गतका चैंपियनशिप के विजेताओं को मंत्री गजेन्द्र यादव ने किया पुरस्कृत
- भिलाई में सम्पन्न हुई 13वीं राष्ट्रीय गतका चैंपियनशिप-2025
भिलाई, सेक्टर-06 गुरुनानक स्कूल में 13वीं राष्ट्रीय गतका चैम्पियनशिप-2025 के समापन समारोह के मुख्य अतिथि केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव ने प्रतियोगिता में विजेताओ को पुरस्कृत किये और खिलाड़ियों में खेल भावना और अनुशासन को जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संदेश दिये।
स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग, विधी एवं विधायी कार्य मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि शौर्य, अनुशासन और वीरता का प्रतीक गतका खेल के राष्ट्रीय चैंपियनशिप-2025 भव्य आयोजन से जिले के खिलाड़ियों में खेल भावना को नई ऊँचाइयाँ दी हैं, बल्कि नगर का गौरव भी बढ़ा है। भारत सरकार के खेलो इंडिया अभियान के अंतर्गत खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए प्रदेश की सरकार निरंतर प्रयासरत है। इन योजनाओं के परिणामस्वरूप आज छत्तीसगढ़ के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं।
न्यू गतका स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने बताया कि छत्तीसगढ़ के सौजन्य से भिलाई में आयोजित नेशनल गतका चैम्पियनशिप में 16 राज्यों के 500 गतका खिलाड़ियों ने सहभागिता दी। 3 दिवसीय चैम्पियनशिप के भव्य समापन समारोह में सब जूनियर, जूनियर, सीनियर सहित 3 वर्ग में विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में गतका एसोसिएशन के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, महासचिव जसवंत सिंह खालसा, कोषाध्यक्ष मलकीत सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मनीष पाण्डेय, जसबीर सिंह, श्रीमती कल्पना स्वामी, जोगा राव एवं साजन जोसफ सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित थे।
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- पीएम आवास की राशि स्वीकृत करने दिया आवेदन
- धान पंजीयन न होने की शिकायत लेकर जनदर्शन पहुंचा कृषक
- जनदर्शन में प्राप्त हुए 92 आवेदन
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में एडीएम श्री अभिषेक अग्रवाल ने जनदर्शन कार्यक्रम में पहुंचे जनसामान्य लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी। उन्होंने जनदर्शन में पहुंचे सभी लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और समुचित समाधान एवं निराकरण करने संबंधित विभागों को शीघ्र कार्यवाही कर आवश्यक पहल करने को कहा। जनदर्शन कार्यक्रम में डिप्टी कलेक्टर उत्तम ध्रुव भी उपस्थित थे। जनदर्शन में अवैध कब्जा, आवासीय पट्टा, प्रधानमंत्री आवास, भूमि सीमांकन कराने, सीसी रोड निर्माण, ऋण पुस्तिका सुधार, आर्थिक सहायता राशि दिलाने सहित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से संबंधित आज 92 आवेदन प्राप्त हुए।
वार्ड नं. 16 जयंती नगर निवासियों ने बताया कि सिकोला बरती के जयंती नगर में पब्लिक स्कूल के पास स्थित वर्षों पुराने रास्ते को अज्ञात लोगों द्वारा मार्किंग कर बंद की जा रही है। यह मार्ग सार्वजनिक शौचालय के बाजू से होकर गुजरता है और मोहल्लेवासियों के लिए मुख्य आवाजाही का जरिया है। यदि इस रास्ते को बंद किया गया तो लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। जमीन की सही मापजांच कराकर रास्ते की स्थिति स्पष्ट करने और आमजन को राहत दिलाने की मांग की। इस पर एडीएम ने तहसीलदार दुर्ग को आवश्यक कार्यवाही करने को कहा।
ग्राम गनियारी के कृषक ने कृषि धान का पंजीयन नहीं होने की शिकायत की। किसान ने बताया कि वह लंबे समय से अपनी स्वयं की भूमि पर खेती कर रहा है और इस वर्ष भी धान उपज कर विक्रय करना चाहता है, लेकिन पंजीयन नहीं होने से इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसान ने मांग की है कि उसे अस्थायी रूप से पंजीयन की अनुमति दी जाए ताकि वह अपनी उपज बेच सके। इस पर एडीएम ने जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक को परीक्षण कर तत्काल आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। इसी प्रकार जिले के बटाई व रेघ अनुबंध पर खेती करने वाले किसानों ने मांग की है कि उन्हें भी एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की अनुमति दी जाए।
दुर्ग शहर के गया नगर निवासी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि उनके नाम पर राम नगर उरला में रिक्त भूमि पर मकान निर्माण हेतु पीएम आवास योजना की राशि पूर्व में स्वीकृत हो चुकी थी। लेकिन पति के निधन के कारण वे समय पर मकान निर्माण नहीं करवा सकीं। अब वे दोबारा उसी भूमि पर पक्का मकान बनवाना चाहती है। इस योजना के तहत राशि स्वीकृत किए जाने की मांग कर रही हैं। इस पर एडीएम ने आयुक्त नगर निगम दुर्ग को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने कहा।
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पोश एक्ट 2013 के तहत आंतरिक शिकायत समिति के गठन व पोर्टल ऑनबोर्डिंग पर कार्यशाला आयोजित
-114 शासकीय एवं 134 अशासकीय विद्यालयों ने लिया भाग
कलेक्टर अभिजीत सिंह ने महिलाओं का कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम 2013 के क्रियान्वयन के संबंध में जिले अंतर्गत ऐसे कार्यालय/विद्यालय जहां 10 या 10 से अधिक कर्मचारी कार्यरत है, वहां पोश एक्ट 2013 के अंतर्गत आंतरिक शिकायत समिति का गठन करते हुए पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग किये जाने के निर्देश दिये है। निर्देश के परिपालन में गठित समिति की जानकारी पोर्टल पर ऑनर्बाेडिंग किये जाने के संबंध में विगत दिवस को कार्यशाला आयोजित की गयी। उक्त कार्यशाला दो पालियों (प्रथम पाली में शासकीय विद्यालय दोपहर 01 बजे से 02 बजे तक एवं द्वितीय पाली में अशासकीय विद्यालय दोपहर 02.15 से 03.15 तक) आयोजित की गयी। जिसमें 114 शासकीय विद्यालय एवं 134 अशासकीय विद्यालयों ने भाग लिया। उक्त कार्यशाला का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग की प्रभारी अधिकारी श्रीमती प्रीति बाला शर्मा के द्वारा किया गया। उनके द्वारा पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग किये जाने के संबंध में लाइव जानकारी दी गयी। इसके अतिरिक्त कार्यशाला में सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग/धमधा/पाटन की सहायक संचालक श्रीमती गौरा शुक्ला, सहायक ग्रेड 03 श्रीमती प्रत्याक्षा सिंह चौहान एवं डाटा एण्ट्री ऑपरेटर श्रीमती सीमा विश्वकर्मा और चिंतामणी साहू भी उपस्थित रहें।
दुर्ग, 13 अक्टूबर 2025/ कलेक्टर अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए दुर्ग शहर विधानसभा के कुल 06 कार्याे के लिए 39 लाख 95 हजार 422 रूपए स्वीकृत किया है। प्रभारी मंत्री विजय शर्मा द्वारा अनुशंसित 02 कार्य तथा विधायक (स्कूल शिक्षा मंत्री) श्री गजेन्द्र यादव द्वारा अनुशंसित 04 कार्यों के संपादन का क्रियान्वयन एजेंसी आयुक्त नगर पालिका निगम दुर्ग द्वारा किया जाएगा।
जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी अनुसार विख दुर्ग अंतर्गत प्रभारी मंत्री विजय शर्मा की अनुशंसा पर वार्ड क्र. 01 से 30 तक एवं वार्ड क्र. 31 से 60 तक प्रकाश व्यवस्था हेतु स्ट्रीट लाईट लगाने संबंधी कार्य हेतु कुल 19 लाख 97 हजार 374 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसी प्रकार विधायक गजेन्द्र यादव की अनुशंसा पर वार्ड क्र. 01 से 15 तक, 16 से 30 तक 31 से 45 तक एवं वार्ड क्र. 46 से 60 तक प्रकाश व्यवस्था हेतु स्ट्रीट लाईट लगाने संबंधी कार्य हेतु कुल 19 लाख 98 हजार 48 रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
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समसामयिक लेख
पटाखों की बिक्री और उपयोग के लिए अग्नि सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
-नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किये गए है।
नगर सेना दुर्ग के जिला सेनानी एवं जिला अग्निशमन अधिकारी नागेन्द्र कुमार सिंह से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्राप्त एडवायसरी में कहा गया है- पटाखा दुकाने किसी भी ज्वलनशील पदार्थ जैसे कपड़ा, बांस, रस्सी टेंट इत्यादि का न होकर, अज्वलनशील सामग्री से बने टिन शेड द्वारा निर्मित होने चाहिए। दुकाने एक दूसरे से कम से कम तीन मीटर की दूरी (साइड) पर एवं एक दूसरे के सामने न बनाई जाए। पटाखा दुकानों में प्रकाश व्यवस्था हेतु किसी भी प्रकार के तेल का लैंप गैस लैम्प एवं खुली बिजली बत्ती का प्रयोग प्रतिबन्धित है। किसी भी पटाखा दुकान से 50 मीटर के अंदर आतिशबाजी प्रदर्शन प्रतिबन्धित रहेगी। विद्युत तारों में ज्वाइंट खुला नहीं होना चाहिए एवं प्रत्येक मास्टर मास्ट स्विच में फ्युज या सर्किट ब्रेकर लगा होना चाहिए, जिससे शार्ट सर्किट की स्थिति में विद्युत प्रवाह स्वतः बन्द हो जाए। दुकानें ट्रांसफार्मर के पास न हो और उनके ऊपर से हाई टेंशन पावर लाइन न गुजरती हो। प्रत्येक पटाखा दुकान में 5 किग्रा क्षमता का डीसीपी अग्नि शामक यन्त्र होना चाहिए। इसकी मारक क्षमता 6 फीट की होती है। दुकानों के सामने कुछ अंतराल में 200 लीटर क्षमता के ड्रम की व्यवस्था बाल्टियों के साथ होनी चाहिए। पटाखा दुकानों के सामने बाइक /कार की पार्किंग प्रतिबंधित होना चाहिए। अग्निशमन विभाग एवं एम्बुलेंस का फोन नंबर, दुकान परिसर के कुछ स्थानों में लगाया जाए। अग्निशमन वाहन के मूवमेंट के लिए पर्याप्त स्थान होना चाहिए। आगामी दीपावली पर्व को दृष्टिगत रखते हुए शासन द्वारा अग्नि सुरक्षा उपायों के संबंध में बरती जाने वाली सावधानियों से संबंधित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किये गए है। जांच के दौरान नियमों का पालन नहीं करने पर छत्तीसगढ़ अग्निशमन एवं आपातकालीन नियमावली 2021 के तहत् कार्यवाही की जाएगी।
क्या करें-
सायरीस प्राप्त विक्रेताओं से ही खरीदें। यह सुनिश्चित करें कि आप गुणा वाले पटाखे खरीद रहे हैं जो दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए अनुमोदित हो। इमारतों, वाहनों और ज्वलनशील पदार्थों से दूर पार्क बड़े मैदान जैसे खुले स्थानों में पटाखे जलाएं। पटाखे जलाते समय संभावित आपातकालीन स्थिति के लिए पानी की बाती निकट रखे। आग से संबंधित चोटों के जोखिम को कम करने के लिए सूती वस्त्र पहनने को प्राथमिकता दें, क्योंकि सिंथेटिक कपडे आसानी से आग पकड़ सकते है। पटाखे जलाते समय बच्चों की निगरानी के लिए हमेशा एक व्यस्क को साथ रखें ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे सुरक्षा उपायों का पालन कर रहे है। पटाखे फोड़ने के बाद इस्तेमाल किए गए पटाखों का पानी की बाल्टी में सुरक्षित तरीके से निपटान करें, ताकि किसी बची हुई चिंगारी से अग्नि दुर्घटना ना हो। एक बार में एक ही पटाखा जलाएं, आग लगने की आशंका को देखते हुए एक साथ कई पटाखे जलाने से बचें। पटाखे में आग लगाने के बाद उससे सुरक्षित दूरी रखें। पटाखे जलाते समय हमेशा हवा की दिशा को ध्यान में रखें, जिससे कि उसकी चिंगारी घरों या व्यक्तियों की ओर न उड़े।
क्या ना करें-
घर के अन्दर खिड़कियों के पास या अन्य बंद स्थानों पर कभी पटाखे ना जलाएं। पटाखे जलाते समय ढीले या लटकने वाले वस्त्र पहनने से बचें क्योंकि वे आसानी से आग पकड़ सकते है। ज्वलनशील पदार्थों के पास पटाखों का उपयोग ना करें, पटाखों को सूखी पत्तियों, गैस सिलेण्डर या वाहनों जैसी वस्तुओं से दूर रखें। यदि कोई पटाखा जलने में विफल रहता है तो उसे पुनः जलाने का प्रयास ना करें, अपितु कुछ देर प्रतीक्षा करने के उपरांत उसका सुरक्षित रूप से निपटान करें। यह सुनिश्चित करें कि पटाखे ऐसे स्थानों में न जलाए जाएं जो आग लगने की स्थिति में आपातकालीन निकास मार्ग को अवरूद्ध कर सकते है। तेल के दियों या मोमबत्तियों को जलते हुए उपेक्षित ना छोड़ें, विशेष रूप से पर्दा या ज्वलनशील पदार्थों के पास। किसी भी तरह की चोट लगने या जलने पर तुरन्त चिकित्सक की सलाह लें तथा उचित मार्गदर्शन के बिना घरेलू उपचार ना करें।
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