माओवाद समाप्ति की ओर, नियद नेल्लानार योजना से ग्रामीणों को मिल रहा लाभ: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपराह्न कोण्डागांव जिला मुख्यालय में आयोजित गांड़ा समाज के बूढ़ादेव महोत्सव में शामिल हुए, जहां पर उन्होंने कुल 01 अरब 27 करोड़ 11 लाख 92 हजार रुपए के 61 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण किया। इन कार्यों में 43 करोड़ 45 लाख 88 हजार रुपए के 35 कार्यों का लोकार्पण और 83 करोड़ 66 लाख 04 हजार रुपए के 26 कार्यों का शिलान्यास शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले में तीन निर्माण कार्यों के लिए घोषणा भी की। समाज के लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश में नक्सलवाद समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के तहत अंदरूनी क्षेत्र के ग्रामीणों को शासन की मूलभूत योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश सरकार लगभग दो साल की अल्पावधि में ही अधिकांश वादों को पूरा कर चुकी है तथा छत्तीसगढ़ को समृद्ध राज्य बनाने की दिशा में हरसंभव प्रयास कर रही है।
जिला मख्यालय कोंडागांव के विकासनगर स्थित स्टेडियम में आयोजित मूल छत्तीसगढ़िया सर्व गांड़ा समाज बूढ़ादेव महोत्सव में मुख्य अतिथि की आसंदी से मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रदेश के किसानों से 15 नवम्बर से धान खरीदी शुरू कर दी गई है। राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में प्रदेश भर में रजत महोत्सव मनाया जा रहा है। श्री साय ने आगे कहा कि प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों की कमी नहीं है, यहां की मिट्टी में भरपूर उर्वरा शक्ति है। उन्होंने कहा कि विकास के लिए शिक्षा बहुत जरूरी है, क्योंकि एक अच्छा किसान, व्यवसायी, राजनेता और सेवक बनने के लिए पढ़ाई अनिवार्य है। मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन में बताया कि प्रदेश में 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए हैं। महतारी वंदन योजना, तेंदुपत्ता संग्राहकों और चरणपादुका योजना के तहत हितग्राहियों को लाभान्वित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के विकास में सबसे बाधा माओवाद आज समाप्ति की ओर है। नियद नेल्लानार योजना के तहत माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में शासन की मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराकर वहां के ग्रामीणों को शासन की योजनाओं से लगातार जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों के साथ ही बस्तर को भी विकास की उंचाइयों तक पहुंचाना है। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले के कोनगुड़ से धनोरा मार्ग निर्माण के लिए 90 लाख रूपए की घोषणा की। इसके अलावा केशकाल से विश्रामपुरी मार्ग हेतु 39 करोड़ रूपए तथा ग्राम कुधूर में अनुसूचित जनजाति बालिका 100 सीटर छात्रावास के लिए 2.71 करोड़ रूपए की भी घोषणा मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान की। साथ ही कोंडागांव विधायक की मांग पर बहुगतिविधि, दिव्यांग सेंटर व कोचिंग सेंटर संचालित करने 1.5 करोड़ रूपए प्रदाय करने का आश्वासन दिया। इसके अलावा गांड़ा समाज की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने की बात मुख्यमंत्री ने कही। इसके पहले, स्थानीय विधायक सुश्री लता उसेंडी अपने संक्षिप्त उद्बोधन में प्रदेश सरकार की उपलब्धियों और कल्याणकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री के आगमन पर समाज के लोगों के पारम्परिक वाद्य यंत्र मोहरी का सामूहिक रूप से वादन कर स्वागत किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने एनआरएलएम की कॉफी टेबल बुक (जर्नी ऑफ डिग्निटी: स्टोरी ऑफ एनआरएलएम कोंडागांव) और महिला बाल विकास विभाग की ओर से प्रारम्भिक बाल्यावस्था देखभाल पर आधारित पुस्तिका का भी विमोचन मुख्यमंत्री ने किया। साथ ही उच्च जोखिम गर्भावस्था (एचआरपी) हेतु हेल्पलाइन नंबर, हेलमेट बैंक एवं सुपोषित विकास चार्ट का भी विमोचन इस दौरान किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश के अनुसूचित जनजाति एवं वन मंत्रीकेदार कश्यप, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव, बस्तर सांसद महेश कश्यप, कांकेर सांसद भोजराज नाग, कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी, केशकाल विधायक नीलकंठ टेकाम, कांकेर विधायक आशाराम नेताम, छ.ग. मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रीता शोरी, बस्तर राज परिवार से कमलचंद्र भंजदेव, पूर्व सांसद कांकेर मोहन मण्डावी, पूर्व कांकेर विधायक शिशुपाल शोरी सहित कलेक्टर सुश्री नुपूर राशि पन्ना, एस.पी. पंकज चंद्रा, जिला पंचायत के सी.ई.ओ अविनाश भोई के अलावा गांडा समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधि प्रदीप कुलदीप, डॉ. किरण बघेल, अशोक चौहान के अलावा बड़ी संख्या में सामाजिकजन और जिलावासी उपस्थित थे।
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