’’गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ महाविद्यालय को प्रदान किए 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर’’

’’गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन ने छत्तीसगढ़ महाविद्यालय को प्रदान किए 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर’’

सीईआर के तहत डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की पहल, विद्यार्थियों को मिलेगा तकनीकी लाभ
’’रायपुर।’’07 जुलाई 2026।  शासकीय जे. योगानंदम छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर में मंगलवार को ’’गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन’’ द्वारा ’’कॉर्पोरेट एनवायरनमेंटल रिस्पॉन्सिबिलिटी (ब्वतचवतंजम म्दअपतवदउमदजंस त्मेचवदेपइपसपजल - ब्म्त्)’’ के तहत कार्यक्रम आयोजित किया गया। रसायन शास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ. गोवर्धन व्यास ने बताया कि ’’गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन की ओर से विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य एवं तकनीकी शिक्षा को सशक्त बनाने के उद्देश्य से महाविद्यालय को 10 डेस्कटॉप कंप्यूटर प्रदान किए गए। इस अवसर पर मुख्य अतिथि श्रीमती रीता यादव आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन ,अपर संचालक डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता, महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर’’, कंप्यूटर साइंस विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाति जैन, महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। वहीं ’’गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन’’ की ओर से श्री सुरेश अग्रवाल उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इसके पश्चात अतिथियों का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम में ’’श्री सुरेश अग्रवाल’’ ने गोयल ग्रुप एवं गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन द्वारा शिक्षा, सामाजिक विकास एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गोयल ग्रुप स्टील, इंफ्रास्ट्रक्चर सहित कई क्षेत्रों में अग्रणी है और समाज के विकास में अपनी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। शिक्षा क्षेत्र में किया गया यह सहयोग विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है।
अपने उद्बोधन में ’’उच्च शिक्षा आयुक्त श्रीमती रीता यादव’’ ने गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन के इस सहयोग के लिए उच्च शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में डिजिटल ज्ञान और तकनीकी दक्षता विद्यार्थियों के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने महाविद्यालय परिवार से आग्रह किया कि इन कंप्यूटरों का उपयोग विद्यार्थियों के कौशल विकास, रोजगारपरक शिक्षा एवं नई शिक्षा नीति के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए किया जाए। उन्होंने उच्च शिक्षा विभाग द्वारा विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य के लिए तैयार किए जा रहे रोडमैप की जानकारी देते हुए प्राध्यापकों से आग्रह किया कि वे अपने ज्ञान का विस्तार करते हुए विद्यार्थियों को केवल रोजगार के लिए ही नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से सक्षम बनाने के लिए भी प्रेरित करें।
अपर संचालक डॉ. तपेश चंद्र गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की पहल से उच्च शिक्षा संस्थानों में डिजिटल सुविधाओं का विस्तार होता है और विद्यार्थियों को बेहतर अवसर प्राप्त होते हैं।
प्राचार्य डॉ. अंजलि भटनागर ने उच्च शिक्षा आयुक्त एवं अपर संचालक का महाविद्यालय परिवार के साथ इस आयोजन में शामिल होने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन के पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कंप्यूटर सुविधा से विद्यार्थियों को अध्ययन, शोध एवं तकनीकी प्रशिक्षण में विशेष लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल संसाधन शिक्षा का महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं। इन कंप्यूटरों से विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा वे डिजिटल अध्ययन, शोध कार्य एवं कौशल विकास के क्षेत्र में आगे बढ़ सकेंगे। यह पहल डिजिटल इंडिया और नई शिक्षा नीति के अनुरूप विद्यार्थियों की तकनीकी दक्षता को मजबूत करने में सहायक होगी। 
कार्यक्रम में मंच संचालन डाॅ वासुदेव साहसी द्वारा किया गया। अंत में महाविद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों एवं ’’गिन्नी देवी गोयल फाउंडेशन’’ के प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया गया। उपस्थित लोगों ने इस पहल को शिक्षा, तकनीकी विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।