ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण रैली एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण रैली एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में छत्तीसगढ़ में शांतिपूर्ण रैली एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन

रायपुर, छत्तीसगढ़ | दिनांक: 30 मार्च 2026

छत्तीसगढ़ के ट्रांसजेंडर एवं नॉन-बाइनरी समुदाय द्वारा ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक 2026 के विरोध में एक व्यापक एवं शांतिपूर्ण जन-आंदोलन के तहत रैली एवं प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य समुदाय की पहचान, अधिकारों और गरिमा की रक्षा करना तथा इस विधेयक के संभावित नकारात्मक प्रभावों के प्रति सरकार एवं समाज का ध्यान आकर्षित करना है।

कार्यक्रम का विवरण

1. शांतिपूर्ण रैली एवं विरोध प्रदर्शन

दिनांक: 30 मार्च 2026

समय: शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे

रैली मार्ग:
सप्रे शाला मैदान, रायपुर → नगर निगम मुख्यालय → राजीव गांधी चौक → प्रेस क्लब, मोती बाग (समापन स्थल)


यह रैली पूर्णतः शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित की जाएगी, जिसमें ट्रांसजेंडर समुदाय के साथ-साथ नागरिक समाज, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं समर्थक बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

2. प्रेस कॉन्फ्रेंस

दिनांक: 30 मार्च 2026

समय: दोपहर 12:00 बजे

स्थान: प्रेस क्लब, मोती बाग, रायपुर (छत्तीसगढ़)


प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से समुदाय के प्रतिनिधि मीडिया के समक्ष अपनी चिंताएं, आपत्तियां और सुझाव विस्तार से प्रस्तुत करेंगे।


---

विरोध का कारण

प्रस्तावित ट्रांसजेंडर संशोधन विधेयक 2026 को लेकर समुदाय में गहरी चिंता व्याप्त है। समुदाय का मानना है कि यह विधेयक:

ट्रांसजेंडर व्यक्तियों की स्व-पहचान (Self-Identity) के अधिकार को कमजोर करता है

समुदाय की विविध पहचान, विशेषकर ट्रांसमेन और नॉन-बाइनरी व्यक्तियों के अस्तित्व को नजरअंदाज करता है

बिना पर्याप्त सामुदायिक परामर्श (Consultation) के तैयार किया गया है

सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक निर्णयों की भावना के विपरीत है


इसलिए समुदाय की मांग है कि इस विधेयक को पुनः विचार के लिए समिति के पास भेजा जाए तथा इसमें समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।


---

समुदाय की अपील

छत्तीसगढ़ ट्रांसजेंडर समुदाय सभी साथियों, नागरिकों एवं समर्थकों से अपील करता है कि वे इस आंदोलन में शामिल होकर अपनी आवाज को मजबूत बनाएं।

यह केवल एक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह पहचान, सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।

समुदाय का संदेश स्पष्ट है:
 “अपने लिए आइए, अपनी आज़ादी के लिए आइए, अपना आत्मविश्वास लेकर आइए, और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाइए।”


---

नेतृत्व एवं पहल

इस आंदोलन का नेतृत्व राज्य की प्रमुख ट्रांसजेंडर अधिकार कार्यकर्ता विद्या राजपूत कर रही हैं, जो लंबे समय से ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों, सम्मान और सामाजिक समावेशन के लिए कार्यरत हैं।

विद्या राजपूत का कहना है:
“यह लड़ाई केवल हमारे अधिकारों की नहीं, बल्कि हमारी पहचान और अस्तित्व की है। जब तक समानता और सम्मान सुनिश्चित नहीं होता, तब तक हमारी आवाज उठती रहेगी।”


---

आंदोलन की विशेषताएं

पूर्णतः शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक प्रदर्शन

समुदाय-आधारित नेतृत्व और सहभागिता

मीडिया के माध्यम से व्यापक जन-जागरूकता

अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास

---

निष्कर्ष

यह पहल छत्तीसगढ़ में ट्रांसजेंडर समुदाय के बढ़ते जागरूकता और एकजुटता का प्रतीक है। यह आंदोलन न केवल एक विधेयक के विरोध तक सीमित है, बल्कि यह एक व्यापक सामाजिक बदलाव की दिशा में उठाया गया कदम है।

समुदाय का संकल्प है कि वे अपने अधिकारों, पहचान और गरिमा के लिए निरंतर संघर्ष करते रहेंगे।


---

 अधिक जानकारी हेतु संपर्क करें: 9009448443
छत्तीसगढ़ ट्रांसजेंडर समुदाय, रायपुर