अमित जोगी ने कांग्रेस हाई कमान से मिनी माता के नाम को बचाने और पीएम के कार्यक्रम के बहिष्कार की मांग की

अमित जोगी ने कांग्रेस हाई कमान से मिनी माता के नाम को बचाने और पीएम के कार्यक्रम के बहिष्कार की मांग की
अमित जोगी ने कांग्रेस हाई कमान से मिनी माता के नाम को बचाने और पीएम के कार्यक्रम के बहिष्कार की मांग की
रायपुर, छत्तीसगढ़, दिनांक 01/11/2025। छत्तीसगढ़ के जनता कांग्रेस (जे) के नेता अमित जोगी ने आज कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि नए विधानसभा भवन के उद्घाटन कार्यक्रम में 'मिनी माता' के नाम को हटाए जाने के विरोध में पार्टी को औपचारिक रूप से बहिष्कार का आह्वान करना चाहिए।
श्री जोगी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में विपक्ष के नेता  राहुल गांधी, और एआईसीसी प्रभारी  सचिन पायलट को भेजे एक पत्र में कहा कि यह मुद्दा सिर्फ एक भवन के नाम का नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, दलित सम्मान और कांग्रेस की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने अपने पत्र में इस बात पर प्रकाश डाला कि 2 दिसंबर, 2002 को स्वर्गीय  अजीत जोगी के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ही विधानसभा भवन का नाम मिनी माता के नाम पर रखने का ऐतिहासिक प्रस्ताव पारित किया था। बाद में, 11 अगस्त, 2020 को श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार ने ही 'मिनी माता भवन' की आधारशिला  राहुल गांधी की उपस्थिति में रखी थी। 24 मार्च, 2025 को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने भी अपने संबोधन में इस भवन को 'मिनी माता भवन' के नाम से ही संबोधित किया था।
श्री जोगी ने जोर देकर कहा, "विधानसभा अध्यक्ष  रमन सिंह द्वारा जारी निमंत्रण में 'मिनी माता' नाम का जानबूझकर हटाया जाना एक सुनियोजित षड्यंत्र है, जो दलित नेतृत्व और नारी सशक्तिकरण के प्रतीकों को मिटाने की मानसिकता को दर्शाता है। ऐसे में, किसी भी कांग्रेस नेता द्वारा इस कार्यक्रम में शामिल होना न केवल पार्टी के सिद्धांतों के विपरीत होगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की जनता की भावनाओं का सीधा अपमान होगा।"
श्री जोगी ने कांग्रेस हाई कमांड से तीन सूत्रीय मांग करते हुए कहा:
1. इस ऐतिहासिक अन्याय का कड़ा विरोध करें
2. सभी कांग्रेस विधायकों और कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम के बहिष्कार का स्पष्ट निर्देश दें
3. मिनी माता के नाम की संवैधानिक मान्यता सुनिश्चित करवाने के लिए हर संभव प्रयास करें
उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक नैतिक परीक्षा का क्षण है, और उम्मीद जताई कि पार्टी का नेतृत्व छत्तीसगढ़ की जनता के पक्ष में खड़ा होगा।