पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने जल जीवन मिशन योजना में हुए भ्रष्टाचार का लगाया आरोप

कहा - जल जीवन मिशन में हो रहा भारी भ्रष्टाचार, करोड़ो राशि भुगतान के बावजूद कार्य अपूर्ण,ब्लैकलिस्ट के बाद भी पेमेंट किया जा रहा

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालिन सत्र के तीसरे दिन सदन में जल जीवन मिशन के अंतर्गत हुए भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाया। जिस पर श्री कौशिक ने अपने प्रश्नों से  उपमुख्यमंत्री अरुण साव को घेरा । श्री कौशिक ने जल जीवन मिशन को लेकर सवाल उठाते हुए बताया कि विधानसभा बिल्हा अंतर्गत पथरिया  और बिल्हा ब्लॉक में  211 कार्य लक्षित हैं, जिनमें से 91 पूर्ण हो चुके हैं जबकि 119 अब भी अपूर्ण हैं और यह स्पष्ट नहीं है कि इन्हें कब तक पूरा किया जाएगा. उन्होंने भुगतान प्रक्रिया को लेकर भी जानकारी मांगी इसके साथ ही बिना काम पूरा हुए भुगतान किए जाने का आरोप लगाया। श्री कौशिक ने कहा कि फर्जी दस्तावेज के आधार पर करोड़ों अरबों का काम लिया गया है। श्री कौशिक ने बताया है कि बिल्हा ब्लॉक अंतर्गत 49 गाँवों मे से 46 गाँवों का कार्य अपूर्ण है एवं पथरिया ब्लॉक अंतर्गत 70 गांव में. से 65 गाँवों में कार्य अपूर्ण है और  100% राशि का भुगतान कर दिया गया है। जिसकी राशि लगभग 11,315 लाख रुपये का भुगतान बताया गया है। श्री कौशिक ने अपने प्रश्नों में यह भी कहा कि दिसंबर 2024 में जल्द जीवन मिशन को लेकर प्रश्न लगाया गया था जिस पर सात फर्म दोषी पाए गये थे लेकिन केवल 1 ही फर्म विजय सालुंखे के विरुद्ध एफ.आई.आर दर्ज किया गया है। वहीं, अन्य छह फर्मों के विरोध में अनुबंध समाप्त हो गए हैं शेष फर्मो कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। श्री कौशिक ने कहा कि ये करोड़ो रु के घोटाले का मामला है ब्लैकलिस्ट के बाद भी पेमेंट किया जा रहा है। इस मामले पर श्री कौशिक ने माननीय हाईकोट के द्वारा जारी आदेश को उपमुख्यमंत्री अरुण साव को अवगत कराते हुए ईडी के स्तर पर जाँच कराने की मांग की है।

जिस पर लोक निर्माण विभाग के मंत्री अरुण साव ने जवाब में बताया कि अपूर्ण कार्य कब तक पूरा होगा, इसका निश्चित समय-सीमा बताना संभव नहीं है। उन्होंने इस बात को स्वीकार करते हुए कार्यवाही करने की बात कही और कहा कि फर्जी प्रमाण पत्र से काम पाने के बाबत में जांच समिति का गठन किया गया. जांच समिति जो भी निर्णय लेगी उसके अनुसार काम किया जाएगा। यदि एफआईआर करने को कहा जाएगा तो वो भी किया जाएगा जल जीवन मिशन में कोई भी लापरवाही करेगा तो उसे कठोरतम सजा दी जाएगी."। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि माननीय मंत्री जी द्वारा इस बात को स्वीकार किया गया है. कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों ने ठेकेदारों को जानबूझकर काम दिया गया, उनके खिलाफ एफआईआर होगा।  श्री कौशिक ने कहा कि  प्रदेश में जल जीवन मिशन योजना जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक हाई जिसका छत्तीसगढ़ प्रदेश में भारी मात्र में भ्रष्टाचार पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से चलता आ रहा है जो थम नहीं रहा है अधिकारियों और ठेकेदारों के मिलीभगत के चलते यह योजना दुर्दशा में पहुंच गयी है। लेकिन इस मामले पर न कोई उचित कार्यवाही हो रहा है न योजना पूर्ण हो रही है जिससे आर्थित नुकसान हो रहा है यह विषय जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े करता है। माननीय उपमुख्यमंत्री द्वारा जांच की बात कही गयी है जल्द से जल्द इस घोटाले पर जांच होगी और जिम्मेदार पाए जाने वाले व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगा।