मोदी जी के आत्मनिर्भर और ‘विकसित भारत 2047‘ के सपने के अनुरूप- केंद्रीय मंत्री . किशन रेड्डी

मोदी जी के आत्मनिर्भर और ‘विकसित भारत 2047‘ के सपने के अनुरूप- केंद्रीय मंत्री . किशन रेड्डी

हिन्दुस्तान जिं़क की आधुनिक टेक्नोलॉजी, बेहतरीन कार्यप्रणाली, सुरक्षा और सामाजिक विकास पर बल,  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और ‘विकसित भारत 2047‘ के सपने के अनुरूप- केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी

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● केंद्रीय मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी ने हिंदुस्तान जिंक के दरीबा स्मेल्टिंग काॅम्प्लेक्स का किया दौरा
● विश्व की शीर्ष चांदी उत्पादक खदानों में से एक एसके माइन, दरीबा स्मेल्टिंग की संचालन प्रणाली और तकनीक सहित कर्मचारियों और सामुदायिक विकास की पहल से हुए रूबरू
 

Raipur, 19th May, 2026: कोयला और खान मंत्रालय के माननीय केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राजस्थान में हिन्दुस्तान जिं़क लिमिटेड के राजपुरा दरीबा कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। विश्व की सबसे बड़ी एकीकृत जिंक उत्पादक और विश्व की शीर्ष चांदी उत्पादक कंपनी हिन्दुस्तान जिं़क की सिंदेसर खुर्द माइन और दरीबा स्मेल्टिंग की संचालन प्रणाली, आधुनिक तकनीक, श्रमिकों कर्मचारियों के सुविधाओं सहित कंपनी द्वारा सामुदायिक विकास के लिए किये जा रहे कार्यो की जानकारी ली। इस यात्रा ने माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने में कंपनी की भूमिका को एक बार फिर से दोहराया है। हिन्दुस्तान जिंक प्रति वर्ष 1.1 मिलियन टन से अधिक धातु बनाने की क्षमता रखता है। इस बड़ी क्षमता के कारण, यह कंपनी भारत को धातुओं के मामले में आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने में एक बहुत जरूरी भूमिका निभाती है। हिन्दुस्तान जिं़क देश के महत्वपूर्ण खनिजों की क्षमता को सामने ला रही है, घरेलू वैल्यू चेन को मजबूत बना रही है और इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी व भविष्य के उद्योगों के लिए आवश्यक धातुओं के क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बना रही है।

केंद्रीय मंत्री ने कंपनी की विश्व सबसे बड़ी और आधुनिक अंडरग्राउंड चांदी खदानों में से एक सिंदेसर खुर्द माइन में एवं दरीबा स्मेल्टिंग में दरीबा स्मेल्टिंग कॉम्प्लेक्स का दौरा किया। यहाँ उन्होंने कंट्रोल रूम, सेल हाउस और कैथोड यार्ड का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने हिन्दुस्तान जिं़क की प्रोडक्ट गैलरी देखी। सिंदेसर खुर्द माइन के कॉन्फ्रेंस हॉल में उन्हें एक विशेष वीडियो और प्रेजेंटेशन के जरिए खदान के इतिहास, क्षमता, सुरक्षा नियमों, पेस्ट फिलिंग और टेली-रिमोट ऑपरेशन्स की जानकारी दी गई। उन्होंने कंट्रोल रूम का दौरा किया और रिमोट से चलने वाली मशीनों व उपकरणों को देखा जहां आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन किया गया। साथ ही, उन्होनें देश की पहली महिला माइन रेस्क्यू टीम के लाइव डेमो को भी सराहा।

इस दौरान हिन्दुस्तान जिं़क के सीईओ अरुण मिश्रा और कोयला और खान मंत्रालय के संयुक्त सचिव विवेक बाजपेयी एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

माननीय केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि ‘‘हिंदुस्तान जिंक का संचालन यह दिखाता है कि भारत एक आधुनिक, जिम्मेदार और आत्मनिर्भर माइनिंग क्षेत्र बनाने की दिशा में किस प्रकार प्रगति कर रही है। कंपनी का आधुनिक टेक्नोलॉजी, बेहतरीन कामकाज, सुरक्षा और सामाजिक विकास पर बल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 के सपने के अनुरूप है। जैसे-जैसे भारत अपने महत्वपूर्ण खनिजों की वैल्यू चेन को मजबूत कर रहा है, इसी प्रकार टेक्नोलॉजी पर आधारित ऐसे मिले-जुले प्रयास देश में जिम्मेदार खनन, घरेलू क्षमता को बढ़ाने और सबको साथ लेकर आगे बढ़ने में एक बड़ी भूमिका निभाएंगे।

श्रमिकों के साथ लिया दोपहर का भोजन

श्री रेड्डी ने सिंदेसर खुर्द माइन की वर्कर कैंटीन में 54 ‘जिंक रत्न‘ श्रमिकों के साथ दोपहर का भोजन किया। सिंदेसर खुर्द माइन की कैंटीन में दोपहर के भोजन के दौरान, उन्होंने महिला माइनिंग इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने हिन्दुस्तान जिं़क की बेहतरीन कार्यप्रणाली और भारत के माइनिंग क्षेत्र की तरक्की में उनके योगदान की सराहना की।