बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल नही है...बल्कि बस्तर के आदिवासी युवाओं की कला और प्रतिभा का एक मंच है...अरुण साव
छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े खेल प्रतियोगिता यानी बस्तर ओलंपिक....
एंकर:-बस्तर संभाग के इस आयोजन की फिर से शुरुआत हो रही है... लगभग 1 महीना तक चलने वाले इस आयोजन की शुरुआत 25 अक्टूबर से होने जा रहा है....छत्तीसगढ़ के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने प्रेस वार्ता करके बस्तर ओलंपिक पर आगामी तैयारी बताई है....
डीसीएम और खेल मंत्री अरुण साव ने कहा - बस्तर ओलंपिक केवल एक खेल नही है...बल्कि बस्तर के आदिवासी युवाओं की कला और प्रतिभा का एक मंच है....ताकि बस्तर के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें...बस्तर के युवा आगे आएंगे तो बस्तर अपने आप विकाश और तरक्की करेगा....
बस्तर में खेलो में शामिल होने के लिए रजिस्ट्रेषन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर थी....अरुण साव ने कहा हैरान करने वाली बात है बस्तर ओलंपिक में शामिल होने के लिए 3 लाख 91 हजार 297 युवा युवाओं ने अपना पंजीयन कराया है....इन पंजीयन में 2 लाख 27 हजार 629 महिला खिलाड़ी शामिल है जो पुरुष खिलाड़ियों से बहुत अधिक है....
बस्तर ओलंपिक में 11 खेल शामिल है....
बस्तर ओलंपिक में तीरंदाजी, एथलेटिक , बैडमिंटन, फुटबॉल ,हॉकी, कराते , खो - खो , कबड्डी जैसे खेल होंगे...
खेलो की शुरुआत ब्लॉक स्तर से होगी उसमे चयनित खिलाड़ी जिला स्तर पर और संभाग स्तर तक यह खेल होंगे....खिलाड़ियों को व्यक्तिगत इनाम , राशी भी दी जाएगी....
अरुण साव ने कहा हम बस्तर ओलंपिक में विजेता खिलाड़ियों को राज्य स्तर की अकादमी में सीधे भर्ती कराने की सुविधा सरकार दे रही है.....जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सके....
अरुण साव ने कहा हमारे बस्तर की योगिता मरकाम ने ओपन नेशनल में खेलो इंडिया में भाग लिया है.... अरुण साव ने कहा कि हम बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन से प्रतिभा खोज का काम भी हमारी सरकार कर रही है....
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