सुशासन से संवरता छत्तीसगढ़- विकसित भारत का नया रोल मॉडल

सुशासन से संवरता छत्तीसगढ़- विकसित भारत का नया रोल मॉडल

सुशासन से संवरता छत्तीसगढ़- विकसित भारत का नया रोल मॉडल

  •    विष्णु वर्मा, सहायक संचालक

छत्तीसगढ़ की माटी में इन दिनों विकास और सुशासन की एक नई बयार बह रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य ने प्रगति की एक ऐसी छलांग लगाई है, जो न केवल छत्तीसगढ़ की तस्वीर बदल रही है, बल्कि इसे देश के नक्शे पर विकसित भारत का एक चमकता हुआ रोल मॉडल भी बना रही है। केंद्र की दूरदर्शी नीतियों और राज्य सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति के मेल से छत्तीसगढ़ में आज डबल इंजन की सरकार धरातल पर साफ महसूस की जा रही है। विकास की इस नई इबारत में समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति की खुशहाली सबसे ऊपर है।

गरीब का अपना घर: पहली प्राथमिकता, ठोस कदम
      मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सत्ता संभालते ही सबसे पहला और ऐतिहासिक फैसला समाज के सबसे कमजोर तबके के हक में लिया किया वह था हर गरीब को अपना पक्का मकान देना। सरकार बनते ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को जो रफ्तार मिली, उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है। हाल ही में मुख्यमंत्री के विशेष प्रयासों से एक ही क्लिक में 3 लाख लाभार्थियों के खातों में 1,200 करोड़ रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की गई। सिर्फ गाँव ही नहीं, बल्कि च्ड।ल्-न् 2.0 के जरिए शहरी और मध्यम आय वर्ग के परिवारों को भी बड़ी राहत दी गई है। पुरानी विसंगतियों और तकनीकी खामियों को दूर करने के लिए पूरी व्यवस्था में डप्ै प्दजमहतंजपवद (प्रशासनिक और तकनीकी सुधार) लागू किया गया है, ताकि बिना किसी बिचौलिए और देरी के हर हकदार को उसका घर मिल सके।

केंद्र का साथ और छत्तीसगढ़ को ऐतिहासिक सौगात

      मुख्यमंत्री साय के रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के मंत्र पर केंद्र सरकार ने भी अपनी मुहर लगाई है। बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी शासन का ही नतीजा है कि केंद्र ने छत्तीसगढ़ को 4,400 करोड़ रुपये की विशेष सहायता मंजूर की है, जो देश के किसी भी राज्य को मिली अब तक की सबसे बड़ी प्रोत्साहन राशि है। इसके साथ ही, केंद्रीय बजट 2026-27 में छत्तीसगढ़ के लिए करीब 52 हजार करोड़ रुपये के भारी-भरकम वित्तीय सहयोग की घोषणा की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 4,500 करोड़ रुपये अधिक है। यह भारी आवंटन राज्य के बुनियादी ढांचे के कायाकल्प के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाला है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल कनेक्टिविटी का स्वर्णिम युग

      छत्तीसगढ़ आज सड़कों, ऊर्जा और डिजिटल क्रांति के एक नए दौर से गुजर रहा है। राज्य में सड़कों का जाल बिछता जा रहा है। राज्य में 3,153 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण तेजी से चल रहा है। लगभग 4,500 करोड़ रुपये की लागत से रायपुर-विशाखापत्तनम और रायपुर-रांची जैसे इकोनॉमिक कॉरिडोर पर काम युद्ध स्तर पर जारी है। साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (ब्त्प्थ्) से 664 करोड़ रुपये की लागत से जिला मार्गों को सुधारा जा रहा है।

ऊर्जा और डिजिटल हाईवे

      दूरदराज के अंचलों में सौर ऊर्जा और माइक्रो-ग्रिड के माध्यम से निर्बाध बिजली पहुँचाई जा रही है। वहीं, डिजिटल इंडिया के तहत बस्तर जैसे संवेदनशील और सुदूर क्षेत्रों में ब्रॉडबैंड और बीएसएनएल (ठैछस्)नेटवर्क का जाल बिछाया गया है, जिससे गाँवों में भी शिक्षा, बैंकिंग और ई-कॉमर्स की सुविधाएं आम हो गई हैं।

राष्ट्रीय पटल पर छत्तीसगढ़ का गौरव

       साय सरकार के जमीन से जुड़े कामकाज की गूंज देश की राजधानी तक सुनाई दे रही है। राज्य को उसकी उत्कृष्ट योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को एक साथ 12 राष्ट्रीय पंचायत पुरस्कार दिए गए हैं, जिनमें प्रतिष्ठित “दीनदयाल उपाध्याय पंचायत सशक्तीकरण पुरस्कार” भी शामिल है। मनरेगा, स्वास्थ्य और लघु वनोपज संग्रहण जैसे क्षेत्रों में शानदार प्रदर्शन के लिए राज्य ने 10 अन्य राष्ट्रीय पुरस्कार अपने नाम किए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करते हुए आयुष्मान भारत योजना को और प्रभावी बनाया गया है, साथ ही राज्य के 5 जिलों में नए मेडिकल कॉलेजों के जरिए चिकित्सा तंत्र को आधुनिक रूप दिया जा रहा है।

निवेश, उद्योग और युवाओं की नई उड़ान

       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उद्योग-अनुकूल नीतियों और सिंगल-विंडो सिस्टम ने निवेशकों में एक नया भरोसा जगाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राज्य को 34,427 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है। स्टील और माइनिंग के पारंपरिक उद्योगों के साथ-साथ अब छत्तीसगढ़ में खाद्य-प्रसंस्करण (थ्ववक च्तवबमेेपदह) और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारी निवेश आ रहा है। यह नया औद्योगिक माहौल राज्य के युवाओं के लिए केवल रोजगार ही नहीं, बल्कि उनके हुनर के मुताबिक कौशल-युक्त और स्थायी रोजगार के नए रास्ते खोल रहा है।
 
एक समृद्ध और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़

       मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आज सिर्फ खनिज और उद्योगों की रीढ़ नहीं रह गया है, बल्कि यह अंत्योदय (अंतिम व्यक्ति के उदय) की भावना को सच करने वाला राज्य बन चुका है। तमाम प्रशासनिक चुनौतियों को मात देते हुए साय सरकार ने ग्रामीण आत्मनिर्भरता, शहरी आधुनिकता और युवाओं के सपनों को एक नया आसमान दिया है। केंद्र सरकार के मजबूत सहयोग और मुख्यमंत्री की दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर छत्तीसगढ़ आत्मविश्वास के साथ विकसित भारत के अग्रणी राज्य के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।