पावर प्लांटों में सुरक्षा पर सख्ती: “शून्य दुर्घटना” लक्ष्य के साथ काम करने के निर्देश
पावर प्लांटों में सुरक्षा पर सख्ती: “शून्य दुर्घटना” लक्ष्य के साथ काम करने के निर्देश

22 पावर प्लांटों के अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा मानकों, प्रशिक्षण और इमरजेंसी प्लान की गहन समीक्षा
राज्य में औद्योगिक दुर्घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के उद्देश्य से संचालनालय, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, श्रम विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा नवा रायपुर स्थित इन्द्रावती भवन में पावर प्लांट प्रबंधन के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बुधवार 29 अप्रैल को प्रातः 11 बजे कॉन्फ्रेंस हॉल क्रमांक-2, तृतीय तल में आयोजित इस बैठक में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित 22 पावर प्लांटों के यूनिट हेड एवं सेफ्टी ऑफिसर उपस्थित रहे।
बैठक में विगत वर्षों में घटित औद्योगिक दुर्घटनाओं के कारणों का विश्लेषण करते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान कारखानों द्वारा अपनाई जा रही मानक संचालन प्रक्रिया, सुरक्षित कार्य पद्धति, जोखिम प्रबंधन उपायों और कार्यस्थल पर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के प्रयासों की विस्तार से समीक्षा की गई।
संचालनालय के अधिकारियों ने विशेष रूप से श्रमिकों को प्रदान किए जाने वाले सुरक्षा प्रशिक्षण, नियमित सुपरविजन, सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता और उनके प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। साथ ही प्रत्येक पावर प्लांट में ऑन-साइट इमरजेंसी प्लान की तैयारी, उसकी समय-समय पर समीक्षा तथा मॉकड्रिल के आयोजन की स्थिति का भी आंकलन किया गया, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
प्रभारी संचालक ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा कि औद्योगिक सुरक्षा के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी कारखाना प्रबंधन को निर्देशित किया कि वे निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। निर्देशों की अवहेलना करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।
उन्होंने यह भी कहा कि “शून्य दुर्घटना” केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि प्रत्येक औद्योगिक इकाई की जिम्मेदारी है। इसके लिए प्रबंधन और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय, सतत प्रशिक्षण और सुरक्षा के प्रति जागरूकता आवश्यक है। बैठक में यह भी सुझाव दिया गया कि सुरक्षा ऑडिट को नियमित बनाया जाए और संभावित जोखिमों की पहचान कर समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
बैठक के अंत में सभी पावर प्लांट प्रबंधन से अपेक्षा की गई कि वे सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए कार्यस्थलों पर सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करें, ताकि श्रमिकों के जीवन की रक्षा के साथ-साथ औद्योगिक उत्पादन भी निर्बाध रूप से जारी रह सके।
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