहा में कार्यरत भू-विस्थापित (एम्पलाई) कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ अनिश्चितकालीन शांतिपूर्ण धरना, हड़ताल एवं आंदोलन प्रारंभ करने की घोषणा की है। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी जायज मांगों की अनदेखी की जा रही है, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।
भू-विस्थापित कर्मचारियों के अनुसार, कंपनी की स्थापना एवं परियोजना के लिए जिन ग्रामीणों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, उनके परिवारों को रोजगार एवं सुविधाएं देने का आश्वासन दिया गया था। बावजूद इसके आज भी अनेक कर्मचारी अपनी मांगों के पूरा होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
कर्मचारियों ने अपनी प्रमुख तीन सूत्रीय मांगें रखते हुए कहा कि—
भू-विस्थापित (एफ.टी.सी. एम्पलाई) कर्मचारियों को डी.बी. पावर लिमिटेड का स्थायी कर्मचारी घोषित किया जाए।
सभी कर्मचारियों के लिए वार्षिक तीन लाख रुपये का पैकेज (पे रिवाइज) घोषित किया जाए।
वर्तमान वेतन में वृद्धि एवं अन्य सुविधाएं डी.बी.एच.आर. नीति के तहत लागू की जाएं।
कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कंपनी प्रबंधन से शीघ्र वार्ता कर कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी प्रकार की अव्यवस्था फैलाना नहीं, बल्कि अपने अधिकारों एवं रोजगार सुरक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना है। उन्होंने शासन-प्रशासन से भी मामले में हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की अपील की है।