सरकार 32 लाख परिवारों को नवंबर से राशन नहीं देगी
सरकार नवंबर माह से 32 लाख उपभोक्ताओं को राशन नहीं देगी। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि यह सरकार का गलत कदम है, सरकार नहीं चाहती कि सभी को राशन देना पड़े, इसलिए केवायसी का बहाना किया जा रहा। सरकार बनने के बाद सभी राशन कार्ड नए सिरे से बनाए गए थे उनमें मुख्यमंत्री अपनी फोटो छपवाए थे, जब दो-डेढ़ साल पहले राशन कार्ड बनाए गए, बनाते समय भी आधार कार्ड लिया गया था फिर उनको अचानक क्यों रद्द किया जा रहा है। सरकार केवायसी अपडेट का बहाना बनाकर 32 लाख राशन कार्ड रद्द करने जा रही है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की सरकार में तो एपीएल और बीपीएल सभी का, चपरासी से लेकर कलेक्टर, आम जनता और मजदूर से लेकर मालगुजार तक सभी के राशन कार्ड बनाये थे। कांग्रेस की सरकार के दौरान पीडीएस की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पूरे देश में चर्चित थी, 81 लाख परिवार का राशन कार्ड बनाया गया स्थानीय निकाय ग्राम पंचायत, नगर पंचायत और नगर निगमों में सामान्य सभा में सूची प्रकाशित करके दावा आपत्ति मंगाने के बाद अनुमोदन के आधार पर राशन कार्ड जारी किए गए। 2023 में भाजपा की सरकार आने के बाद फिर से एक बार 81 लाख राशन कार्डों को निरस्त कर जनता को नए कार्ड बनवाने लाइन पर लगा दिया। आज भी 32 लाख से ज्यादा परिवार केवाईसी के बिना राशन कार्ड के लिए भटक रहे।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि आम जनता को भोजन का अधिकार मनमोहनसिंह के नेतृत्व वाली यूपीए की सरकारों ने दिया, भाजपा की सरकारों में केवल भ्रष्टाचार हुए। आज भी छत्तीसगढ़ में 3 महीने के राशन के नाम पर केवल अंगूठा लगवाए जा रहे हैं नगदी लेनदेन कर पीडीएस का चावल खुले बाजारों में बेचे जा रहे हैं आदिवासी क्षेत्रों में नमक और चना की आपूर्ति केवल कागजों पर है। भाजपा सरकार के संरक्षण में आम जनता के हक और अधिकार के पीडीएस का राशन बिचौलियों और कालाबाजारी करने वालों के गोदामों में पहुंच रहा है।
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि जब से भारतीय जनता पार्टी के सरकार छत्तीसगढ़ में बनी है तब से पीडीएस के स्टॉक का भौतिक सत्यापन ही नहीं हो रहा है। सहकारी सोसाइटी और उपभोक्ता दुकानें भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के लिए चारागाह बना दिया गया है। छत्तीसगढ़ के गरीबों का राशन में घोटाला कर चावल दूसरे राज्यों में बेचा जा रहा है।
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