कब करें मकर संक्रांति दान 

कब करें मकर संक्रांति दान 

सनातन परंपरा में जिस मकर संक्रांति के पर्व को स्नान-दान आदि के लिए अत्यंत ही शुभ और पुण्यदायी माना गया है, उसकी तारीख को लेकर इस साल लोग भ्रम की स्थिति में हैं. लोगों इस बात को लेकर तय नहीं कर पा रहे हैं कि वे इस पावन पर्व को 14 जनवरी या फिर 15 जनवरी को मनाएं. ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि कुछेक पंचांग में दिन के समय सूर्य का मकर राशि में गोचर दिखाया गया है तो वहीं कुछेक पंचांग में संक्रांति का समय रात्रि के दौरान बताया गया है.

कब करें मकर संक्रांति दान 

 सूर्य नारायण प्रदोष काल या फिर मध्य रात्रि के समय राशि परिवर्तन करते हैं तो स्नान-दान हमेशा दूसरे दिन होता है, शास्त्रों के अनुसार जो व्यक्ति मकर संक्रांति पर स्नान नहीं करता है वह सात जन्मों तक दरिद्र होता है. यही कारण है कि मकर संक्रांति पर रोग, शोक, दुख-दुर्भाग्य आदि को दूर करने के लिए गंगा स्नान को अत्यंत ही पुण्यदायी बताया गया है. मकर संक्रांति के दिन स्नान के साथ दान का भी बहुत ज्यादा महत्व माना गया है. मकर संक्रांति के दिन तिल, गुड़, गो ग्रास, नया बर्तन, तिल से बनी मिठाईयां, आदि चीजों का दान करना चाहिए. मकर संक्रांति के अवसर पर तिल से गाय बनाकर दान करने पर व्यक्ति को अनंत सुख और सौभाग्य दिलाने वाला माना गया है.