विटामिन कितने प्रकार के होते हैं? विटामिन की कमी से होने वाले रोग कौन से है?
विटामिन कितने प्रकार के होते हैं?
विटामिन को दो वर्गों में विभाजित किया गया है। जल में घुलनशील विटामिन और वसा में घुलनशी विटामिन। मुख्य रूप से विटामिन कुल 13 प्रकार के होते हैं। जो निम्नलिखित है:-
- विटामिन ए
- विटामिन बी1
- विटामिन बी2
- विटामिन बी3
- विटामिन बी5
- विटामिन बी6
- विटामिन बी7
- विटामिन बी9
- विटामिन बी12
- विटामिन सी
- विटामिन डी
- विटामिन ई
- विटामिन के
विटामिन की कमी से होने वाले रोग कौन से है?
विटामिन की कमी से कई रोग हो सकते हैं, इसलिए शरीर में पर्याप्त मात्रा में विटामिन का होना बहुत जरूरी है। विटामिन की कमी से होने वाले रोग नीचे दिए गए है:-
विटामिन ए की कमी से होने वाले रोग
ज्यादातर मामलों में विटामिन ए की कमी से आंखों से जुड़ी परेशनियां होने की संभावना होती है। शरीर में विटामिन ए की कमी से रतौंधी और आंख के सफेद हिस्से में धब्बे की समस्या हो सकती है। इसकी कमी से त्वचा से जुड़ी बीमारीयां भी हो सकती है। वैसे यह हमारे शरीर के कई अंगों के लिए बहुत जरूरी होता है, जैसे- बाल, त्वचा, दांत, मसूड़े इत्यादि। यह हमारे शरीर में कैल्शियम के लेवल को भी बनाए रखता है, जिससे हड्डीयां मजबूत रहती है।
विटामिन ए के स्रोत
शरीर में विटामि ए की कमी को पूरा करने के लिए दूध, गाजर, केले, ब्रोकली, संतरा, शकरकंद, हरी सब्जियां, पीले रंग की सब्जियां, फलियां इत्यादि का सेवन किया जा सकता है।
विटामिन बी की कमी से होने वाले रोग
विटामिन बी की कमी से बेरी-बेरी होता है। इसके अलावा एनीमिया, मानसिक समस्याएं होने की संभावना ज्यादा होती है। विटामिन बी में कई तरह के कॉम्पलेक्स पाए जाते हैं, जैसे- बी1, बी2, बी3 इत्यादि। यह हमारे शरीर में जीन और डीएनए के निर्माण में सहायता करते हैं।
विटामिन बी के स्रोत
विटामिन बी समूह के अलग-अलग स्रोत होते हैं, जैसे- गेहूं, संतरा, मूंगफली, हरी सब्जियां, हरे टमाटर, दूध, मेवा, अंडे, मांस-मछली, दलिया, बाजरा, सोयाबीन, चावल, अखरोट, इत्यादि।
विटामिन सी की कमी से होने वाले रोग
विटामिन सी की कमी से स्कर्वी नामक बीमारी होती है, जिसमें मसूड़ों से जुड़ी समस्याएं होने की संभावना होती है। इसके अलावा विटामिन सी की कमी से इम्यून सिस्टम कमजोर हो सकता है। थकान, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द या कमजोरी, मसूड़ों से खून आना और पैरों में रैशेज जैसी समस्याएं भी हो सकती है।
विटामिन सी के स्रोत
विटामिन सी की कमी को पूरा करने के लिए खट्टे रसदार फल, आंवला, संतरा, टमाटर, कटहल, पुदीना, मूली के पत्ते, शलगम, दूध, बंदगोभी इत्यादि का सेवन किया जा सकता है।
विटामिन डी की कमी से होने वाले रोग
विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स नामक बीमारी हो सकती है। यह हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी है। विटामिन डी की कमी से हड्डियां कमजोर होने लगती है और टेढ़ी भी हो सकती है। इसकी कमी से शरीर का मोटापा बढ़ सकता है।
विटामिन डी के स्रोत
विटामिन डी का मुख्य स्रोत सूर्य की किरणों को माना जाता है। इसके अलावा अंडा, मछली, मशरूम, पनीर, दूध, दही, चिकन इत्यादि का सेवन कर के विटामिन डी की कमी को पूरा किया जा सकता है
विटामिन ई की कमी से होने वाले रोग
विटामिन ई की कमी से शरीर में प्रजनन क्षमता में कमी आती है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करने के साथ शरीर को एलर्जी से बचाने का भी काम करती है। इसके अलावा, विटामिन ई शरीर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को बनाए रखता है। यह विटामिन घुलनशील है और हमारे शरीर में एंटीऑक्सीडेंट का काम करता है।
विटामिन ई के स्रोत
विटामिन ई के मुख्य स्रोत में बादाम, सरसो के बीज, कद्दू, ड्राई फ्रूट्स, सूरजमुखी के बीज, चुकन्दर का साग, पालक, गेहूं के बीज का तेल, लाल शिमला मिर्च, सोयाबीन तेल इत्यादि। इसके अलावा आप विटामिन ई की गोलियों का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
विटामिन के की कमी से होने वाले रोग
विटामिन के की कमी शरीर में कई बीमारियों को आमंत्रित करती है। इसकी कमी से ऐंठन, ओस्टियोपोरोसिस, हीमोफीलिया इत्यादि जैसी गंभीर बीमारियां हो सकती है। विटामिन के की कमी होने का सामान्य लक्षण खून के थक्के ना बनने के कारण अधिक खून बहना है, जैसे- ब्लीडिंग में बढ़ोतरी, मासिक धर्म में ज्यादा रक्तस्राव आदि।
विटामिन के के स्रोत
विटामिन के की कमी को पूरा करने के लिए सरसो का साग, गेहू, जौ, पालक, मूली, चुकंदर, जैतून का तेल, केले, डेयरी उत्पाद, अंडे, अंकुरित अनाज, इत्यादि का सेवन किया जा सकता है।
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